मूंगफली की खेती में उछाल! रकबा 9 फीसदी बढ़कर 46.82 लाख हेक्टेयर, यूपी-MP में बुवाई बढ़ी

Groundnut Farming: खरीफ 2026 में देश में मूंगफली की बुवाई का रकबा करीब 9% बढ़कर 46.82 लाख हेक्टेयर हो गया है. यूपी, एमपी और राजस्थान में किसानों ने खेती बढ़ाई है, जबकि गुजरात और कर्नाटक में रकबा घटा है. बेहतर मॉनसून, MSP पर सरकारी खरीद और अच्छे भाव को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है.

नोएडा | Updated On: 8 Aug, 2026 | 11:10 AM

Groundnut Production India: खरीफ सीजन 2026 में मूंगफली की खेती को लेकर किसानों का रुझान बढ़ा है. देशभर में मूंगफली की बुवाई का क्षेत्रफल 46.82 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है. कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 7 अगस्त तक यह रकबा पिछले साल के 43.11 लाख हेक्टेयर से करीब 9 फीसदी ज्यादा है. खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में किसानों ने मूंगफली की खेती तेजी से बढ़ाई है. वहीं, गुजरात और कर्नाटक में रकबा घटा है.

यूपी में सबसे ज्यादा बढ़ी मूंगफली की खेती

इस साल मूंगफली की खेती बढ़ाने में उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा है. राज्य में इसका रकबा करीब 78 फीसदी बढ़कर 4.71 लाख हेक्टेयर हो गया है. पिछले साल यह 2.65 लाख हेक्टेयर था. मध्य प्रदेश में भी किसानों ने मूंगफली का रकबा करीब 40 फीसदी बढ़ाया है. यहां बुवाई 4.17 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 5.86 लाख हेक्टेयर हो गई. छत्तीसगढ़ में भी करीब 42 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

राजस्थान में भी किसानों का बढ़ा भरोसा

राजस्थान में मूंगफली की बुवाई 11.9 फीसदी बढ़कर 10.82 लाख हेक्टेयर हो गई है. पिछले साल यहां 9.67 लाख हेक्टेयर में मूंगफली बोई गई थी. महाराष्ट्र में भी मामूली बढ़ोतरी हुई है और रकबा 1.35 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है. आंध्र प्रदेश में स्थिति लगभग स्थिर रही और वहां 1.13 लाख हेक्टेयर में मूंगफली की बुवाई हुई है.

गुजरात और कर्नाटक में घटा रकबा

देश में मूंगफली के सबसे बड़े उत्पादक राज्य गुजरात में इस बार खेती का क्षेत्रफल करीब 3.1 फीसदी घटकर 19.78 लाख हेक्टेयर रह गया है. पिछले साल यहां 20.42 लाख हेक्टेयर में मूंगफली बोई गई थी. कर्नाटक में गिरावट इससे भी ज्यादा रही. बारिश की कमी के कारण राज्य में मूंगफली का रकबा करीब 44 फीसदी घटकर 0.82 लाख हेक्टेयर रह गया. पिछले साल यहां 1.48 लाख हेक्टेयर में खेती हुई थी.

MSP और सरकारी खरीद ने बढ़ाया भरोसा

मूंगफली की खेती बढ़ने के पीछे अच्छे दाम, सरकारी खरीद और बेहतर मॉनसून को अहम वजह माना जा रहा है. पिछले साल सरकार ने MSP के तहत बड़ी मात्रा में मूंगफली खरीदी थी. इससे किसानों को यह भरोसा मिला कि बाजार में भाव कमजोर होने पर भी सरकारी खरीद का सहारा मिल सकता है. केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए मूंगफली का MSP 7,517 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. हालांकि, 15 जुलाई को करीब 7,333 रुपये प्रति क्विंटल रहा औसत थोक भाव घटकर लगभग 7,073 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है.

पिछले साल सरकार ने खरीदी थी 11.22 लाख टन मूंगफली

2025-26 सीजन में NAFED ने किसानों से करीब 11.22 लाख टन मूंगफली खरीदी थी. इसमें सबसे ज्यादा 10.46 लाख टन मूंगफली गुजरात से खरीदी गई. वहीं राजस्थान से 0.39 लाख टन और उत्तर प्रदेश से 0.36 लाख टन खरीद हुई. सरकार की इस खरीद से किसानों को अपनी मूंगफली की उचित कीमत मिलने का भरोसा बढ़ा है. इससे किसानों को मूंगफली की खेती करने के लिए प्रोत्साहन मिला और खेती के प्रति उनका भरोसा भी मजबूत हुआ.

अब बारिश पर टिकी नजर

देश में मूंगफली की बुवाई का रकबा बढ़ने से इस साल उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद है. हालांकि, सिर्फ रकबा बढ़ने से उत्पादन तय नहीं होता. अगस्त के मध्य और सितंबर में होने वाली बारिश फसल के लिए बेहद अहम होगी. अगर इस दौरान मौसम साथ देता है और फसल को पर्याप्त नमी मिलती है, तो उत्पादन अच्छा हो सकता है. वहीं, बारिश कमजोर रहने या जरूरत से ज्यादा होने पर फसल को नुकसान भी पहुंच सकता है. फिलहाल किसानों के बढ़े रकबे और सरकारी MSP के चलते मूंगफली इस खरीफ सीजन की अहम फसलों में शामिल हो गई है.

Published: 8 Aug, 2026 | 10:47 AM

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