गन्ना किसानों के लिए बड़ी सौगात, बंद पड़ी रैयाम और सकरी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने की तैयारी

Bihar Sugar Mill Revival: बिहार सरकार बंद पड़ी रैयाम और सकरी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने की तैयारी कर रही है. इन मिलों को सहकारी मॉडल के तहत चलाया जाएगा, जिसमें स्थानीय गन्ना किसान भी सदस्य बनकर भागीदार होंगे. दरभंगा और मधुबनी के 2401 गाँव इस योजना से जुड़े हैं.

नोएडा | Updated On: 18 Jun, 2026 | 08:53 PM

Bihar Cooperative Sugar Mills: बिहार के गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. राज्य में लंबे समय से बंद पड़ी रैयाम और सकरी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने की दिशा में तेज़ी से काम हो रहा है. इस बार इन मिलों को सहकारी मॉडल के तहत पुनर्जीवित करने की योजना बनाई गई है, जिससे स्थानीय किसानों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित हो सके.

दरभंगा और मधुबनी जिलों में इसके लिए प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समितियों के गठन को मंजूरी दे दी गई है. इन समितियों में आसपास के गन्ना उत्पादक किसानों को सदस्य बनाया जाएगा, ताकि वे न सिर्फ सप्लायर हों बल्कि मिल के संचालन में भी सक्रिय भूमिका निभा सकें.

सरकार ने तेज की प्रक्रिया, डीपीआर तैयार

सहकारिता विभाग ने इस प्रोजेक्ट पर अब तेजी से काम शुरू कर दिया है और इसे काफी गंभीरता से लिया जा रहा है. हाल ही में सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने इस पूरे मामले की समीक्षा की और अधिकारियों को कहा कि सभी जरूरी काम जल्दी पूरे किए जाएं. बैठक में यह भी बताया गया कि रैयाम चीनी मिल की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) पहले ही तैयार हो चुकी है. यह रिपोर्ट राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ ने विभाग को सौंप दी है. अब इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

2401 गांव होंगे परियोजना से जुड़े

गन्ना उद्योग विभाग ने दोनों चीनी मिलों के लिए क्षेत्र निर्धारण की अधिसूचना भी जारी कर दी है. इसके तहत कुल 2401 गांवों को आरक्षित क्षेत्र में शामिल किया गया है, जहां के किसानों को इस योजना से जोड़ा जाएगा.

रैयाम चीनी मिल क्षेत्र

सकरी चीनी मिल क्षेत्र

इन सभी गांवों के गन्ना उत्पादकों को सहकारी समितियों के माध्यम से सीधे चीनी मिलों से जोड़ा जाएगा.

किसानों को क्या होंगे बड़े फायदे?

इन चीनी मिलों के दोबारा शुरू होने से क्षेत्र के किसानों को कई स्तर पर लाभ मिलने की उम्मीद है. सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसानों को अब अपने गन्ने को दूर नहीं ले जाना पड़ेगा.

सरकार का मानना है कि यह पहल न सिर्फ किसानों की आय बढ़ाएगी, बल्कि पूरे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी.

सदस्य बनने के नियम तय

सहकारी समितियों में शामिल होने के लिए कुछ नियम भी निर्धारित किए गए हैं.

ऑनलाइन पोर्टल से आसान होगी सदस्यता

किसानों की सुविधा के लिए सरकार एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी तैयार कर रही है. इसके जरिए किसान घर बैठे ही सहकारी समिति की सदस्यता के लिए आवेदन कर सकेंगे. इसके साथ ही पंचायत और गांव स्तर पर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इस योजना से जुड़ सकें और इसका लाभ उठा सकें.

Published: 18 Jun, 2026 | 04:27 PM

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