खेती में हादसे से बचना है तो ऐसे जोड़ें ट्रैक्टर से कृषि उपकरण, काम होगा तेज और सुरक्षित भी

Tractor implement: जुताई, बुवाई, गुड़ाई, ढुलाई या खेत की सफाई हर काम में ट्रैक्टर और उससे जुड़े कृषि उपकरण अहम भूमिका निभाते हैं. लेकिन कई बार किसान जल्दबाजी में उपकरण जोड़ देते हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है या मशीन की कार्यक्षमता कम हो जाती है.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 18 Feb, 2026 | 08:25 AM

Tractor implement: खेती में ट्रैक्टर आज हर किसान की ताकत बन चुका है. जुताई, बुवाई, गुड़ाई, ढुलाई या खेत की सफाई हर काम में ट्रैक्टर और उससे जुड़े कृषि उपकरण अहम भूमिका निभाते हैं. लेकिन कई बार किसान जल्दबाजी में उपकरण जोड़ देते हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है या मशीन की कार्यक्षमता कम हो जाती है. सही तरीके से फार्म इम्प्लीमेंट्स जोड़ना सिर्फ तकनीकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि सुरक्षा और बेहतर उत्पादन की गारंटी भी है.

अगर ट्रैक्टर और उपकरण का जुड़ाव मजबूत और संतुलित होगा, तो काम तेज, सुरक्षित और कम खर्च में पूरा होगा. आइए जानते हैं कि ट्रैक्टर से कृषि उपकरण जोड़ते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है.

शुरुआत से पहले सही तैयारी क्यों जरूरी है?

किसी भी उपकरण को जोड़ने से पहले ट्रैक्टर को समतल जमीन पर खड़ा करें. इंजन बंद कर दें और पार्किंग ब्रेक लगाना न भूलें. यह सबसे पहला और महत्वपूर्ण सुरक्षा कदम है. उपकरण की स्थिति भी जांच लें. कहीं जंग, दरार, ढीले बोल्ट या तेल का रिसाव तो नहीं है? अगर पहले से कोई खराबी है, तो उसे ठीक किए बिना उपकरण न जोड़ें. छोटी सी लापरवाही आगे चलकर बड़ा नुकसान कर सकती है.

ट्रैक्टर और उपकरण को एक सीध में लाना

ट्रैक्टर को धीरे-धीरे पीछे करते हुए उपकरण के करीब लाएं. ध्यान रखें कि ट्रैक्टर के हिच पॉइंट और उपकरण के जोड़ एक सीध में हों. अगर दोनों का स्तर बराबर नहीं होगा तो जोड़ने में परेशानी आएगी और पिन सही तरह फिट नहीं होंगे. जरूरत पड़े तो हाइड्रोलिक लिफ्ट आर्म्स की मदद से ऊंचाई एडजस्ट करें. जल्दबाजी न करें, क्योंकि सही अलाइनमेंट ही मजबूत कनेक्शन की बुनियाद है.

थ्री-पॉइंट हिच सिस्टम का सही उपयोग

अधिकांश कृषि उपकरण थ्री-पॉइंट हिच से जुड़े होते हैं. सबसे पहले लोअर हिच आर्म्स को उपकरण के दोनों ओर बने छेदों में सावधानी से फिट करें. पिन डालकर उन्हें लॉकिंग क्लिप से सुरक्षित कर दें. इसके बाद टॉप लिंक जोड़ें. टॉप लिंक की लंबाई इस तरह सेट करें कि उपकरण सीधा और संतुलित रहे. अगर उपकरण आगे या पीछे झुका रहेगा तो काम की गुणवत्ता प्रभावित होगी.

PTO और हाइड्रोलिक कनेक्शन में सावधानी

कुछ उपकरण जैसे रोटावेटर, सीड ड्रिल या स्प्रेयर चलाने के लिए पीटीओ (Power Take-Off) की जरूरत होती है. पीटीओ शाफ्ट को मजबूती से जोड़ें और लॉकिंग सिस्टम ठीक से फिट करें. सुरक्षा कवर लगाना बहुत जरूरी है, क्योंकि खुला पीटीओ गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है. यदि उपकरण में हाइड्रोलिक पाइप लगे हैं, तो उन्हें सही पोर्ट में जोड़ें. पाइप ढीले न रहें और कहीं से तेल रिसाव न हो.

बैलेंस और स्थिरता की जांच

उपकरण जोड़ने के बाद ट्रैक्टर स्टार्ट करें और हाइड्रोलिक लिफ्ट से उसे हल्का ऊपर उठाएं. देखें कि वह संतुलित है या नहीं. अगर हिल रहा है या किसी एक तरफ ज्यादा झुक रहा है, तो टॉप लिंक और आर्म्स की सेटिंग दोबारा जांचें. किसान को यह भी देखना चाहिए कि सभी बोल्ट और पिन पूरी तरह टाइट हों.

ट्रायल रन क्यों है जरूरी?

काम शुरू करने से पहले छोटा सा ट्रायल जरूर करें. ट्रैक्टर को धीमी गति से चलाएं और उपकरण की कार्यप्रणाली देखें. अगर कोई असामान्य आवाज, कंपन या झटका महसूस हो तो तुरंत ट्रैक्टर रोकें और जांच करें. ट्रायल रन से आप संभावित समस्या को पहले ही पकड़ सकते हैं और बड़ी खराबी से बच सकते हैं.

काम के दौरान भी रखें नजर

एक बार उपकरण जुड़ जाने के बाद भी नियमित निगरानी जरूरी है. खेत में काम करते समय समय-समय पर पिन और जोड़ चेक करते रहें. लंबा समय काम करने के बाद ढीलापन आ सकता है. उपकरण की सफाई और रखरखाव भी उतना ही जरूरी है. काम खत्म होने के बाद मिट्टी और धूल साफ करें और जरूरत हो तो ग्रीसिंग करें.

किसानों के लिए अंतिम सलाह

ट्रैक्टर से उपकरण जोड़ना कोई मुश्किल काम नहीं है, लेकिन सही प्रक्रिया का पालन करना बेहद जरूरी है. सुरक्षा को हमेशा प्राथमिकता दें. निर्माता की गाइडलाइन पढ़ें और ट्रैक्टर की क्षमता के अनुसार ही उपकरण का उपयोग करें.

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