महंगाई का नया झटका, पेट्रोल-डीजल के बाद अब CNG भी महंगी… 8 दिन में 4 रुपये बढ़े दाम

शुक्रवार को तेल कंपनियों ने CNG के दाम में 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी. नई कीमतें लागू होने के बाद दिल्ली में CNG अब 81.09 रुपये प्रति किलो हो गई है. इससे पहले इसकी कीमत 80.09 रुपये प्रति किलो थी. लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है. खासकर टैक्सी, ऑटो और कमर्शियल वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है.

नई दिल्ली | Published: 23 May, 2026 | 08:47 AM

CNG price hike: देश में महंगाई लगातार आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब सीएनजी (CNG) भी महंगी हो गई है. शुक्रवार को तेल कंपनियों ने CNG के दाम में 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी. नई कीमतें लागू होने के बाद दिल्ली में CNG अब 81.09 रुपये प्रति किलो हो गई है. इससे पहले इसकी कीमत 80.09 रुपये प्रति किलो थी.

लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है. खासकर टैक्सी, ऑटो और कमर्शियल वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है. जिन लोगों ने पेट्रोल और डीजल से बचने के लिए CNG वाहनों का विकल्प चुना था, अब उनके खर्च में भी लगातार इजाफा हो रहा है.

10 दिनों में तीसरी बार बढ़े ईंधन के दाम

मई महीने में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है. पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब पेट्रोल, डीजल और CNG के दाम बढ़ाए गए हैं.

15 मई को सबसे पहले पेट्रोल और डीजल करीब 3 रुपये प्रति लीटर महंगे किए गए थे. उसी दिन दिल्ली में CNG की कीमत 77.09 रुपये से बढ़ाकर 79.09 रुपये प्रति किलो कर दी गई थी. इसके बाद 17 मई को फिर 1 रुपये प्रति किलो का इजाफा हुआ और कीमत 80.09 रुपये पहुंच गई. अब 23 मई को फिर 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी गई है. इस तरह सिर्फ 8 दिनों में CNG करीब 4 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है.

वहीं पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी लगातार इजाफा हुआ है. हालिया बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है.

दिल्ली समेत कई शहरों में बढ़ा खर्च

नई दरों के बाद दिल्ली में पेट्रोल करीब 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है. मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे शहरों में पेट्रोल पहले ही 105 से 110 रुपये प्रति लीटर के बीच बिक रहा है. ईंधन की कीमतें बढ़ने से अब रोजाना सफर करने वाले लोगों का बजट बिगड़ने लगा है. निजी वाहन चलाने वाले लोगों के साथ-साथ ऑटो और कैब से सफर करने वालों को भी ज्यादा किराया देना पड़ सकता है.

पश्चिम एशिया संकट का असर

विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर भारत पर साफ दिखाई दे रहा है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में तेल महंगा होने का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है.

फरवरी में भारत का क्रूड ऑयल बास्केट करीब 69 डॉलर प्रति बैरल था, जो अब बढ़कर 113 से 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है. डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी स्थिति को और मुश्किल बना दिया है.

आम लोगों पर बढ़ेगा महंगाई का बोझ

लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का असर सिर्फ वाहनों तक सीमित नहीं रहता. ट्रांसपोर्ट महंगा होने से फल, सब्जियां, दूध, राशन और अन्य जरूरी सामानों की कीमतें भी बढ़ने लगती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात नहीं सुधरे तो महंगाई और बढ़ सकती है.

CNG वाहन चालकों पर सबसे ज्यादा असर

दिल्ली-NCR समेत कई बड़े शहरों में लाखों लोग CNG वाहनों का इस्तेमाल करते हैं. टैक्सी, ऑटो और छोटे कमर्शियल वाहन बड़े पैमाने पर CNG पर चलते हैं क्योंकि इसे अब तक सस्ता और किफायती विकल्प माना जाता था. लेकिन अब लगातार बढ़ती कीमतों से यह विकल्प भी धीरे-धीरे महंगा होता जा रहा है.

कई ऑटो चालकों का कहना है कि अगर इसी तरह कीमतें बढ़ती रहीं तो रोज की कमाई पर सीधा असर पड़ेगा. वहीं यात्री किराया बढ़ने की आशंका से भी परेशान हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ हफ्तों में ईंधन बाजार की स्थिति पर सबकी नजर बनी रहेगी.

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