PM मोदी की अपील के बाद सरकार का बड़ा फैसला, Gold-Silver पर बढ़ाया भारी टैक्स, जानें कितना महंगा होगा सोना

Gold-Silver: सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर टैक्स बढ़ा दिया है ताकि देश का व्यापार घाटा कम हो और रुपये को मजबूती मिले. यह फैसला ऐसे समय आया है जब वैश्विक तनाव और ईरान युद्ध के कारण आर्थिक दबाव बढ़ा हुआ है. भारत में सोने की मांग पहले से ही ज्यादा है, लेकिन अब महंगा होने से इसकी खरीद कम हो सकती है.

नोएडा | Published: 13 May, 2026 | 11:28 AM

Gold-Silver Import Duty Hike: भारत सरकार ने बुधवार को सोना और चांदी के आयात शुल्क में बड़ा बदलाव किया है. अब इन दोनों पर इम्पोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी गई है, जिसमें 10 फीसदी बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5 फीसदी कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर एवं डेवलपमेंट सेस (AIDC) शामिल है. इसका सीधा मतलब है कि अब विदेश से सोना-चांदी लाना पहले से ज्यादा महंगा हो जाएगा.

सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि देश में सोना-चांदी का आयात कम हो सके, व्यापार घाटे (ट्रेड डिफिसिट) पर नियंत्रण पाया जा सके और भारतीय रुपये को मजबूती दी जा सके. हाल ही में डॉलर के मुकाबले रुपया 95.75 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया था, जिसे देखते हुए यह आर्थिक संतुलन सुधारने की कोशिश मानी जा रही है.

प्रधानमंत्री की अपील और आर्थिक दबाव

यह फैसला ऐसे समय आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिन पहले लोगों से कहा था कि वे सोना खरीदने में ज्यादा खर्च न करें और जरूरत से ज्यादा खरीदारी से बचें. उन्होंने कहा था कि मौजूदा आर्थिक हालात और दुनिया में चल रहे तनाव को देखते हुए लोगों को समझदारी से खर्च करना चाहिए.

इन दिनों ईरान युद्ध और दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ने की वजह से देश में महंगाई और विदेशी पैसे (विदेशी मुद्रा भंडार) पर दबाव बढ़ रहा है. इसलिए सरकार चाहती है कि विदेश से आने वाला सोना-चांदी कम खरीदा जाए, ताकि देश की आर्थिक स्थिति पर ज्यादा बोझ न पड़े.

पहले से ही सख्ती, अब और असर

भारत पहले ही सोना और चांदी के आयात पर 3 फीसदी IGST लगा चुका है. इसी वजह से कई बैंकों ने कुछ समय के लिए इसका आयात रोक भी दिया था. इसका असर यह हुआ कि अप्रैल महीने में सोने का आयात पिछले लगभग 30 सालों में सबसे कम स्तर पर पहुंच गया. अब सरकार ने आयात शुल्क और बढ़ा दिया है, जिससे उम्मीद है कि सोना-चांदी का आयात और भी कम हो जाएगा. हालांकि, जानकारों का मानना है कि इससे देश के अंदर सोना और चांदी की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा.

भारत में सोने की भारी मांग

भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता और चांदी का सबसे बड़ा उपभोक्ता देश है. यहां शादी-ब्याह, निवेश और धार्मिक परंपराओं में सोने का बहुत महत्व माना जाता है. पिछले एक साल में सोने की मांग तेजी से बढ़ी है, क्योंकि शेयर बाजार में अच्छा रिटर्न नहीं मिला और लोग सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर ज्यादा आकर्षित हुए हैं. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, मार्च तिमाही में भारत के गोल्ड ETF में निवेश 186 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 20 मीट्रिक टन तक पहुंच गया.

महंगाई और बाजार पर असर

सरकार के इस फैसले से गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में और तेजी आने की संभावना है. इससे मांग में गिरावट भी देखने को मिल सकती है. बुलियन डीलर्स का कहना है कि बढ़ी हुई ड्यूटी से आयात महंगा होगा, जिससे खपत घट सकती है. हालांकि, एक चिंता यह भी है कि ज्यादा टैक्स के कारण सोने की तस्करी (Smuggling) फिर से बढ़ सकती है, जो पहले टैक्स कम होने पर काफी हद तक कंट्रोल हो गई थी.

प्रधानमंत्री की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि वे एक साल तक शादी-ब्याह में सोना खरीदने से बचें और गैर-जरूरी विदेशी यात्राएं टालें. उन्होंने वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग पर भी जोर दिया है. सरकार का मानना है कि अगर लोग अनावश्यक खर्च कम करेंगे, तो इससे देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव कम होगा, महंगाई नियंत्रित रहेगी और विदेशी मुद्रा पर निर्भरता घटेगी.

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