बिहार में 50 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी, डिजिटल पहचान से मिलेगा सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ

Bihar Farmers Digital ID: बिहार सरकार का फार्मर रजिस्ट्री अभियान किसानों को डिजिटल पहचान देने की एक पहल है, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से और सीधे मिल सके. अब तक करीब 50 लाख किसानों का पंजीकरण हो चुका है, जिससे कृषि व्यवस्था और अधिक पारदर्शी व डिजिटल बन रही है.

नोएडा | Published: 28 May, 2026 | 07:12 AM

Farmer Registry Bihar: बिहार सरकार द्वारा चलाया जा रहा फार्मर रजिस्ट्री अभियान राज्य की कृषि व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को एक डिजिटल पहचान देना है, जिससे वे सरकारी योजनाओं, कृषि सेवाओं और लाभों तक आसानी से पहुंच सकें. इसके माध्यम से कृषि क्षेत्र को अधिक संगठित और तकनीक आधारित बनाने की कोशिश की जा रही है.

50 लाख किसानों का सफल पंजीकरण

इस अभियान के तहत अब तक राज्य में करीब 50 लाख किसानों का सफल पंजीकरण हो चुका है. यह दिखाता है कि किसान तेजी से इस डिजिटल व्यवस्था से जुड़ रहे हैं. पंजीकरण के बाद किसानों की पूरी जानकारी एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रखी जाएगी. इससे आगे चलकर सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और बिना किसी गड़बड़ी के किसानों तक पहुंचाया जा सकेगा.

किसानों को मिलेगी डिजिटल पहचान

फार्मर रजिस्ट्री के जरिए हर किसान को एक डिजिटल पहचान कार्ड दिया जाएगा. यह कार्ड एक यूनिक आईडी की तरह काम करेगा, जिससे किसान की पूरी जानकारी एक जगह सुरक्षित रहेगी. इसकी मदद से किसान आसानी से सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे. इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और पूरी प्रक्रिया ज्यादा सरल और पारदर्शी बन जाएगी.

इस अभियान का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब बीज सहायता, उर्वरक सब्सिडी, फसल बीमा और कृषि अनुदान जैसे सरकारी योजनाओं का लाभ डिजिटल सिस्टम के जरिए सीधे किसानों तक पहुंचाई जाएंगी. इससे समय और संसाधनों दोनों की बचत होगी.

कृषि सेवाओं में सुधार और आधुनिकता

फार्मर रजिस्ट्री अभियान से कृषि सेवाओं में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा. किसानों को मौसम की जानकारी, खेती से जुड़ी सलाह और तकनीकी सहायता अब अधिक तेजी से उपलब्ध होगी. इसके अलावा स्मार्ट कृषि व्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे खेती अधिक उत्पादक और लाभकारी बन सकेगी.

सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है – 1800-180-1551 (सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक). इस नंबर के माध्यम से किसान अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं और अभियान से जुड़ी जानकारी भी हासिल कर सकते हैं.

Topics: