Haryana Agri Entrepreneurship: हरियाणा में खेती को सिर्फ पारंपरिक काम तक सीमित रखने के बजाय इसे बिजनेस और रोजगार से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है. राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है. इसके तहत गुरुग्राम में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय बिजनेस मैनेजमेंट और एग्रीप्रेन्योरशिप संस्थान स्थापित किया जाएगा. इस संस्थान की स्थापना को मंजूरी मिल चुकी है.
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे कृषि, उद्यमिता और नई सोच को बढ़ावा देने वाला अहम कदम बताया है. सरकार का मानना है कि इससे कृषि की पढ़ाई करने वाले युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय अपना कारोबार शुरू करने के नए रास्ते मिलेंगे.
खेती के साथ बिजनेस की पढ़ाई
प्रस्तावित संस्थान में युवाओं को खेती से जुड़े बिजनेस को समझने और चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी. यहां बिजनेस मैनेजमेंट, एग्री-बिजनेस, डिजिटल मार्केटिंग, सप्लाई चेन और वित्तीय प्रबंधन जैसे विषयों पर पढ़ाई कराई जाएगी. इसका सीधा फायदा कृषि स्नातकों को मिल सकता है. पढ़ाई पूरी करने के बाद युवा खेती से जुड़े उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर काम कर सकेंगे. इसके अलावा कृषि उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने और निर्यात से जुड़े कारोबार में भी हाथ आजमा सकेंगे. यानी किसान की फसल खेत से निकलने के बाद सीधे बाजार में बिकने तक की पूरी प्रक्रिया को बिजनेस के नजरिए से समझने वाले युवा तैयार किए जाएंगे.
किसान संगठनों को भी मिलेंगे युवा प्रोफेशनल
सरकार की योजना सिर्फ युवाओं को अपना बिजनेस शुरू करने तक सीमित नहीं है. संस्थान के जरिए ऐसे युवा प्रोफेशनल भी तैयार किए जाएंगे, जो किसान उत्पादक संगठनों यानी FPOs को बेहतर तरीके से चलाने में मदद कर सकें. FPOs के जरिए किसान मिलकर अपनी फसल बेचते हैं और बाजार से बेहतर कीमत पाने की कोशिश करते हैं. ऐसे संगठनों को मैनेजमेंट, मार्केटिंग और वित्तीय मामलों की समझ रखने वाले युवाओं की जरूरत होती है. नया संस्थान इस जरूरत को पूरा करने में मदद कर सकता है.
11 मंजिला आवासीय परिसर और हॉस्टल भी बनेगा
हरियाणा सरकार ने संस्थान के लिए जरूरी बजट और बुनियादी सुविधाओं को भी मंजूरी दे दी है. शनिवार को हरियाणा निवास में हुई स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी-सी की बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इससे जुड़े बजटीय प्रावधानों को हरी झंडी दी. संस्थान में छात्रों और फैकल्टी के रहने के लिए 11 मंजिला आवासीय परिसर बनाया जाएगा. इसके अलावा छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाओं वाला हॉस्टल भी तैयार किया जाएगा. इससे संस्थान को आधुनिक शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है.
खेती और उद्योग के बीच बनेगा मजबूत कनेक्शन
सरकार का मानना है कि, यह संस्थान कृषि और उद्योग के बीच एक मजबूत कड़ी का काम करेगा. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने भी इस पहल का स्वागत किया है. इस संस्थान के जरिए खेती में नई तकनीक, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और बाजार की जरूरतों को समझने वाले युवा तैयार करने पर जोर रहेगा. इससे ग्रामीण इलाकों में नए कारोबार शुरू होने और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है.
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार की कोशिश खेती को सिर्फ फसल उगाने तक सीमित न रखकर उसे एक बड़े बिजनेस सेक्टर के रूप में विकसित करने की है. अगर योजना सही तरीके से लागू होती है तो कृषि क्षेत्र में पढ़े-लिखे युवाओं के लिए नौकरी के साथ-साथ अपना एग्री-बिजनेस शुरू करने के रास्ते भी खुल सकते हैं.