4691 गन्ना किसानों की खुली किस्मत, अब सिर्फ फसल नहीं, चीनी मिल के मुनाफे में भी मिलेगी हिस्सेदारी

Chhattisgarh Sugarcane Farmers: छत्तीसगढ़ सरकार ने 4,691 गन्ना किसानों को शेयर प्रमाणपत्र देकर उन्हें भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना का शेयरधारक बना दिया है. इसके बाद मिल में शेयरधारक किसानों की संख्या करीब 23 हजार हो गई है.

नोएडा | Published: 13 Jul, 2026 | 07:27 PM

Sugarcane Farming: छत्तीसगढ़ सरकार ने गन्ना किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. अब किसान सिर्फ गन्ना बेचने वाले नहीं रहेंगे, बल्कि सहकारी चीनी मिल के भागीदार (शेयरधारक) भी बनेंगे. इसी दिशा में राज्य सरकार ने 4,691 गन्ना किसानों को शेयर प्रमाणपत्र (Share Certificate) सौंपे हैं. इसके साथ ही ये सभी किसान भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना के आधिकारिक शेयरधारक सदस्य बन गए हैं. सरकार का मानना है कि इस पहल से किसानों की सहकारी संस्थाओं में भागीदारी बढ़ेगी, उनकी आय में सुधार होगा और गन्ने की खेती को भी नई मजबूती मिलेगी.

अब सिर्फ सप्लायर नहीं, मिल के साझेदार भी बने किसान

कवर्धा में आयोजित किसान सम्मेलन के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किसानों को शेयर प्रमाणपत्र सौंपे. उन्होंने बताया कि लंबे समय से हजारों किसान बिना शेयरधारक बने ही चीनी मिल को गन्ना सप्लाई कर रहे थे. अब उन्हें सहकारी संस्था का सदस्य बनाकर मिल के साथ सीधा जुड़ने का अवसर दिया गया है. इस फैसले से किसान सिर्फ अपनी फसल बेचने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सहकारी व्यवस्था का हिस्सा बनकर भविष्य में मिलने वाले लाभों के भी हकदार होंगे.

करीब 23 हजार किसान बने शेयरधारक

नई सदस्यता मिलने के बाद भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना में अब करीब 23 हजार किसान शेयरधारक बन चुके हैं. पिछले पेराई सत्र में इस मिल में 2.55 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गन्ने की पेराई की गई थी. सरकार का मानना है कि किसानों की बढ़ती भागीदारी से आने वाले वर्षों में उत्पादन और मिल की क्षमता दोनों में बढ़ोतरी होगी.

इस सीजन 4.50 लाख मीट्रिक टन गन्ना आपूर्ति का लक्ष्य

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किसानों से इस पेराई सत्र में 4.50 लाख मीट्रिक टन गन्ना मिल तक पहुंचाने की अपील की. उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों को उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) का भुगतान समय पर किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में चीनी की रिकवरी बढ़ाने, किसानों को अधिक लाभांश (डिविडेंड) देने और गन्ना बोनस बढ़ाने की दिशा में भी काम करेगी.

प्राकृतिक और जैविक खेती पर भी जोर

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गन्ना किसानों से प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करके प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर बढ़ना समय की आवश्यकता है, क्योंकि इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर होती है और खेती लंबे समय तक टिकाऊ बनती है.

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