Bihar CM: बिहार में पहली बार बीजेपी का सीएम, सम्राट चौधरी बने नए मुख्यमंत्री, राजभवन में ली शपथ

Samrat Choudhary: सम्राट चौधरी ने बिहार के 21वें मुख्यमंत्री के रूप में आज शपथ ली, जिससे लंबे समय से चल रहा नीतीश कुमार का कार्यकाल समाप्त हो गया. यह बदलाव बिहार की राजनीति में एक बड़े सत्ता परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है. बीजेपी ने पहली बार सीधे राज्य की कमान संभाली है. सम्राट चौधरी पहले डिप्टी सीएम और गृह मंत्री रह चुके हैं और उनका मुख्यमंत्री बनना राजनीतिक और जातीय समीकरणों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

नोएडा | Updated On: 15 Apr, 2026 | 11:26 AM

Bihar New CM: बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है, जहां वरिष्ठ बीजेपी नेता सम्राट चौधरी ने राज्य के 21वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. इस फैसले के साथ ही लंबे समय से मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार के कार्यकाल का अंत हो गया. यह शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में आयोजित किया गया, जहां राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इस मौके पर एनडीए के कई बड़े नेता और सहयोगी दल मौजूद रहे.

सत्ता परिवर्तन और नई राजनीतिक शुरुआत

सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही बिहार में सत्ता का नया अध्याय शुरू हो गया है. बीजेपी ने पहली बार राज्य की कमान सीधे अपने हाथ में ली है, जो राज्य की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है. इससे पहले सम्राट चौधरी डिप्टी सीएम और गृह मंत्री की भूमिका निभा चुके हैं, जिससे प्रशासनिक अनुभव और मजबूत नेतृत्व क्षमता का संकेत मिलता है.

राजनीतिक सफर और संघर्ष

सम्राट चौधरी ने 2017 में बीजेपी का दामन थामा और धीरे-धीरे पार्टी संगठन में अपनी मजबूत पकड़ बनाई. उनकी छवि एक आक्रामक और रणनीतिक नेता के रूप में उभरी. अपने राजनीतिक सफर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और सरकार में अहम फैसलों में भूमिका निभाई, जिससे उनका कद लगातार बढ़ता गया.

जातीय समीकरण और राजनीतिक महत्व

बिहार की राजनीति में जातीय समीकरण हमेशा महत्वपूर्ण रहे हैं. सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना इसलिए भी अहम है क्योंकि वे कोइरी (कुशवाहा) समुदाय से आते हैं. वे इस समुदाय से मुख्यमंत्री बनने वाले केवल दूसरे नेता हैं. इससे पहले 1968 में सतीश प्रसाद सिंह कुछ समय के लिए इस पद पर रहे थे, हालांकि उनका कार्यकाल बहुत छोटा रहा. सम्राट चौधरी का नाम बिहार के उन नेताओं में शामिल हो गया है, जिन्होंने उपमुख्यमंत्री से मुख्यमंत्री तक का सफर तय किया है. इस सूची में भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जैसे दिग्गज भी शामिल हैं. हालांकि उनका राजनीतिक सफर तेज रहा, लेकिन यह उनकी मजबूत पकड़ और संगठन में प्रभाव को दर्शाता है.

नीतीश युग का अंत और नई उम्मीदें

नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में एक लंबे राजनीतिक युग का अंत हो गया है. अब नई सरकार से विकास, रोजगार और प्रशासनिक सुधार की उम्मीदें बढ़ गई हैं. सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य की राजनीतिक स्थिरता और विकास को आगे बढ़ाना होगी.

सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत है. यह बदलाव आने वाले समय में राज्य के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को नया आकार दे सकता है.

Published: 15 Apr, 2026 | 11:19 AM

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