Bypoll Results: बांकीपुर में बदला सियासी खेल, BJP के गढ़ से जीते प्रशांत किशोर.. दतिया में कांग्रेस ने मारी बाजी
Bankipur Bypoll Result: बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा के मजबूत गढ़ में जीत दर्ज की. उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को 18,953 वोटों से हराया. शुरुआती रुझानों में भाजपा आगे थी, लेकिन मतगणना बढ़ने के साथ तस्वीर बदल गई. जीत के बाद प्रशांत किशोर ने इसे बिहार की जनता के बदलाव के संदेश के रूप में बताया.
Bypoll Results: बिहार की राजनीति में कई बार ऐसा हुआ है जब शुरुआती रुझानों ने एक कहानी दिखाई, लेकिन अंतिम नतीजों ने पूरी तस्वीर बदल दी. बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला. मतगणना शुरू होते ही शुरुआती रुझानों में भाजपा आगे नजर आई. लेकिन जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, तस्वीर पूरी तरह बदल गई. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर लगातार बढ़त बनाते गए और आखिरकार उन्होंने बांकीपुर सीट पर जीत दर्ज कर ली. अंतिम परिणाम में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने 63,203 वोट हासिल किए. उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को 18,953 वोटों से हराया.
भाजपा के गढ़ में बड़ी सेंध
बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है. ऐसे में इस सीट पर जन सुराज की जीत को सिर्फ एक उपचुनाव का परिणाम नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बिहार की बदलती राजनीति का बड़ा संकेत माना जा रहा है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस नतीजे ने आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राज्य की सियासी चर्चा को नया मोड़ दे दिया है. यह नतीजा कई लोगों को साल 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव की भी याद दिला रहा है. उस समय भी शुरुआती रुझानों में भाजपा के पक्ष में माहौल दिखा था, लेकिन अंतिम नतीजों में महागठबंधन ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया था.
जीत के बाद क्या बोले प्रशांत किशोर?
जीत के बाद प्रशांत किशोर ने बांकीपुर की जनता का आभार जताया. उन्होंने कहा कि राजनीति में जीत और हार दोनों सामान्य बातें हैं, लेकिन जनता का भरोसा सबसे बड़ी ताकत होता है. उन्होंने कहा कि वह ऐसे बड़े-बड़े वादे नहीं करेंगे कि बांकीपुर रातों-रात किसी बड़े शहर जैसा बन जाएगा, लेकिन अगले दो महीनों में लोगों को बदलाव जरूर दिखाई देगा.
उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि बिहार के बेहतर भविष्य के लिए है. उनका कहना था कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है ताकि बिहार के युवाओं को नौकरी की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े. साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बिहार के युवाओं की समस्याओं पर विशेष ध्यान देने की अपील की.
भाजपा नेतृत्व को भी दिया बड़ा संदेश
प्रशांत किशोर ने जीत के बाद भाजपा के नेतृत्व पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भाजपा का लगभग 30 साल पुराना गढ़ महज 30 दिनों में ढह गया. उनके मुताबिक यह चुनाव केवल गली, सड़क या नाली जैसे स्थानीय मुद्दों पर नहीं लड़ा गया, बल्कि जनता ने अपने वोट के जरिए बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है. उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर की जनता ने भाजपा नेतृत्व को यह संकेत दिया है कि, बिहार में मुख्यमंत्री पद के लिए नए चेहरे पर विचार करने की जरूरत है. उन्होंने ने कहा कि, भाजपा का 30 साल का गढ़ 30 दिन में ढह गया.
उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता अब सिर्फ मुफ्त राशन और जाति की राजनीति नहीं, बल्कि पढ़ाई और रोजगार चाहती है. प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी किसी से व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, लेकिन उन्होंने बीजेपी से आग्रह किया कि बहुमत होने के बावजूद बिहार को एक ईमानदार और काबिल मुख्यमंत्री दिया जाए.
बिहार की राजनीति के लिए क्यों अहम है यह जीत?
बांकीपुर का उपचुनाव सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं माना जा रहा. यह नतीजा आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के लिए बड़ा संकेत है. भाजपा के मजबूत गढ़ में जन सुराज की जीत ने यह दिखाया है कि, राज्य की राजनीति में नए समीकरण बन रहे हैं. अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या यह जीत आगे भी जन सुराज के लिए नई राजनीतिक ताकत साबित होती है या फिर यह सिर्फ उपचुनाव तक सीमित रहती है.
दूसरे राज्यों में भी आए उपचुनाव के नतीजे
बिहार के साथ-साथ अन्य राज्यों के उपचुनावों के नतीजे भी सामने आए हैं. मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने भाजपा के आशुतोष तिवारी को 6,053 वोटों से हराकर जीत दर्ज की. वहीं गुजरात की मंजलपुर सीट पर भाजपा के सतीश पटेल ने कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 30,630 से ज्यादा वोटों के बड़े अंतर से हराया. वहां भाजपा को 55,481 और कांग्रेस को 24,851 वोट मिले.