Akshaya Tritiya: अक्षय तृतीया पर भूलकर भी न खरीदें ये चीजें, वरना शुभ दिन बन सकता है अशुभ!
Akshaya Tritiya Shopping: अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी, जिसे हिंदू धर्म में बेहद शुभ दिन माना जाता है. इस दिन सोना-चांदी खरीदना और नए काम की शुरुआत करना लाभदायक माना जाता है, लेकिन इस दिन लोहे, काले कपड़े, प्लास्टिक, धारदार चीजें और उधार लेने-देने से बचना चाहिए, ताकि शुभ फल बना रहे.
Akshaya Tritiya 2026: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का पर्व बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन किए गए अच्छे कार्यों का फल कभी खत्म नहीं होता, इसलिए इसे ‘अक्षय’ कहा जाता है. साल 2026 में यह पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा. पंचांग के अनुसार, तृतीया तिथि 19 अप्रैल सुबह 10:49 बजे से शुरू होकर 20 अप्रैल सुबह 7:27 बजे तक रहेगी, लेकिन शुभ मुहूर्त के अनुसार 19 अप्रैल को ही इसे मनाना श्रेष्ठ माना गया है.
क्यों खास है यह दिन?
अक्षय तृतीया को नई शुरुआत, निवेश और खरीदारी के लिए सबसे अच्छा दिन माना जाता है. इस दिन लोग सोना-चांदी खरीदते हैं, नए बिजनेस की शुरुआत करते हैं और शुभ कार्यों में निवेश करते हैं. ऐसा माना जाता है कि इस दिन की गई खरीदारी और निवेश लंबे समय तक फलदायी रहता है. हालांकि यह दिन बेहद शुभ होता है, लेकिन ज्योतिष के अनुसार कुछ ऐसी चीजें भी हैं जिन्हें इस दिन खरीदने से बचना चाहिए. माना जाता है कि गलत वस्तुओं की खरीदारी से सकारात्मक ऊर्जा की जगह नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.
इन चीजों को खरीदने से करें परहेज
- लोहे और स्टील की वस्तुएं: अक्षय तृतीया के दिन लोहे या स्टील से बनी चीजें खरीदना अशुभ माना जाता है. इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने की संभावना रहती है.
- प्लास्टिक और खिलौने: इस दिन प्लास्टिक की वस्तुएं या खिलौने खरीदने से बचना चाहिए. ये चीजें शुभता और समृद्धि का प्रतीक नहीं मानी जातीं.
- काले रंग की चीजें: काले कपड़े या काले रंग की अन्य वस्तुएं इस दिन नहीं खरीदनी चाहिए. ज्योतिष के अनुसार, यह रंग इस शुभ दिन के लिए अनुकूल नहीं माना जाता.
- चाकू, कैंची और धारदार सामान: नुकीली चीजें जैसे चाकू, कैंची या अन्य धारदार वस्तुएं खरीदना भी सही नहीं माना जाता. इससे घर में तनाव और नकारात्मकता बढ़ सकती है.
- शनि से जुड़ी वस्तुएं: इस दिन शनि देव से संबंधित चीजों की खरीदारी से भी बचना चाहिए, क्योंकि इससे जीवन में बाधाएं आ सकती हैं.
उधार लेने-देने से भी बचें
अक्षय तृतीया के दिन उधार लेना या देना भी शुभ नहीं माना जाता. मान्यता है कि इस दिन लिया गया कर्ज लंबे समय तक बना रहता है और आर्थिक परेशानी बढ़ा सकता है. अक्षय तृतीया एक ऐसा पर्व है जो समृद्धि, शुभता और नई शुरुआत का प्रतीक है. इस दिन सही चीजों की खरीदारी और सकारात्मक कार्य करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है. वहीं, कुछ चीजों से परहेज करके इस दिन की शुभता को और भी बढ़ाया जा सकता है. इसलिए इस खास दिन सोच-समझकर कदम उठाना ही सबसे बेहतर होता है.