केंद्र सरकार ने कच्चे जूट का MSP 275 रुपये बढ़ाया, किसानों से खरीद के लिए 430 करोड़ का ऐलान

Raw Jute MSP: केंद्रीय कैबिनेट ने जूट किसानों को बड़ी राहत देते कच्चे जूट के एमएसपी को बढ़ाने का ऐलान किया है. कच्चे जूट की नई खरीद के लिए केंद्र की ओर से 430 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है.

नई दिल्ली | Updated On: 24 Feb, 2026 | 04:17 PM

केंद्र सरकार ने जूट के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाने की घोषणा कर दी है. कैबिनेट डिसीजन की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि किसानों से कच्चा जूट खरीदने के लिए 430 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है. उन्होंने बताया कि जूट किसानों को 2014 से अब तक ढाई गुना की बढ़ोत्तरी एमएसपी में की गई है. इसके साथ ही केंद्र सरकार ने केरला राज्य का नाम केरलम करने का फैसला किया है. केंद्रीय कैबिनेट ने राज्य का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. राज्य सरकार और राज्य विधानसभा से प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी. पहले यह बिल संसद में जाएगा और राज्य की विधानसभा की अनुमति के बाद नाम बदला जाएगा.

40 लाख जूट किसानों के लिए केंद्र की बड़ी सौगात

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि कच्चे जूट के लिए एमएसपी बढ़ाने की घोषणा कर दी है. उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में कच्चे जूट का सबसे बड़ा उत्पादक है. केंद्र सरकार के इस फैसले से देश के लगभग 40 लाख से अधिक जूट किसानों को लाभ पहुंचेगा. बता दें कि जूट की सप्लाई और कीमतों को बढ़ाने के लिए किसान और जूट एसोसिएशन लंबे समय से मांग कर रहे थे, जिसे अब केंद्र सरकार ने पूरा कर दिया है.

कच्चे जूट के एमएसपी में 275 रुपये की बढ़ोत्तरी का ऐलान

कैबिनेट ने 2026-27 मार्केटिंग सीजन के लिए कच्चे जूट (TD-3 ग्रेड) के मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) को 5,925 रुपये प्रति क्विंटल पर मंजूरी दी. 2025-26 के मुकाबले 275 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है. पिछले सीजन में कच्चे जूट (टीडी-3 ग्रेड) का एमएसपी 2025-26 सीजन के लिए 5,650 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था. इसमें अब 275 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी की गई है.

कच्चे जूट की दूसरी किस्मों और ग्रेड के लिए MSP कच्चे जूट (TD-3) के MSP के आधार पर तय किया जाएगा. अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत से 50% अधिक MSP तय करने के सिद्धांत के अनुरूप किया गया है.

11 साल में ढाई गुना बढ़ी जूट की एमएसपी

2014 से कच्चे जूट पर MSP में ढाई गुना की बढ़ोतरी की गई है. पहले 2014 में कच्चे जूट का एमएसपी 2,400 रुपये था जो बढ़ाकर अब 2026-27 के लिए 5,925 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है. कच्चे जूट उगाने वाले किसानों को  2004-05 से 2013-14 तक 441 करोड़ रुपये दिए गए हैं. इसके बाद 2014-15 से 2025-26 तक जूट किसानों को 1,342 करोड़ रुपये तीन बार में जारी किए गए हैं.

जूट जमाखोरी के खिलाफ चलाया गया था अभियान

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जूट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया प्राइस सपोर्ट ऑपरेशन्स को पूरा करेगा. अगर कोई नुकसान हुआ है, तो उसकी भरपाई केंद्र सरकार करेगी. गौरतलब है कि कच्चे जूट की उपलब्धता में कमी को देखते हुए केंद्र सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए बीते साल 2025 में अभियान चलाया था. इसके साथ ही व्यापारियों के लिए जूट स्टॉक करने की लिमिट भी तय कर दी थी.

जूट बैग की कीमतों को बढ़ाकर 87.20 रुपये प्रति बैग किया

कच्चे जूट की ऊंची कीमतों के असर को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने B-ट्विल जूट बैग की कीमतें सितंबर 2024 में 58-60 रुपये प्रति बैग से बढ़ाकर सितंबर 2025 में 74 रुपये की थीं. अब इस कीमत को जनवरी 2026 में बढ़ाकर 87.20 रुपये प्रति बैग किया गया है. इस फैसले से जूट किसानों और मजदूरों को लाभ पहुंचेगा और उन्हें सही कीमत के साथ समय पर मजदूरी भुगतान होना पक्का होगा. बता दें कि 80 फीसदी जूट किसान और मजदूर पश्चिम बंगाल में रहते हैं.

केरल राज्य का नाम बदलकर केरलम होगा

कैबिनेट ने आज कई जरूरी फैसलों को मंजूरी दी, जिसमें केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने का प्रस्ताव भी शामिल है. अपनी पहली मीटिंग में 12,236 करोड़ रुपये के फैसलों को मंजूरी दी गई, साथ ही दो बड़े पॉलिसी फैसले और एक प्रस्ताव भी पास किया गया. नाम बदलने की यह मांग राज्यों के भाषाई पुनर्गठन के बाद से लंबे समय से चली आ रही है, क्योंकि मलयालम में राज्य को ‘केरलम’ के नाम से जाना जाता है. यह प्रस्ताव तय कानूनी प्रक्रिया का पालन करेगा, जिसके लिए राज्य विधानसभा, केंद्र सरकार और संसद की मंजूरी जरूरी होगी.

Published: 24 Feb, 2026 | 03:42 PM

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