नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सम्राट चौधरी बने बिहार के नए CM, बीजेपी ने अपना नेता चुना

Bihar Chief Minister News: बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज अपने पद से इस्तीफा देने वाले हैं. इसके बाद नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी और आज एनडीए की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला होगा. इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा सम्राट चौधरी के नाम की है, लेकिन नित्यानंद राय, रेणु देवी और अन्य नेताओं के नाम भी रेस में हैं.

नोएडा | Updated On: 14 Apr, 2026 | 04:08 PM

Bihar Politics: मंगलवार को बिहार की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में कैबिनेट की आखिरी बैठक के बाद अपना इस्तीफा सौंप दिया. उनके इस्तीफे के साथ ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है और अब सबकी नजरें बीजेपी के सम्राट चौधरी पर टिक गई हैं, क्योंकि राज्य को जल्द ही नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज शाम 4 बजे बिहार विधानसभा के सेंट्रल हॉल में एनडीए की अहम बैठक होगी, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला लिया जाएगा. इसके बाद आज ही नाम का ऐलान हो सकता है, जबकि शपथ ग्रहण समारोह कल होने की संभावना है. करीब दो दशकों तक सत्ता संभालने के बाद नीतीश कुमार का यह कदम बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है.

कौन बनेगा बिहार का नया मुख्यमंत्री?

पूरा बिहार इस समय एक ही सवाल के इर्द-गिर्द घूम रहा है, ‘कौन बनेगा बिहार का अगला मुख्यमंत्री?’ पिछले कई हफ्तों से राजनीतिक हलचल लगातार तेज बनी हुई है और हर ओर संभावित नामों की चर्चा जोरों पर है. सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है कि क्या इस बार भाजपा कोई बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लेगी? क्या किसी महिला चेहरे को मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपी जाएगी? या फिर सामाजिक समीकरण साधते हुए किसी दलित या अति पिछड़े वर्ग के नेता को आगे लाकर नया राजनीतिक संदेश दिया जाएगा?

इन तमाम सवालों के जवाब आज पटना में होने वाली बैठक में मिल सकते हैं.

अटल सभागार में होगी निर्णायक बैठक

पटना के अटल सभागार में बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक होने वाली है. इसमें केंद्रीय नेतृत्व द्वारा भेजे गए पर्यवेक्षक की मौजूदगी में नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला लिया जाएगा. यह बैठक बिहार की राजनीति का भविष्य तय करने वाली मानी जा रही है.

सम्राट चौधरी सबसे आगे क्यों?

मुख्यमंत्री पद की रेस में सम्राट चौधरी का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में आ गया है. इसके पीछे कई राजनीतिक वजहें मानी जा रही हैं, जो लगातार उनकी बढ़ती ताकत की ओर इशारा कर रही हैं. कहा जा रहा है कि अमित शाह की रैली में उन्हें जिस तरह आगे दिखाया गया, उसे एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना गया है. इसके अलावा पार्टी के बड़े नेताओं से उनकी सीधी और मजबूत बातचीत भी उनकी दावेदारी को मजबूत करती है. संगठन में उनकी बढ़ती जिम्मेदारी और प्रभाव भी साफ दिख रहा है.

साथ ही, हाल ही में उनकी सुरक्षा बढ़ाए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में और ज्यादा चर्चाएं शुरू हो गई हैं. इन सभी बातों ने मिलकर सम्राट चौधरी के नाम को मुख्यमंत्री की रेस में और ज्यादा मजबूत बना दिया है.

सुरक्षा बढ़ी, सियासी हलचल तेज

सोमवार शाम से ही सम्राट चौधरी के सरकारी आवास की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है. वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और निगरानी टीम को भी सक्रिय कर दिया गया है, जिससे हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है. साथ ही इलाके में चेकिंग अभियान भी तेज कर दिया गया है. इसी बीच कई बड़े नेताओं की बंद कमरे में हो रही बैठकों ने राजनीतिक माहौल को और ज्यादा गर्मा दिया है. इन बैठकों के बाद सियासी गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं.

अन्य दावेदार भी रेस में शामिल

हालांकि, मुख्यमंत्री पद की रेस सिर्फ एक नाम तक सीमित नहीं है. कई और नेता भी चर्चा में हैं:

हर नाम के पीछे अपनी-अपनी राजनीतिक रणनीति और जातीय समीकरण माने जा रहे हैं.

क्या बीजेपी खेलेगी ‘सरप्राइज कार्ड’?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा अक्सर आखिरी समय पर ऐसा बड़ा फैसला लेती है, जिससे सभी राजनीतिक समीकरण बदल जाते हैं और विरोधी भी हैरान रह जाते हैं. इस बार भी कई तरह की चर्चाएं तेज हैं कि पार्टी किस दिशा में दांव लगा सकती है. माना जा रहा है कि भाजपा इस बार महिला चेहरे को आगे कर सकती है, जिससे एक नया संदेश दिया जा सके. इसके अलावा दलित समुदाय से किसी नेता को मौका देने की भी संभावनाएं जताई जा रही हैं. वहीं, कुछ जानकार यह भी मानते हैं कि पार्टी सवर्ण और पिछड़े वर्ग के बीच संतुलन साधते हुए किसी मजबूत चेहरे को मैदान में उतार सकती है.

 

Published: 14 Apr, 2026 | 10:53 AM

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