जंगल कटान के विरोध का अनूठा मामला, जेसीबी से भिड़ा हाथी.. नहीं हटाने दिए पेड़
उत्तराखंड में हजारों पेड़ों की कटाई के खिलाफ स्थानीय लोग और पर्यावरण प्रेमी आवाज उठा रहे हैं. विकास और प्रकृति के बीच बहस तेज हो गई है. वहीं दूसरी ओर जंगल बचाने की जंग में इंसान के साथ अब हाथी भी खड़ा नजर आया. असम में JCB के सामने डटे गजराज का वीडियो वायरल हो रहा है
जब इंसान विकास के नाम पर जंगलों की ओर बढ़ता है तो इसका असर केवल पेड़ों पर नहीं, बल्कि वहां रहने वाले वन्यजीवों के जीवन पर भी पड़ता है. उत्तराखंड में सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं के लिए हो रही पेड़ों की कटाई के खिलाफ जहां स्थानीय लोग और पर्यावरण प्रेमी आवाज उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर असम से सामने आया एक वीडियो, जिसमें चाय बागान और जंगली इलाके में पेड़ों की कटाई के दौरान एक हाथी का जेसीबी (JCB) मशीन के सामने खड़े होने का वीडियो वायरल हुआ है. इस दौरान हाथी ने मशीन को आगे बढ़ने से रोक दिया ताकि वह अपने प्राकृतिक आवास को नष्ट होने से बचा सके.
उत्तराखंड में हजारों पेड़ों की कटाई का विरोध
उत्तराखंड में भानियावाला-ऋषिकेश हाईवे और चार धाम ऑल-वेदर रोड जैसी सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई का विरोध हो रहा है. स्थानीय लोग और पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि शिवालिक हाथी अभ्यारण्य और जंगलों के संवेदनशील इलाकों में हजारों पेड़ काटने से पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है. प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, इन क्षेत्रों में करीब 3,000 से 4,300 से ज्यादा पेड़ों की कटाई को लेकर लोगों में नाराजगी है. उनका कहना है कि विकास जरूरी है, लेकिन इसके लिए जंगलों और प्रकृति को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए. लोगों ने सड़क व्यवस्था सुधारने और दूसरे विकल्प तलाशने की मांग भी की है.
असम में JCB के सामने डटा हाथी
Elephant stands against JCB to protect its forest in Assam.
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Save forest. pic.twitter.com/cGUBduUp8C
— Cockroach Janta Party (@CJP_for_India) July 16, 2026
वहीं, असम से सामने आए एक वायरल वीडियो ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. असम के एक वन क्षेत्र या चाय बागान में सड़क निर्माण के लिए जब जेसीबी मशीन से जंगल की सफाई की जा रही थी. तभी वायरल वीडियो में देखा जाता है कि, एक विशाल हाथी पेड़ की कटाई करने पहुंची JCB मशीन के सामने खड़ा हो जाता है. हाथी मशीन को आगे बढ़ने से रोकता है और अपने प्राकृतिक आवास को बचाने की कोशिश करता नजर आता है. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में देखा जा सकता है कि हाथी जेसीबी को रोकने की कोशिश करता है फिर 2 कदम पिछे जाकर जेसीबी पर जोरदार टक्कर मारता है. हाथी का यह व्यवहार लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि जंगलों और वन्यजीवों के लिए सुरक्षित स्थान बचाना कितना जरूरी है.
विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन की जरूरत
सड़क, इन्फ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाएं देश की जरूरत हैं, लेकिन पर्यावरण संरक्षण भी उतना ही जरूरी है. उत्तराखंड में लोगों का विरोध और असम में JCB के सामने खड़े हाथी की घटना यही संदेश देती है कि विकास योजनाओं में प्रकृति और वन्यजीवों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए. विशेषज्ञों का मानना है कि टिकाऊ विकास की नीतियों के जरिए ही इंसान और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाया जा सकता है. जंगलों की सुरक्षा केवल जानवरों के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी जरूरी है.