भूसे को समझते थे बेकार? यही बना रहा किसान को मालामाल, जानें इसके चौंकाने वाले फायदे!

गांवों में अक्सर जिस गेहूं के भूसे को लोग सिर्फ एक साधारण अवशेष समझते हैं, वही असल में किसानों के लिए किसी “खजाने” से कम नहीं है. यह न सिर्फ पशुओं के लिए सस्ता और पौष्टिक चारा है, बल्कि मिट्टी की सेहत सुधारने से लेकर पानी की बचत और पर्यावरण संरक्षण तक में बड़ी भूमिका निभाता है. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (KVK Noida) के अनुसार, सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यही भूसा खेती और पशुपालन दोनों में किसानों की लागत घटाकर मुनाफा बढ़ाने का मजबूत जरिया बन सकता है.

Isha Gupta
नोएडा | Updated On: 1 May, 2026 | 11:24 AM
1 / 6गेहूं का भूसा गाय, भैंस और बकरियों के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है. इसमें मौजूद फाइबर पशुओं के पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करता है.

गेहूं का भूसा गाय, भैंस और बकरियों के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है. इसमें मौजूद फाइबर पशुओं के पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करता है.

2 / 6जब भूसे को हरे चारे, दाना और खली के साथ मिलाकर दिया जाता है, तो पशुओं को पूरा और संतुलित पोषण मिलता है. इससे उनकी भूख अच्छी रहती है और वे लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं.

जब भूसे को हरे चारे, दाना और खली के साथ मिलाकर दिया जाता है, तो पशुओं को पूरा और संतुलित पोषण मिलता है. इससे उनकी भूख अच्छी रहती है और वे लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं.

3 / 6सही मात्रा में भूसा खिलाने से पशुओं का पाचन बेहतर होता है, जिससे वे खाने का पूरा लाभ लेते हैं. इसका सीधा असर दूध की मात्रा और उसके गाढ़ेपन (क्वालिटी) पर पड़ता है.

सही मात्रा में भूसा खिलाने से पशुओं का पाचन बेहतर होता है, जिससे वे खाने का पूरा लाभ लेते हैं. इसका सीधा असर दूध की मात्रा और उसके गाढ़ेपन (क्वालिटी) पर पड़ता है.

4 / 6गेहूं का भूसा सस्ता और आसानी से उपलब्ध होता है. इसे स्टोर करने में ज्यादा खर्च नहीं आता और छोटे किसान भी इसे सालभर के लिए सुरक्षित रख सकते हैं. जरूरत पड़ने पर इसे बेचकर अतिरिक्त आय भी कमा सकते हैं.

गेहूं का भूसा सस्ता और आसानी से उपलब्ध होता है. इसे स्टोर करने में ज्यादा खर्च नहीं आता और छोटे किसान भी इसे सालभर के लिए सुरक्षित रख सकते हैं. जरूरत पड़ने पर इसे बेचकर अतिरिक्त आय भी कमा सकते हैं.

5 / 6भूसे को खेत में मिलाने या सड़ाकर खाद बनाने से मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ बढ़ते हैं. इससे जमीन की बनावट सुधरती है, पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और फसल का उत्पादन बेहतर होता है.

भूसे को खेत में मिलाने या सड़ाकर खाद बनाने से मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ बढ़ते हैं. इससे जमीन की बनावट सुधरती है, पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और फसल का उत्पादन बेहतर होता है.

6 / 6खेत में मल्चिंग के रूप में इस्तेमाल करने से मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है, जिससे सिंचाई कम करनी पड़ती है. साथ ही, भूसा जलाने की बजाय उपयोग करने से प्रदूषण कम होता है और पर्यावरण को फायदा मिलता है.

खेत में मल्चिंग के रूप में इस्तेमाल करने से मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है, जिससे सिंचाई कम करनी पड़ती है. साथ ही, भूसा जलाने की बजाय उपयोग करने से प्रदूषण कम होता है और पर्यावरण को फायदा मिलता है.

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Published: 1 May, 2026 | 11:21 AM
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