Phool Vikas Yojana: आज के समय में खेती से अच्छी आमदनी करना हर किसान का सपना है. इसी सोच को ध्यान में रखते हुए सरकार अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ वैकल्पिक खेती को भी बढ़ावा दे रही है. फूलों की खेती इसी दिशा में एक बेहतरीन विकल्प बनकर सामने आई है. खासतौर पर गेंदा फूल की खेती किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली साबित हो रही है. इसी को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ने फूल (गेंदा) विकास योजना 2025-26 की शुरुआत की है.
क्या है फूल (गेंदा) विकास योजना?
उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग, बिहार की ओर से यह योजना रबी (वासंतिक) मौसम के लिए चलाई जा रही है. योजना राज्य के सभी 38 जिलों में लागू है. इसका मुख्य उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें फूलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है. सरकार इस योजना के तहत गेंदा फूल की खेती पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ कम पड़े.
गेंदा फूल की खेती क्यों है फायदेमंद?
गेंदा फूल की बाजार में साल भर मांग बनी रहती है. पूजा-पाठ, शादी-विवाह और त्योहारों के मौसम में इसकी डिमांड और भी बढ़ जाती है. गेंदा की खेती कम लागत में शुरू की जा सकती है और इसकी पैदावार भी अच्छी होती है. एक हेक्टेयर जमीन पर खेती कर किसान अच्छी आमदनी कमा सकते हैं. साथ ही सरकार की ओर से मिलने वाला अनुदान इस खेती को और लाभकारी बना देता है.
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बिना जमीन वाले किसान भी उठा सकते हैं लाभ
इस योजना की खास बात यह है कि जिन किसानों के पास अपनी जमीन नहीं है, वे भी इसका फायदा ले सकते हैं. ऐसे किसान एकरारनामा (Agreement) के आधार पर योजना का लाभ उठा सकते हैं. हालांकि, जमीन वाले किसानों के लिए एलपीसी और अपडेटेड रसीद होना जरूरी है. अगर किसी किसान का नाम राजस्व रसीद में साफ नहीं है, तो उन्हें वंशावली लगाना अनिवार्य होगा.
कितनी जमीन पर मिलेगा योजना का लाभ?
बिहार सरकार की फूल (गेंदा) विकास योजना के तहत एक किसान को न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर और अधिकतम 2 हेक्टेयर तक अनुदान का लाभ मिल सकता है. योजना का लाभ पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा, इसलिए समय पर आवेदन करना जरूरी है.
कितनी मिलेगी सब्सिडी?
कृषि विभाग के अनुसार, गेंदा फूल की खेती की लागत ₹80,000 प्रति हेक्टेयर तय की गई है. इसमें से सरकार 50 प्रतिशत यानी ₹40,000 प्रति हेक्टेयर तक की सब्सिडी देगी. यह राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी.
बिहार फूल विकास योजना 2025-26 रजिस्ट्रेशन प्रोसेस:
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को DBT पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. फूल खिलने के बाद ब्लॉक उद्यान अधिकारी और जिला अधिकारी द्वारा सत्यापन किया जाएगा. मंजूरी मिलने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी. इसके लिए आपके पास कुछ चीजें होना जरूरी हैं.
- पात्रता: आवेदक को बिहार का निवासी होना चाहिए.
- जरूरी दस्तावेज: आधार कार्ड
- बैंक खाता पासबुक (DBT से लिंक होना चाहिए)
- जमीन से जुड़े कागजात
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
कैसे करें पंजीकरण और आवेदन:
- सबसे पहले बिहार कृषि विभाग की वेबसाइट dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाएं.
- अगर आपका किसान पंजीकरण नहीं है तो ‘पंजीकरण करें’ पर क्लिक करके पहले अपना पंजीकरण कर लें.
- पंजीकरण के बाद ‘ऑनलाइन आवेदन करें’ वाले सेक्शन में जाएं और उद्यान विभाग (Horticulture) की योजनाओं को चुनें.
- फिर फूल विकास योजना (Phool Vikas Yojana) के आवेदन फॉर्म में अपने विवरण भरें और सभी जरूरी दस्तावेज़ अपलोड करें.
बस इतना करने के बाद आपका आवेदन सबमिट हो जाएगा.
योजना का मकसद क्या है?
फूल (गेंदा) विकास योजना शुरू करने के पीछे सरकार का मकसद किसानों की आय बढ़ाना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और वैकल्पिक खेती को बढ़ावा देना है. गेंदा फूल की खेती किसानों के लिए एक अच्छा और सुरक्षित विकल्प बन सकती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके.