रसोई का बजट होगा कम! सरकार फिर बेचने जा रही सस्ता भारत आटा-चावल, जानिए नए दाम
हंगाई से परेशान आम लोगों के लिए राहत भरी खबर है. केंद्र सरकार ने भारत ब्रांड के तहत सस्ते आटा और चावल के नए आवंटन को मंजूरी दे दी है. जल्द ही कम कीमत पर राशन उपलब्ध होगा, जिससे परिवारों का मासिक खर्च घटेगा और बाजार की बढ़ती कीमतों पर भी असर पड़ सकता है.
महंगाई के दौर में आम लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बार फिर भारत ब्रांड के तहत सस्ता आटा और चावल की बिक्री का रास्ता साफ कर दिया है. सरकार ने नए आवंटन को मंजूरी दे दी है, जिससे आने वाले समय में कम कीमत पर गेहूं का आटा और चावल उपलब्ध कराया जाएगा. हालांकि बिक्री शुरू होने की तारीख का अभी आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन आवंटन मंजूर होने के बाद जल्द ही इसकी बिक्री शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है. इस कदम का मकसद बाजार में बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण रखना और आम उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना है.
बाजार में महंगाई के बीच सरकार का बड़ा फैसला
पिछले कुछ समय से बाजार में चावल और गेहूं के आटे की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. खुदरा बाजार में चावल करीब 45 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुका है, जबकि गेहूं का आटा औसतन 37 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. ऐसे में सरकार ने भारत ब्रांड के तहत सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने का फैसला लिया है, ताकि आम परिवारों के रसोई बजट पर बढ़ते बोझ को कम किया जा सके.
जानिए भारत आटा और भारत चावल की नई कीमतें
सरकार की योजना के अनुसार भारत आटा 35 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जाएगा. वहीं 30 किलो वाले भारत चावल के पैकेट की कीमत 33 रुपये प्रति किलो तय की गई है. इसके अलावा 5 और 10 किलो के पैकेट अक्टूबर तक 35 रुपये प्रति किलो की दर से मिलेंगे. यदि उपभोक्ता 5 किलो से छोटा पैकेट खरीदते हैं, तो उन्हें 36 रुपये प्रति किलो के हिसाब से भुगतान करना होगा. इन कीमतों का उद्देश्य बाजार की तुलना में उपभोक्ताओं को सस्ता विकल्प देना है.
कम हुआ आवंटन, लेकिन जरूरत पड़ने पर बढ़ सकती है आपूर्ति
इस बार सरकार ने 50 हजार टन गेहूं और 3 लाख टन चावल के आवंटन को मंजूरी दी है. यह मात्रा पहले के चरणों की तुलना में कम है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बाजार में कीमतें और बढ़ती हैं तो सरकार अतिरिक्त आवंटन भी कर सकती है. इसलिए जरूरत के अनुसार बाजार में हस्तक्षेप की संभावना बनी हुई है.
सरकारी गोदामों में भरपूर भंडार, उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
सरकारी गोदामों में इस समय गेहूं और चावल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भारतीय खाद्य निगम (FCI) के पास गेहूं का भंडार पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है और यह निर्धारित बफर स्टॉक से भी ऊपर है. इसी तरह चावल का स्टॉक भी कई वर्षों के उच्च स्तर पर पहुंच चुका है. पर्याप्त भंडार होने से सरकार जरूरत पड़ने पर बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति कर सकती है, जिससे कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी.
सरकार इससे पहले भारत ब्रांड के तहत चना दाल, मूंग दाल और मसूर दाल भी सस्ती दरों पर उपलब्ध करा चुकी है. अब भारत आटा और भारत चावल की वापसी से उम्मीद है कि महंगाई के बीच आम लोगों को फिर से राहत मिलेगी और उन्हें कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न खरीदने का अवसर मिलेगा.