सावधान! इस तरह का आलू बना सकता है बीमार, खाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

Sprouted potatoes: अक्सर लोग ऐसे आलू को काटकर इस्तेमाल कर लेते हैं, यह सोचकर कि पकाने से सब ठीक हो जाएगा. मगर सच्चाई यह है कि अंकुरित या हरे आलू सेहत के लिए खतरा बन सकते हैं. इसलिए यह समझना बेहद जरूरी है कि आखिर ऐसा क्यों होता है और इससे बचाव कैसे किया जाए.

Kisan India
नई दिल्ली | Updated On: 18 Feb, 2026 | 11:58 AM

Sprouted potatoes: आलू भारतीय रसोई का सबसे भरोसेमंद साथी माना जाता है. सब्जी हो, पराठा हो, स्नैक्स हों या त्योहारों के व्यंजन आलू के बिना कई रेसिपी अधूरी लगती हैं. सस्ता, आसानी से उपलब्ध और स्वाद में लाजवाब होने के कारण यह हर घर में इस्तेमाल होता है. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि जब आलू पर छोटे-छोटे अंकुर निकल आते हैं या उसका छिलका हरा पड़ने लगता है, तब वह पहले जैसा सुरक्षित नहीं रहता?

अक्सर लोग ऐसे आलू को काटकर इस्तेमाल कर लेते हैं, यह सोचकर कि पकाने से सब ठीक हो जाएगा. मगर सच्चाई यह है कि अंकुरित या हरे आलू सेहत के लिए खतरा बन सकते हैं. इसलिए यह समझना बेहद जरूरी है कि आखिर ऐसा क्यों होता है और इससे बचाव कैसे किया जाए.

अंकुरित आलू में क्या होता है खतरनाक?

जर्नल ऑफ एग्रीकल्चरल एंड फूड केमिस्ट्री में पब्लिश एक रिसर्च के अनुसार, जब आलू अंकुरित होने लगता है या लंबे समय तक रोशनी में पड़ा रहता है, तो उसमें ग्लाइकोएल्कलॉइड नामक प्राकृतिक रसायन की मात्रा बढ़ जाती है. इनमें मुख्य रूप से सोलनिन और चैकोनिन शामिल होते हैं. ये तत्व पौधे की सुरक्षा के लिए बनते हैं, ताकि कीड़े-मकोड़े उसे नुकसान न पहुंचाएं. लेकिन यही रसायन इंसानों के लिए हानिकारक हो सकते हैं. शोधों में पाया गया है कि जैसे-जैसे आलू में अंकुर बढ़ते हैं, वैसे-वैसे इन जहरीले तत्वों का स्तर भी बढ़ता जाता है. खासकर हरे पड़े हिस्सों में इनकी मात्रा ज्यादा होती है. यह समझना जरूरी है कि सोलनिन गर्मी से पूरी तरह खत्म नहीं होता. यानी अगर आप ऐसे आलू को उबाल भी लें या तल लें, तब भी जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं होता.

सेहत पर क्या पड़ सकता है असर?

अंकुरित या हरे आलू खाने के बाद शरीर पर कई तरह के असर दिखाई दे सकते हैं. शुरुआत में मतली, उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. कुछ लोगों को सिरदर्द, चक्कर आना या कमजोरी महसूस हो सकती है. गंभीर मामलों में यह तंत्रिका तंत्र को भी प्रभावित कर सकता है. भ्रम की स्थिति, सुस्ती, मानसिक धुंधलापन और बहुत दुर्लभ मामलों में लकवे जैसे लक्षण भी सामने आ सकते हैं. हालांकि ऐसे गंभीर मामले कम होते हैं, लेकिन जोखिम को हल्के में लेना ठीक नहीं है. बच्चे, बुजुर्ग और जिनका पाचन तंत्र कमजोर है, उनके लिए यह खतरा ज्यादा हो सकता है. इसलिए घर में अगर ऐसे लोग हैं तो विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.

कैसे पहचानें खराब आलू?

अगर आलू की सतह पर छोटे-छोटे अंकुर निकल आए हैं, तो यह संकेत है कि उसमें रासायनिक बदलाव शुरू हो चुका है. इसके अलावा यदि आलू का कोई हिस्सा हरा दिख रहा है, तो समझ लें कि उसमें क्लोरोफिल बनने के साथ-साथ सोलनिन का स्तर भी बढ़ा हो सकता है. नरम, सिकुड़ा हुआ या कड़वा स्वाद देने वाला आलू भी खराब हो सकता है. कभी-कभी बाहर से ठीक दिखने वाला आलू अंदर से हरा या कड़वा हो सकता है, इसलिए काटकर जरूर जांच लें.

क्या केवल अंकुर काट देना काफी है?

बहुत से लोग अंकुर और हरा हिस्सा काटकर बाकी आलू इस्तेमाल कर लेते हैं. अगर अंकुर बहुत छोटे हैं और आलू सख्त है, तो कुछ हद तक ऊपर का हिस्सा गहराई से काटकर उपयोग किया जा सकता है. लेकिन अगर आलू ज्यादा हरा हो गया है या अंकुर बड़े हो चुके हैं, तो उसे फेंक देना ही बेहतर है. यह मान लेना कि पकाने से जहरीले तत्व खत्म हो जाएंगे, एक गलतफहमी है. इसलिए ज्यादा जोखिम लेने से बेहतर है कि ऐसे आलू का इस्तेमाल ही न किया जाए.

आलू को सुरक्षित कैसे रखें?

आलू को हमेशा ठंडी, सूखी और अंधेरी जगह पर रखें. तेज रोशनी और गर्मी से आलू जल्दी अंकुरित हो जाते हैं. फ्रिज में बहुत ठंडे तापमान पर रखने से भी आलू के स्वाद और गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है, इसलिए हल्की ठंडी और हवादार जगह सबसे बेहतर होती है.

आलू को प्याज के साथ न रखें, क्योंकि दोनों से निकलने वाली गैसें अंकुरण की प्रक्रिया को तेज कर सकती हैं. समय-समय पर स्टोर किए गए आलू की जांच करते रहें, ताकि खराब होने से पहले उन्हें अलग किया जा सके.

छोटी सी लापरवाही न बन जाए बड़ी समस्या

अक्सर हम रोजमर्रा की भागदौड़ में छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन खानपान से जुड़ी सावधानी बहुत जरूरी है. अंकुरित या हरे आलू देखने में मामूली लग सकते हैं, पर लंबे समय में सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं. इसलिए अगली बार जब आप रसोई में आलू इस्तेमाल करें, तो एक नजर उसकी स्थिति पर जरूर डालें. सही जानकारी और थोड़ी सी सतर्कता से आप अपने परिवार को संभावित स्वास्थ्य जोखिम से बचा सकते हैं.

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Published: 18 Feb, 2026 | 11:37 AM

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