युवाओं को मिला किसानों का साथ.. जंतर मंतर पर गुरनाम सिंह चढूनी का अनशन, साझा लड़ाई का ऐलान
CJP Protest Jantar Mantar Delhi: किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने जंतर मंतर पर युवाओं के आंदोलन स्थल पहुंचकर कहा कि किसानों का संघर्ष और छात्रों का संघर्ष अलग नहीं, बल्कि न्याय की एक साझा लड़ाई है. छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और सरकार को बिना देरी किए उनकी बात सुनकर उचित समाधान निकालना चाहिए.
दिल्ली के जंतर मंतर पर पेपर लीक मामले पर चल रहे युवाओं के प्रदर्शन को भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी का समर्थन मिला है. गुरनाम सिंह चढ़ूनी कॉकरोच जनता पार्टी के मंच पर पहुंचकर कल से अनशन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि युवाओं और किसानों की यह साझा लड़ाई है और किसान युवाओं के साथ सदैव खड़े रहेंगे. उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि छात्रों की जायज मांगों को जल्द स्वीकार कर आंदोलन का सम्मानजनक समाधान निकाला जाए. नहीं तो किसान भी सड़क पर उतर जाएंगे.
जंतर मंतर पर गुरनाम चढूनी का अनशन जारी
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी 24 जुलाई को जंतर मंतर पर जारी युवाओं के आंदोलन में पहुंच गए थे और तब से उनका सांकेतिक अनशन जारी है. वह आज 25 जुलाई की शाम तक अनशन करेंगे. युवाओं के आंदोलन स्थल पर मंच से उन्होंने कहा कि किसानों का संघर्ष और छात्रों का संघर्ष अलग नहीं, बल्कि न्याय की एक साझा लड़ाई है. छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और सरकार को बिना देरी किए उनकी बात सुनकर उचित समाधान निकालना चाहिए.
साझा लड़ाई का ऐलान किया
किसान नेता ने कहा कि किसान हर परिस्थिति में छात्रों के साथ मजबूती से खड़े हैं. सरकार से अपील ही नहीं, चेतावनी भी है कि छात्रों की जायज मांगों को जल्द स्वीकार कर आंदोलन का सम्मानजनक समाधान निकाला जाए. जब किसान और छात्र एकजुट होते हैं, तब बदलाव की आवाज और बुलंद हो जाती है. उन्होंने साझा लड़ाई का ऐलान किया. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत डीपके ने किसान नेता का मंच पर स्वागत किया और उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया.
- PM Kisan Yojana के लाभार्थियों को एडवांस में मिलेंगे 2000 रुपये, जानिए किस्त जारी करने के लिए मंत्रालय ने क्या कहा
- हल्दी, करौंदा की खेती पर सरकार दे रही 10 हजार रुपये, स्प्रिंकलर लगवाने पर 90 फीसदी सब्सिडी पाएं किसान
- यमुना और हिंडन की बाढ़ में अभी भी डूबे दर्जनों गांव, गन्ना में बीमारी लग रही.. गेहूं बुवाई में देरी की चिंता
CJP के आंदोलन को समर्थन देने वाले पहले किसान नेता
दिग्गज किसान नेता गुरुनाम सिंह चढूनी ने युवाओं के आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान करते हुए किसानों को एकजुट होकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करने का आह्वान किया है. उन्होंने युवाओं के आंदोलन को समर्थन देने के अनशन की घोषणा की है. उन्होंने किसानों को भी दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया है. बता दें कि इससे पहले 22 जून को किसान नेता चढ़ूनी ने युवाओं के आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया और मंच पर पहुंचकर अभिजीत डीपके से बातकर उन्हें डटे रहने के लिए प्रेरित किया. कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को समर्थन देने वाले देश के पहले किसान नेता थे.
कौन हैं गुरनाम सिंह चढूनी
गुरनाम सिंह चढूनी हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में रहते हैं और देश के बड़े किसान नेता हैं. उनका संगठन भारतीय किसान यूनियन चढूनी देशभर में किसानों के हक के लिए लड़ाई लड़ रहा है. 2020 के किसान आंदोलन का वह प्रमुख चेहरों में शामिल थे. वह किसानों के लिए कई बार जेल जा चुके हैं. किसान आंदोलनों भारत अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ किसानों के 112 से ज्यादा संगठनों को एकजुट करने का श्रेय भी उन्हें जाता है. उन्होंने किसान संगठनों को एकजुट कर देश बचाओ मोर्चा का गठन किया है, जिसकी समन्वय समिति में वह शामिल हैं और अमेरिकी ट्रेड डील के विरोध में किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं.