सहकारी चीनी मिलों में बड़ा बदलाव! 1 साल में मुनाफे का टारगेट, कर्मचारियों पर भी गिरेगी गाज

Haryana Sugar Mills: नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने राज्य की सभी सहकारी चीनी मिलों को एक साल के अंदर मुनाफे में लाने का लक्ष्य तय किया है. समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि मिलों के कामकाज को बेहतर किया जाए, कमियों की पहचान की जाए और जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई भी की जाए.

नोएडा | Published: 3 Jun, 2026 | 12:11 PM

Haryana Cooperative Sugar Mills: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा की सभी सहकारी चीनी मिलों को अगले एक साल के भीतर मुनाफे में लाने के सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि इन मिलों को इस तरह मजबूत किया जाए कि वे खुद कमाई कर सकें और लगातार लाभ में रहें. यह बात उन्होंने हरियाणा सिविल सचिवालय में सहकारिता विभाग की ‘हरियाणा विजन-2047’ समीक्षा बैठक के दौरान कही.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी सहकारी चीनी मिलों की अच्छे से जांच की जाए और जिन कमियों की वजह से उनका प्रदर्शन खराब हो रहा है, उन्हें तुरंत ठीक किया जाए. उन्होंने यह भी साफ किया कि तीन महीने बाद वे खुद इस पूरी योजना की प्रगति की समीक्षा करेंगे.

किसानों के हितों से जुड़ा बड़ा सवाल

नायब सिंह सैनी ने कहा कि सहकारी चीनी मिलों का सीधा संबंध गन्ना किसानों के हित से जुड़ा है, इसलिए इनका मजबूत और मुनाफे में रहना बहुत जरूरी है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब निजी चीनी मिलें फायदा कमा रही हैं, तो सहकारी मिलें नुकसान में क्यों चल रही हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा सरकार ने इस साल सहकारी चीनी मिलों को करीब 632 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में खास सुधार नहीं दिखा है.

काम में लापरवाही करने वालों पर सख्त एक्शन

नायब सिंह सैनी ने सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव पंकज यादव को निर्देश दिए कि पूरे विभाग के कामकाज और कर्मचारियों का विस्तार से मूल्यांकन किया जाए. उन्होंने कहा कि जो अधिकारी और कर्मचारी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अब हर स्तर पर जवाबदेही तय करना जरूरी है.

इथेनॉल और बायोगैस से बढ़ेगी कमाई

नायब सिंह सैनी की सरकार अब चीनी मिलों को सिर्फ चीनी उत्पादन तक सीमित नहीं रखना चाहती. उन्होंने इथेनॉल प्लांट लगाने के प्रोसेस को तेज करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही अगले वित्तीय वर्ष तक सभी सहकारी चीनी मिलों में CBG प्लांट लगाने का लक्ष्य रखा गया है. विशेषज्ञों के अनुसार, इन योजनाओं से चीनी मिलों को अतिरिक्त कमाई का नया सोर्स मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.

तकनीकी प्रशिक्षण पर जोर, ITI में नए कोर्स

नायब सिंह सैनी की बैठक में यह बात सामने आई कि चीनी उद्योग में तकनीकी काम करने वाले कुशल कर्मचारियों की कमी है. अभी इस क्षेत्र के खास ट्रेनिंग कोर्स सिर्फ पुणे और कानपुर जैसे शहरों में ही उपलब्ध हैं. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के ITI संस्थानों में चीनी उद्योग से जुड़े नए कोर्स शुरू किए जाएं, ताकि युवाओं को रोजगार मिले और उद्योग को कुशल कर्मचारी मिल सकें.

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अब किसानों को गन्ना लेकर मिलों में कम इंतजार करना पड़ रहा है, जो एक अच्छी बात है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गन्ना खरीद और भुगतान की प्रक्रिया को और ज्यादा तेज और पारदर्शी बनाया जाए.

Topics: