सर्दियों में ट्रैक्टर स्टार्ट नहीं हो रहा? इन आसान तरीकों से मिनटों में होगा चालू

सर्दियों में ट्रैक्टर स्टार्ट न होने की सबसे बड़ी वजह बैटरी भी होती है. ठंड में बैटरी का फ्लूड सुस्त हो जाता है, जिससे वह पूरी पावर नहीं दे पाती. अगर बैटरी कमजोर है, तो ठंड में यह समस्या और बढ़ जाती है. रात को ट्रैक्टर खड़ा करने से पहले बैटरी की जांच जरूर करें.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 16 Jan, 2026 | 03:34 PM

Tractor maintenance: जैसे-जैसे ठंड बढ़ती है, वैसे-वैसे किसानों की रोजमर्रा की परेशानियां भी बढ़ने लगती हैं. खासकर सुबह-सुबह खेत जाने से पहले जब ट्रैक्टर स्टार्ट करने की बारी आती है, तो कई बार इंजन जवाब देने लगता है. चाबी घुमाने पर भी ट्रैक्टर देर से चालू होता है या कई कोशिशों के बाद ही स्टार्ट होता है. सर्दियों में यह समस्या आम है, लेकिन थोड़ी समझदारी और सही देखभाल से इसे आसानी से दूर किया जा सकता है. अगर आपके ट्रैक्टर को भी ठंड में स्टार्ट होने में दिक्कत आ रही है, तो ये जानकारी आपके बहुत काम आने वाली है.

सर्दी में ट्रैक्टर स्टार्ट होने में दिक्कत क्यों आती है

ठंड के मौसम में तापमान गिरने से ट्रैक्टर के इंजन पर सीधा असर पड़ता है. रात के समय ज्यादा ठंड पड़ने से इंजन ऑयल गाढ़ा हो जाता है और डीजल का प्रवाह भी धीमा पड़ जाता है. जब इंजन ऑयल ठीक से बह नहीं पाता, तो स्टार्ट करते समय अल्टरनेटर पर ज्यादा दबाव पड़ता है. इसके अलावा ठंड में बैटरी की क्षमता भी कम हो जाती है, जिससे पूरी चार्ज बैटरी भी कम पावर देती है. यही कारण है कि सर्दियों में ट्रैक्टर देर से या मुश्किल से स्टार्ट होता है.

ट्रैक्टर खड़ा करने का सही तरीका अपनाएं

सर्दियों में ट्रैक्टर को कहां और कैसे खड़ा किया जाता है, इसका असर सीधे स्टार्टिंग पर पड़ता है. खुले में खड़े ट्रैक्टर पर रात में ओस गिरती है, जिससे इंजन और फ्यूल सिस्टम में नमी जम जाती है. यह नमी इंजन को और ज्यादा ठंडा कर देती है. कोशिश करें कि रात के समय ट्रैक्टर को किसी गैराज, शेड या छप्पर के नीचे खड़ा करें. अगर ऐसी सुविधा नहीं है, तो ट्रैक्टर को तिरपाल से ढक देना भी एक अच्छा उपाय है. इससे इंजन और डीजल ज्यादा ठंडे नहीं होंगे और सुबह स्टार्ट करना आसान रहेगा.

बैटरी की देखभाल बेहद जरूरी

सर्दियों में ट्रैक्टर स्टार्ट न होने की सबसे बड़ी वजह बैटरी भी होती है. ठंड में बैटरी का फ्लूड सुस्त हो जाता है, जिससे वह पूरी पावर नहीं दे पाती. अगर बैटरी कमजोर है, तो ठंड में यह समस्या और बढ़ जाती है. रात को ट्रैक्टर खड़ा करने से पहले बैटरी की जांच जरूर करें. अगर बैटरी पूरी तरह चार्ज नहीं है, तो उसे चार्ज कर लें. बहुत ज्यादा ठंड वाले इलाकों में किसान रात में बैटरी निकालकर घर के अंदर हल्की गर्म जगह पर रख देते हैं और सुबह फिर से ट्रैक्टर में लगा देते हैं. इससे बैटरी की क्षमता बनी रहती है और ट्रैक्टर जल्दी स्टार्ट हो जाता है.

इंजन को हल्का गर्म करना भी कारगर

अगर ट्रैक्टर फिर भी स्टार्ट नहीं हो रहा है, तो इंजन को हल्का गर्म करना मददगार साबित हो सकता है. इसके लिए एक बाल्टी गुनगुना पानी लेकर इंजन के ऊपर बोनट पर डाल सकते हैं. जरूरत हो तो फ्यूल पाइप के आसपास भी थोड़ा गर्म पानी डाला जा सकता है. इससे इंजन और डीजल का तापमान थोड़ा बढ़ जाता है और ऑयल पतला होने लगता है, जिससे स्टार्टिंग आसान हो जाती है. ध्यान रखें कि पानी बहुत ज्यादा गर्म न हो और सीधे इलेक्ट्रिक हिस्सों पर न जाए.

सही रखरखाव से सर्दी की समस्या होगी दूर

सर्दियों से पहले ट्रैक्टर की सर्विस करा लेना बहुत फायदेमंद होता है. इंजन ऑयल, एयर फिल्टर और फ्यूल फिल्टर की समय पर जांच और बदलाव से ठंड में आने वाली कई समस्याएं खुद-ब-खुद खत्म हो जाती हैं. अच्छी क्वालिटी का इंजन ऑयल इस्तेमाल करना भी जरूरी है, जो कम तापमान में ज्यादा गाढ़ा न हो.

आधुनिक ट्रैक्टर देते हैं ज्यादा सहूलियत

आजकल बाजार में ऐसे आधुनिक ट्रैक्टर उपलब्ध हैं, जो ठंडे मौसम में भी आसानी से स्टार्ट हो जाते हैं. इनमें बेहतर बैटरी सिस्टम और एडवांस इंजन तकनीक दी जाती है. महिंद्रा, स्वराज, सोनालीका, जॉन डियर, मैसी फर्ग्यूसन और न्यू हॉलैंड जैसी कंपनियों के ट्रैक्टर किसानों के बीच इसलिए लोकप्रिय हैं, क्योंकि ये हर मौसम में भरोसेमंद प्रदर्शन देते हैं.

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