MSP से कम कीमत पर बिकी धान तो बाकी पैसा देगी सरकार, खरीफ खरीद सीजन से लागू होगा फैसला

Paddy Bhavantar Yojana : मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि खेत में दाना बोने से लेकर बाजार में दाम दिलवाने तक सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है. उन्होंने कहा कि सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावांतर योजना का लाभ देने के बाद अब सरसों और धान को भी इसका लाभ मिलेगा.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 9 Aug, 2026 | 11:42 AM

किसानों की शिकायत है कि उनकी कटाई के बाद जब उपज की आवक मंडियों में बढ़ती है तो मनमाने तरीके से दाम घटा दिया जाता है. ऐसे में किसानों को मजबूरी में न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी से भी कम कीमत पर अपनी उपज बिक्री करने की मजबूरी होती है. इस शिकायत को दूर करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने सोयाबीन और सरसों के बाद अब धान को भी भावांतर योजना के तहत लाने की घोषणा कर दी है. खरीफ खरीद सीजन के दौरान अगर धान का बाजार मूल्य एमएसपी से कम किसानों को मिलता है तो अंतर आने वाली राशि का भुगतान राज्य सरकार करेगी.

सरसों और धान उर्पाजन में भी मिलेगा भावांतर का लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदापुरम में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में कहा कि अब तक 20 जिलों के 10 ऐसे आयोजन किए जा चुके हैं. खेत में दाना बोने से लेकर बाजार में दाम दिलवाने तक सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है. उन्होंने कहा कि गेहूं उत्पादक किसानों की चिंता हमने एमएसपी और बोनस के साथ रिकॉर्ड 104 लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीद कर दूर की है. सोयाबीन उत्पादक किसानों की चिंता भावांतर योजना ने दूर की है. अब सरसों और धान को भी भावांतर योजना में शामिल किया जा रहा है.

क्या है भावांतर भुगतान योजना और कैसे होगी घाटे की भरपाई

भावांतर भुगतान योजना किसानों को उनकी उपज के लिए मिलने वाले बाजार और सरकारी मूल्य के अंतर को पाटने के लिए लाई गई है. इसके तहत यदि किसान अपनी फसल मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत पर बेचते हैं, तो सरकार एमएसपी और बिक्री मूल्य के बीच के अंतर यानी घाटे की भरपाई सीधे किसानों के बैंक खाते में पैसे भेजकर करती है. मध्य प्रदेश सरकार कई फसलों के लिए यह योजना लागू कर चुकी है और 85 लाख से अधिक किसान इस योजना के तहत लाभ ले रहे हैं.

फलों के बाग और नर्सरी पर मिल रहा है अनुदान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने अब 6-6 महीने के स्थान पर एक साल में खातों को पटलने की व्यवस्था लागू की है. खाते क्लियर करने के लिए 31 मार्च तक की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है. नर्मदापुरम जिले में उद्यानिकी फसलों आम, अमरूद, संतरा, अनार, नींबू और केला को लेकर आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं. फलों के बाग और नर्सरी स्थापित करने के लिए सरकार अनुदान दे रही है. किसानों को पॉलीहाउस और सेडनेट हाउस स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने पर किसानों को 50 प्रतिशत की सब्सिडी प्रदान की जा रही है.

नर्मदापुरम में रेशम, शरबती गेहूं और बासमती चावल की खेती बढ़ी

मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदापुरम रेशम नगरी के रूप में भी प्रसिद्ध है. यहां उच्च गुणवत्ता का रेशम, शरबती गेहूं और बासमती चावल जिले की पहचान बन चुका है. उन्होंने कही कि जिले के साथ ही प्रदेश में इन फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है और किसानों का रुझान भी सकारात्मक दिख रहा है. उन्होंने कहा कि जिले में यहां स्थित बाबई-मोहासा औद्योगिक क्षेत्र सबसे तेज गति से विकसित हो रहा है. कटनी के पास लॉजिस्टिक्स पार्क बनेगा. पिपरिया और पचमढ़ी में स्थानीय रहवासियों के लिए कठिनाइयों का समाधान सरकार ने किया है. मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसान कल्याण को समर्पित है. कृषि वर्ष में किसानों के कल्याण के लिए गतिविधियां लगातार चलती रहेंगी.

किसानों के खेतों से लेकर उनके खातों तक का ध्यान रखा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार ने किसानों के खेतों से लेकर उनके खातों तक का ध्यान रखा है. किसानों के खेतों में पानी, बिजली, खाद-बीज, कृषि यंत्र पहुंचाने के साथ-साथ उनके खातों में फसल बीमा, सम्मान निधि और ब्याज मुक्त ऋण की राशि तक पहुंचाई है. कवच योजना से ऐसे किसानों की चिंता दूर होगी, जिनके सहकारी खातों में पुरानी गड़बड़ियों और जांच में देरी के कारण उन्हें नया ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था. अब ऐसे किसानों को मुख्य धारा में लाकर नया कृषि ऋण और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ दिलाया जाएगा.

पहली बार श्रीअन्न कोदो-कुटकी की एमएसपी पर खरीदी हुई और किसानों को बोनस भी मिला है. इसके साथ ही किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए पात्र किसानों से मूंग उपार्जन की सीमा 25 प्रतिशत से बढाकर 60 प्रतिशत की गई है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 9 Aug, 2026 | 11:41 AM

लेटेस्ट न्यूज़