Hottest Chillies: भारत की 7 सबसे तीखी मिर्चें, स्वाद बढ़ाने से लेकर सेल्फ डिफेंस तक, जानें कौन सी है सबसे खतरनाक!

Most Spicy Chilli In India: भारत में मिर्च सिर्फ खाने का मसाला नहीं, बल्कि हर व्यंजन की जान है. हर राज्य की मिर्च का अपना अनोखा रंग, तीखापन और खुशबू है, जो खाने का स्वाद दोगुना कर देती है. अगर आप खाने में सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि तीखापन और रंग का मजा भी चाहते हैं, तो आइए जानते हैं भारत की 6 सबसे तीखी और खास मिर्चों के बारे में, जो आपकी रसोई में तड़का लगा सकती हैं.

Isha Gupta
नोएडा | Updated On: 31 Jan, 2026 | 03:05 PM
1 / 6Ghost Pepper (असम/नॉर्थईस्ट): भूत जोलोकिया (Ghost Pepper), जिसे घोस्ट पेपर भी कहा जाता है, दुनिया की सबसे तीखी मिर्चों में से एक है. इसका तीखापन इतना ज्यादा है कि इसे अचार और चटनी में केवल सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल किया जाता है. इसकी ताकत के कारण इसे डिफेंस स्प्रे में भी शामिल किया गया है.

Ghost Pepper (असम/नॉर्थईस्ट): भूत जोलोकिया (Ghost Pepper), जिसे घोस्ट पेपर भी कहा जाता है, दुनिया की सबसे तीखी मिर्चों में से एक है. इसका तीखापन इतना ज्यादा है कि इसे अचार और चटनी में केवल सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल किया जाता है. इसकी ताकत के कारण इसे डिफेंस स्प्रे में भी शामिल किया गया है.

2 / 6Ramanathapuram Mundu chilli (तमिलनाडु): रामनाथपुरम मुंडू मिर्च गोल और लाल रंग की होती है. इसमें मीडियम तीखापन होता है और इसे दक्षिण भारतीय ग्रेवी और सांभर में स्वाद और रंग दोनों बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

Ramanathapuram Mundu chilli (तमिलनाडु): रामनाथपुरम मुंडू मिर्च गोल और लाल रंग की होती है. इसमें मीडियम तीखापन होता है और इसे दक्षिण भारतीय ग्रेवी और सांभर में स्वाद और रंग दोनों बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

3 / 6Jwala Chilli (गुजरात): छोटी और तीखी ज्वाला मिर्च गुजराती व्यंजनों में रोज़ाना इस्तेमाल होती है. यह करी और अचार में तेज़ तीखापन और अनोखा स्वाद जोड़ती है. गुजराती खाने में इसकी तीखापन के बिना व्यंजन अधूरे लगते हैं.

Jwala Chilli (गुजरात): छोटी और तीखी ज्वाला मिर्च गुजराती व्यंजनों में रोज़ाना इस्तेमाल होती है. यह करी और अचार में तेज़ तीखापन और अनोखा स्वाद जोड़ती है. गुजराती खाने में इसकी तीखापन के बिना व्यंजन अधूरे लगते हैं.

4 / 6Black pepper: काली मिर्च का रंग गहरा लाल-काला होता है और इसका स्वाद स्मोकी होता है. इसे खासतौर पर तंदूरी डिश में इस्तेमाल किया जाता है, ताकि खाना हल्का तीखा और रंग में गहरा दिखाई दे. शेफ इसे इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि यह स्वाद और प्रेजेंटेशन दोनों में बैलेंस लाती है.

Black pepper: काली मिर्च का रंग गहरा लाल-काला होता है और इसका स्वाद स्मोकी होता है. इसे खासतौर पर तंदूरी डिश में इस्तेमाल किया जाता है, ताकि खाना हल्का तीखा और रंग में गहरा दिखाई दे. शेफ इसे इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि यह स्वाद और प्रेजेंटेशन दोनों में बैलेंस लाती है.

5 / 6Guntur chilli (आंध्र प्रदेश): गुंटूर मिर्च तेज खुशबू वाली और मीडियम-हॉट स्वाद वाली मिर्च है. यह आंध्र प्रदेश के करी, अचार और चटनी का मुख्य हिस्सा है. बड़े पैमाने पर एक्सपोर्ट होने वाली यह मिर्च आंध्र के तीखे खाने के शौकीनों की पसंद है.

Guntur chilli (आंध्र प्रदेश): गुंटूर मिर्च तेज खुशबू वाली और मीडियम-हॉट स्वाद वाली मिर्च है. यह आंध्र प्रदेश के करी, अचार और चटनी का मुख्य हिस्सा है. बड़े पैमाने पर एक्सपोर्ट होने वाली यह मिर्च आंध्र के तीखे खाने के शौकीनों की पसंद है.

6 / 6Byadagi chilli (कर्नाटक): ब्याडगी मिर्च गहरे लाल रंग और झुर्रीदार स्किन वाली होती है. यह दूसरी मिर्चों की तुलना में कम तीखी होती है, इसलिए इसे स्वाद बढ़ाने और रंग जोड़ने के लिए आदर्श माना जाता है. दक्षिण भारतीय व्यंजनों में इसका इस्तेमाल खासकर स्वाद और दिखावट को बैलेंस करने के लिए किया जाता है.

Byadagi chilli (कर्नाटक): ब्याडगी मिर्च गहरे लाल रंग और झुर्रीदार स्किन वाली होती है. यह दूसरी मिर्चों की तुलना में कम तीखी होती है, इसलिए इसे स्वाद बढ़ाने और रंग जोड़ने के लिए आदर्श माना जाता है. दक्षिण भारतीय व्यंजनों में इसका इस्तेमाल खासकर स्वाद और दिखावट को बैलेंस करने के लिए किया जाता है.

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Published: 31 Jan, 2026 | 01:35 PM

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