Bhoramdev Sahakari Chini Mill: छत्तीसगढ़ की भोरमदेव चीनी मिल ने गन्ना किसानों का भुगतान करने में नया रिकॉर्ड बनाया है. सहकारी चीनी मिल ने जून में ही किसानों को 100 फीसदी भुगतान कर नया कीर्तिमान रचा है. उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि किसानों के भरोसे और सहकारिता मॉडल की सफलता का प्रमाण है. उन्होंने किसानों से अधिक गन्ना उत्पादन और आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया.
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के राम्हेपुर स्थित भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना (Bhoramdev Sahakari Shakkar Utpadak Karkhana) ने किसानों का 100 फीसदी भुगतान कर दिया है. आधिकारिक बयान में कहा गया कि सहकारी शक्कर कारखाना ने देश के सहकारी चीनी उद्योग में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए लगातार दूसरे वर्ष गन्ना किसानों को एफआरपी और अतिरिक्त रिकवरी राशि का शत-प्रतिशत भुगतान जून माह में ही पूरा कर दिया है.
107 करोड़ रुपये का भुगतान कंप्लीट
गन्ना किसानों को गन्ना पेमेंट देने के लिए चेक वितरण कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शामिल हुए है. उनकी उपस्थिति में गन्ना किसानों के खातों में 29.83 करोड़ रुपये की अंतिम राशि ट्रांसफर की गई. इसके साथ ही सत्र 2025-26 में किसानों को कुल 107.10 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिसमें 84.18 करोड़ रुपये एफआरपी और 22.92 करोड़ रुपये अतिरिक्त रिकवरी राशि शामिल है.

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किसानों को संबोधित किया.
किसानों के भरोसे और सहकारिता मॉडल से मिली उपलब्धि – डिप्टी सीएम
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि किसानों के भरोसे और सहकारिता मॉडल की सफलता का प्रमाण है. उन्होंने किसानों से अधिक गन्ना उत्पादन और आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि भोरमदेव शक्कर कारखाना अपनी पारदर्शी व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान और किसान हितैषी योजनाओं के कारण क्षेत्र में ग्रामीण विकास और किसान समृद्धि का मजबूत केंद्र बनकर उभरा है.
12 हजार से ज्यादा गन्ना किसानों को मिल रहा लाभ
भोरमदेव सहकारी चीनी मिल राज्य की बड़ी चीनी मिलों में शामिल है और इस मिल से 12 हजार से ज्यादा किसान जुड़े हैं. प्रबंधन ने बताया कि मार्च 2026 तक 255,455 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई करने में सफलता मिली, जिससे 374,322 क्विंटल चीनी बनी है. जबकि, मार्च के बाद भी बड़े पैमाने पर पेराई और चीनी उत्पादन किया गया है. इसके चलते मिल ने चीनी के साथ गुड़ और इथेनॉल प्रोडक्शन को भी बढ़ाने में कामयाबी हासिल की है.