खरीफ से पहले बड़ा ऐलान! खाद की कीमतें स्थिर, सरकार ने किया पूरा इंतजाम… स्टॉक इतना कि मांग से भी ऊपर

Fertilizer Supply: खरीफ 2026 सीजन से पहले सरकार ने किसानों के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर दी है. देश में करीब 190 लाख मीट्रिक टन खाद का मजबूत स्टॉक मौजूद है, जो पिछले साल से ज्यादा है. यूरिया, डीएपी और एनपीके सभी का भंडार बढ़ा है और आपूर्ति मांग से अधिक है. सरकार ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के बावजूद किसानों को पुरानी दरों पर ही खाद मिलेगी.

नोएडा | Published: 28 Apr, 2026 | 11:28 AM

Kharif Season Fertilizer Update: देश के किसानों के लिए इस बार खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत से पहले ही राहत की खबर सामने आई है. सरकार ने साफ कर दिया है कि बाजार में खाद की कोई कमी नहीं होगी. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें भले ही बढ़ रही हों, लेकिन भारतीय किसानों को खाद पुराने दामों पर ही उपलब्ध कराई जाएगी. इसका सीधा फायदा करोड़ों किसानों को मिलेगा जो खरीफ फसलों की बुवाई पर निर्भर हैं.

फर्टिलाइजर विभाग की अतिरिक्त सचिव अपर्णा शर्मा के अनुसार, इस सीजन के लिए देश में लगभग 390.54 लाख मीट्रिक टन खाद की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया है. लेकिन अच्छी बात यह है कि सरकार ने पहले से ही मजबूत भंडारण व्यवस्था कर ली है.

देश में रिकॉर्ड स्तर पर खाद का स्टॉक

इस समय देश में करीब 190.21 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है, जो पिछले साल के मुकाबले कहीं अधिक है. सामान्यतः इस अवधि तक केवल लगभग 33 फीसदी स्टॉक रहता है, लेकिन इस बार यह लगभग 49 फीसदी तक पहुंच गया है.

पिछले साल की तुलना में प्रमुख खादों का स्टॉक भी बढ़ा है:

यह साफ दर्शाता है कि इस बार सप्लाई सिस्टम पहले से ज्यादा मजबूत है.

जरूरत से ज्यादा उपलब्धता: कोई संकट नहीं

अप्रैल 2026 के शुरुआती दिनों में उपलब्धता और जरूरत की तुलना में स्थिति काफी बेहतर रही है:

इन आंकड़ों से साफ है कि देश में खाद की आपूर्ति मांग से काफी ज्यादा है.

कीमतों पर सरकार का बड़ा फैसला

सरकार ने किसानों को राहत देते हुए खाद की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं करने का निर्णय लिया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में जहां यूरिया की कीमत 4000 रुपये प्रति बैग से भी ऊपर पहुंच चुकी है, वहीं भारतीय किसानों को यह केवल 266.5 रुपये में ही मिलेगा.

अन्य खादों की कीमतें भी स्थिर रखी गई हैं:

सरकार अंतरराष्ट्रीय महंगाई का पूरा बोझ खुद उठा रही है ताकि किसानों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े.

उत्पादन और आयात से मजबूत आपूर्ति व्यवस्था

देश में खाद उत्पादन को भी लगातार बढ़ाया गया है. इस साल 59.01 लाख मीट्रिक टन खाद का घरेलू उत्पादन हुआ है, जबकि 13.96 लाख मीट्रिक टन का आयात किया गया है. इसके अलावा भविष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 25 लाख मीट्रिक टन यूरिया का ग्लोबल टेंडर के जरिए पहले ही इंतजाम कर लिया है.

पूरी निगरानी में खाद आपूर्ति

सरकार की एक हाई लेवल टीम लगातार इस बात पर नजर रख रही है कि देश में खाद की सप्लाई और स्टॉक ठीक से बना रहे. इसके साथ ही गैस जैसी जरूरी सुविधाओं की आपूर्ति भी अब सामान्य हो चुकी है, यानी अब कोई बड़ी दिक्कत नहीं है. डीएपी (DAP) और दूसरी जरूरी खादों की नई खरीद के लिए सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेंडर भी जारी कर दिए हैं, ताकि समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो सके.

कुल मिलाकर देखा जाए तो खरीफ 2026 के सीजन के लिए देश में खाद की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. सरकार की पहले से की गई तैयारी और मजबूत योजना की वजह से किसानों को न तो खाद की कमी झेलनी पड़ेगी और न ही कीमतों में बढ़ोतरी का बोझ पड़ेगा.

Topics: