नीतीश कुमार के बाद बिहार की कुर्सी पर कौन? CM की रेस में 3 बड़े नाम, शिवराज सिंह की बैठक में होगा ऐलान!
Bihar CM Candidate: 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक करेंगे. इसके बाद उनके इस्तीफा देने की संभावना जताई जा रही है. इससे बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव हो सकता है. सरकार बदलने की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं. अब सभी की नजर इस बात पर है कि आगे बिहार का नया मुख्यमंत्री कौन होगा.
Bihar CM Face: बिहार एक बार फिर बड़े राजनीतिक बदलाव के दौर में प्रवेश कर चुका है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को होने वाली अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक के बाद पद छोड़ने की तैयारी में हैं. इस फैसले के साथ ही राज्य की सत्ता का अगला चेहरा कौन होगा, इस पर पूरे देश की नजरें टिक गई हैं. भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JD(U)) दोनों ही दलों में हलचल तेज हो गई है.
इसके साथ ही आपके बता दें कि, नए मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया अब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की निगरानी में होगी. पार्टी ने आधिकारिक पत्र जारी करते हुए बताया कि संसदीय बोर्ड ने उन्हें केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.
आखिरी कैबिनेट बैठक और इस्तीफे की प्रक्रिया
14 अप्रैल को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक करेंगे. इसके बाद उनके राज्यपाल को इस्तीफा देने की संभावना है. सरकारी स्तर पर सत्ता बदलने की तैयारी पहले ही पूरी कर ली गई है और इसके लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस भी तय की जा रही है. साथ ही, यह भी देखा गया है कि नीतीश कुमार ने अपना सरकारी आवास खाली करना शुरू कर दिया है, जिससे माना जा रहा है कि वे जल्द ही इस्तीफा दे सकते हैं.
बीजेपी के लिए ऐतिहासिक मौका
इस बार का राजनीतिक समीकरण बेहद खास है क्योंकि पहली बार BJP बिहार विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. 243 सीटों वाली विधानसभा में NDA ने 202 सीटें जीतकर मजबूत बहुमत हासिल किया है. BJP ने 89 सीटें जीती हैं, जबकि उसकी सहयोगी JD(U) को 85 सीटें मिली हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री पद को लेकर बीजेपी की भूमिका सबसे अहम हो गई है.
शिवराज सिंह चौहान को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी
बिहार की सियासत में नए मुख्यमंत्री को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच बीजेपी ने एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है. पार्टी ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी दे दी है. भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि बिहार में विधायक दल के नेता, यानी नए मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया अब शिवराज सिंह चौहान की निगरानी में होगी. पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में बताया गया कि संसदीय बोर्ड ने उन्हें केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.
इस फैसले के बाद साफ हो गया है कि बिहार में सीएम के नाम पर अंतिम मुहर लगाने में शिवराज सिंह चौहान की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है और उनकी निगरानी में ही अगला नेतृत्व तय किया जाएगा.
मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार
राजनीतिक हलकों में तीन नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं:
- सम्राट चौधरी: वर्तमान में उपमुख्यमंत्री और गृह विभाग संभाल रहे सम्राट चौधरी को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है. कुशवाहा समुदाय से आने वाले सम्राट का नेतृत्व OBC वोट बैंक को मजबूत कर सकता है.
- नित्यानंद राय: केंद्रीय मंत्री और चार बार विधायक रह चुके नित्यानंद राय भी इस रेस में बड़े नाम हैं. उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के रूप में भी संगठन को मजबूत किया है.
- दिलीप कुमार जायसवाल: तीन बार विधान परिषद सदस्य और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रह चुके जायसवाल भी दावेदारों की सूची में शामिल हैं.
नया राजनीतिक समीकरण और पारिवारिक चर्चा
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि JD(U) की ओर से नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री पद के लिए आगे किया जा सकता है. यह कदम पार्टी में नेतृत्व की नई पीढ़ी को स्थापित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
बीजेपी ने शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, जो इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे. पटना में दोनों दलों के विधायकों को बुला लिया गया है. आने वाले 48 घंटे बिहार की राजनीति की दिशा और नए मुख्यमंत्री के नाम को तय करने वाले साबित हो सकते हैं.