हीटवेव से बचाने के लिए सरकार का बड़ा ऐलान, 1 लाख मजदूरों को सत्तू, ORS और गमछा वाली समर किट बांटेगी
Summer Kits for labours: दिल्ली में भीषण गर्मी से परेशान मजदूरों को राहत देने के लिए दिल्ली सरकार समर किट देगी. इसमें सत्तू, ओआरएस और गमछा शामिल किया गया है. बता दें कि मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों के लिए लू का अलर्ट जारी किया है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि पूरे उत्तर भारत में लू का प्रकोप जारी है. IMD ने दिल्ली के लिए अगले 7 दिनों तक लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. दिल्ली में तापमान 45 डिग्री दर्ज किया गया है. ऐसे में दिल्ली सरकार ने लू से निपटने के लिए कमर कस ली है. मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने 1 लाख से ज्यादा निर्माण इकाइयों में काम कर रहे मजदूरों को समर किट देगी. इस किट में सत्तू, ओआरएस और गमछा शामिल किया गया है.
दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने मंगलवार को पीटीआई को बताया कि दिल्ली सरकार शहर के एक लाख निर्माण श्रमिकों को भीषण गर्मी से निपटने में मदद करने के लिए सत्तू, ORS, शरबत सिरप, घमौरियों का पाउडर, गमछा और अन्य सामान वाली विशेष किट बांटेगी. उन्होंने बताया कि सरकार ने इन सामानों की खरीद, पैकेजिंग और समर किट के वितरण के लिए एक सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई (PSU) को नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. ये किट दिल्ली भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकृत लगभग एक लाख श्रमिकों को दी जाएंगी.
समर किट में ये चीजें शामिल होंगी
हर समर किट में नौ सामान होंगे, जिनमें 250 ग्राम इंस्टेंट एनर्जी ग्लूकोज, एक किलो प्रीमियम क्वालिटी का सत्तू (भुने चने का आटा), 30 ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) के पैकेट, सूती गमछा (तौलिया), धूप से बचाने वाली टोपी, घमौरियों का पाउडर, एक लीटर पानी की बोतल और 250 मिलीलीटर शरबत का गाढ़ा घोल शामिल है. ये सभी सामान एक मजबूत यूटिलिटी बैकपैक में रखे होंगे.
हर किट की लागत 1890 रुपये
हर किट के वितरण की अनुमानित लागत लगभग 1,890 रुपये है. अधिकारियों ने बताया कि बोर्ड ने दिल्ली में निर्माण श्रमिकों को समर किट की आपूर्ति के लिए एक PSU के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. बोर्ड द्वारा जारी ‘रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल’ (RFP) दस्तावेज में कहा गया है कि दिल्ली सरकार यह मानती है कि बाहर और ज्यादा शारीरिक मेहनत वाले कामों में लगे निर्माण श्रमिक, गर्मी की भीषण परिस्थितियों और लू से जुड़े काम-काज के जोखिमों, जैसे कि पानी की कमी (डिहाइड्रेशन), गर्मी का तनाव, थकान और स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याओं के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील होते हैं.
1 लाख मजदूरों को किट देने का टारगेट
बोर्ड का लक्ष्य लगभग 1,00,000 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को समर किट की समय पर आपूर्ति और वितरण सुनिश्चित करना है, ताकि उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और काम करने की समग्र परिस्थितियों में सुधार हो सके. दस्तावेज में कहा गया है कि परिस्थितियों के अनुसार निर्माण श्रमिकों की संख्या बढ़ या घट सकती है. निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों को प्राथमिकता दी जाएगी. दिल्ली के निर्माण स्थलों पर वर्तमान में काम कर रहे श्रमिकों के बारे में वास्तविक समय का प्रमाणित डेटा बोर्ड के पास उपलब्ध नहीं है, इसलिए लाभार्थियों की अनुमानित संख्या बोर्ड के डेटाबेस में दर्ज सक्रिय और नवीनीकृत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के आधार पर तय की गई है.
पंजीकृत मजदूरों को मिलेगी समर किट
लाभार्थियों की संख्या अस्थायी है और इसका अनुमान बोर्ड के रिकॉर्ड में उपलब्ध सक्रिय पंजीकृत निर्माण मजदूरों के आधार पर लगाया गया है. लाभार्थियों की उपलब्धता, फील्ड सत्यापन, ऑपरेशनल संभावना और प्रशासनिक मंजूरी के आधार पर वास्तविक वितरण अलग हो सकता है. इसमें आगे कहा गया है कि जहां तक संभव हो, उन मजदूरों को प्राथमिकता दी जाएगी जो वर्तमान में निर्माण-संबंधी बाहरी गतिविधियों में लगे हुए हैं.