Chandra Grahan: दिल्ली से लेकर मुंबई तक सिर्फ 20 मिनट का चंद्र ग्रहण, जानें आपके शहर में कब दिखेगा ‘ब्लड मून’
Lunar Eclipse: 3 मार्च 2026 को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन साल का पहला आंशिक चंद्र ग्रहण यानी ‘ब्लड मून’ दिखाई देगा. उत्तर-पूर्वी भारत में यह सबसे लंबे समय तक देखा जा सकेगा, जबकि दिल्ली-नोएडा और मुंबई में केवल अंतिम चरण ही नजर आएगा. यह वैज्ञानिक दृष्टि से पूरी तरह सुरक्षित है.
Chandra Grahan Kab Lagega: आज यानी 3 मार्च 2026, मंगलवार को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. यह खंडग्रास यानी आंशिक चंद्र ग्रहण है. खगोलीय दृष्टि से यह सामान्य घटना है, लेकिन भारत में इसकी दृश्यता को लेकर लोगों में खास उत्सुकता है. इस बार ग्रहण भारत में ‘ग्रस्तोदय’ के रूप में दिखाई देगा. इसका मतलब है कि चंद्रमा जब उदय होगा, तब ग्रहण पहले से चल रहा होगा और हम इसका अंतिम चरण देख पाएंगे.
चंद्र ग्रहण का सटीक समय (भारतीय समयानुसार)
- ग्रहण प्रारंभ (स्पर्श): दोपहर 3:20 बजे
- ग्रहण मध्य: शाम 5:05 बजे
- ग्रहण समाप्ति (मोक्ष): शाम 6:48 बजे
- उपच्छाया समाप्ति: रात 7:55 बजे
हालांकि, भारत में पूरा ग्रहण दिखाई नहीं देगा. चंद्रमा शाम को उदय होता है, इसलिए केवल ग्रहण का अंतिम चरण ही आकाश में दिखाई देगा.
‘ब्लड मून’ क्यों कहा जाता है?
जब चंद्र ग्रहण होता है, तो पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है. इस समय सूर्य की रोशनी वायुमंडल से होकर गुजरती है और लाल रंग की किरणें चंद्रमा तक पहुंचती हैं. इसी वजह से चंद्रमा लाल या तांबे जैसा दिखता है. इसलिए इसे आम भाषा में ‘ब्लड मून’ कहा जाता है.
वैज्ञानिक दृष्टि से ग्रहण को नंगी आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है. इसके लिए किसी खास चश्मे की जरूरत नहीं होती. यह सूर्य ग्रहण की तरह आंखों को नुकसान नहीं पहुँचाता.
A total lunar eclipse – no telescope required. 🌕🔴
On the morning of March 3, 2026, the Moon will slip into Earth’s shadow and turn a deep red during totality. That “blood moon” color comes from sunlight bending through Earth’s atmosphere, the same effect behind sunrise and… pic.twitter.com/WshouBCfCQ
— NASA’s Johnson Space Center (@NASA_Johnson) March 2, 2026
सूतक काल और उसका महत्व
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, चंद्र ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है. 3 मार्च को सूतक सुबह 6:20 से ग्रहण समाप्ति तक रहेगा. इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद रखे जाते हैं और शुभ कार्य टाले जाते हैं. हालांकि, यह मान्यता परंपरागत है, वैज्ञानिक दृष्टि से ग्रहण का दैनिक जीवन पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ता.
भारत में चंद्र ग्रहण कब दिखेगा
- उत्तर-पूर्वी भारत: अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा और मणिपुर में चंद्रमा शाम 6:15 से 6:25 बजे उदय होगा. यहां ग्रहण लगभग 6:15/6:20 से 6:48 बजे तक देखा जा सकेगा.
- पूर्वी भारत: कोलकाता में 6:18 से 6:48 बजे तक, पटना में 6:20 से 6:48 बजे और रांची में 6:23 से 6:48 बजे तक ग्रहण दिखाई देगा.
- उत्तर भारत: दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में चंद्रमा 6:22 बजे उदय होगा, इसलिए ग्रहण लगभग 6:22 से 6:48 बजे तक नजर आएगा. पंजाब और हरियाणा में भी लगभग यही समय है.
- मध्य भारत: भोपाल में 6:23 बजे और इंदौर में 6:20 बजे उदय होने के कारण, यहां ग्रहण 6:20/6:23 से 6:48 बजे तक दिखाई देगा.
- पश्चिम भारत: मुंबई में चंद्रमा 6:29 बजे उदय होगा, इसलिए दृश्यता केवल 10-15 मिनट तक रहेगी. अहमदाबाद, जयपुर और पुणे में भी केवल ग्रहण का अंतिम हिस्सा ही दिखेगा.
- दक्षिण भारत: हैदराबाद में 6:30 बजे, बेंगलुरु में 6:28 बजे, चेन्नई में 6:30 बजे और कोच्चि में 6:32 बजे चंद्रमा उदय होगा. यहां ग्रहण 20-30 मिनट तक देखा जा सकेगा.
भारत में चंद्र ग्रहण अलग-अलग जगहों पर अलग समय पर दिखाई देगा. उत्तर-पूर्वी राज्यों में यह सबसे लंबे समय तक देखा जा सकेगा, जबकि पश्चिम और दक्षिण भारत में केवल ग्रहण का आखिरी हिस्सा ही नजर आएगा.