उन्नत नस्ल की बछिया पाने के लिए बिहार में सॉर्टेड सीमेन सुविधा शुरू, दूध उत्पादन और कमाई बढ़ेगी

बिहार में सॉर्टेड सीमेन सुविधा से अधिक और उन्नत नस्ल की बछियों का जन्म संभव होगा. इससे दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ पशुपालकों की आमदनी में सुधार होगा. यह तकनीक पशुपालकों के लिए नई उम्मीद और लाभ का रास्ता खोलती है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 17 Sep, 2025 | 06:25 PM
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बिहार सरकार अब पशुपालन के क्षेत्र में एक और बड़ी पहल की ओर बढ़ गई है. 15 सितंबर 2025 को माननीय प्रधानमंत्री ने पूर्णिया सीमेन स्टेशन में 5 लाख खुराक सेक्स सॉर्टेड सीमेन सुविधा का उद्घाटन किया. इस योजना का उद्देश्य हैबछियों की संख्या बढ़ाना और दूध उत्पादन को बढ़ावा देना. यह पहल न सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ाएगी, बल्कि राज्य को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम साबित होगी.

क्या है सेक्स सॉर्टेड सीमेन तकनीक?

सेक्स सॉर्टेड सीमेन एक विशेष तकनीक है, जिसके जरिए कृत्रिम गर्भाधान से बछिया पैदा होने की संभावना अधिक रहती है. इस तकनीक में सीमेन को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस किया जाता है ताकि 90 फीसदी तक बछिया होने की गारंटी मिले. बछियों की संख्या बढ़ने से भविष्य में दूध देने वाले पशुओं की संख्या में इजाफा होता है, जिससे दुग्ध उत्पादन बढ़ता है.

पूर्णिया सीमेन स्टेशन बनेगा आधुनिक टेक्नोलॉजी का केंद्र

पूर्णिया में बना यह सीमेन स्टेशन अब एक सेक्स सॉर्टेड सीमेन प्रोसेसिंग यूनिट के रूप में विकसित किया गया है. यह स्टेशन हर साल 5 लाख खुराक तैयार करने की क्षमता रखता है. यह सुविधा अब बिहार के किसानों और पशुपालकों को उन्नत तकनीक घर बैठे उपलब्ध कराएगी. इससे अब किसान अच्छे नस्ल के पशु तैयार कर सकेंगे और उनकी आमदनी में वृद्धि होगी.

पशुपालकों को होंगे कई फायदे

  • बछिया होने की अधिक संभावना, जिससे भविष्य में दूध उत्पादन बढ़ेगा.
  • किसानों को दूध बेचने से आमदनी में सीधा फायदा होगा.
  • अच्छी नस्ल की गायें तैयार होंगी, जो अधिक मात्रा में दूध देती हैं.
  • यह तकनीक ग्रामीण पशुपालकों को भी कम लागत में ज्यादा मुनाफा दिला सकती है.
  • सरकार द्वारा समय-समय पर सब्सिडी और जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे.

दुग्ध उत्पादन में आएगा बूम

बिहार पहले ही देश के प्रमुख दूध उत्पादक राज्यों में से एक है. अब इस तकनीक के आने से दूध उत्पादन में बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा. बछियों की संख्या बढ़ने से नए दुग्ध उत्पादक पशुओं की संख्या भी बढ़ेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर दूध की उपलब्धता, मूल्य स्थिरता और प्रोसेसिंग यूनिट्स को कच्चा माल मिल सकेगा. यह पहल खासतौर पर दुग्ध सहकारी समितियों और डेयरी उद्योग को भी मजबूत बनाएगी.

बिहार बनेगा मॉडल राज्य

इस स्वदेशी सेक्स सॉर्टेड सीमेन इकाई से बिहार पूरे देश में एक उदाहरण बन सकता है. जहां अब तक यह तकनीक सीमित राज्यों तक सीमित थी, वहीं अब बिहार भी इसमें अग्रणी भूमिका निभाएगा. स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर, वैज्ञानिक शोध और पशुपालन में नवाचार के नए रास्ते खुलेंगे. सरकार की इस पहल से ग्रामिण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा.

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Published: 17 Sep, 2025 | 06:25 PM

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