गुजरात में कुएं के उछाल मारते पानी ने वैज्ञानिकों को चौंकाया, ग्रामीणों की अपील पर होगी जांच

गुजरात के मोरबी में एक साधारण कुआं अचानक समुद्र की तरह हिलोरे मारने लगा. वायरल वीडियो के बाद वैज्ञानिकों और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में पानी के नीचे फंसी हवा को वजह माना गया है, जबकि विस्तृत रिपोर्ट का सभी को इंतजार है.

नोएडा | Updated On: 7 Aug, 2026 | 03:42 PM

Gujarat Well Mystery: क्या किसी साधारण कुएं में समुद्र जैसी लहरें उठ सकती हैं? गुजरात के मोरबी जिले के वीरपरडा गांव में सामने आया यह अनोखा नजारा लोगों के लिए कौतूहल और चिंता दोनों का कारण बन गया. कुएं का पानी अचानक तेज हिलोरे लेने लगा तो ग्रामीणों ने इसे किसी बड़ी प्राकृतिक घटना का संकेत मान लिया. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और भू-वैज्ञानिकों की टीम मौके पर पहुंची. शुरुआती जांच में पानी के नीचे फंसी हवा को इसकी संभावित वजह बताया गया है, जबकि विस्तृत जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम को जिम्मेदारी सौंपी गई है.

समुद्र जैसी लहरों वाला कुआं बना चर्चा का केंद्र

गुजरात के मोरबी जिले के टंकारा तालुका स्थित वीरपरडा गांव में एक साधारण कुएं में अचानक समुद्र जैसी लहरें उठने लगीं. कुएं का पानी  लगातार हिलोरे मारता दिखाई दिया, जिसे देखकर ग्रामीण भी हैरान रह गए. इस अनोखी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. इसके बाद बड़ी संख्या में लोग इस रहस्यमयी कुएं को देखने पहुंचने लगे. प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए भू-वैज्ञानिकों की टीम को मौके पर भेजा.

वैज्ञानिकों की शुरुआती जांच में सामने आई यह वजह

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मोरबी के कलेक्टर स्वप्निल खरे ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर जिला भू-वैज्ञानिकों  ने मौके का निरीक्षण किया. शुरुआती जांच में यह संभावना जताई गई कि पानी के नीचे फंसी हवा (ट्रैप्ड एयर) के कारण पानी की सतह पर तेज हलचल हो रही है. जब यह हवा अपनी जगह बदलती है तो पानी में समुद्र जैसी लहरें दिखाई देती हैं. मामले की विस्तृत जांच के लिए गुजरात ग्राउंडवाटर रिसर्च इंस्टीट्यूट को भी निर्देश दिए गए हैं, जो अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगा.

भूकंप की आशंका पर विशेषज्ञों ने दी राहत

वीरपरडा गांव जामनगर-अमृतसर नेशनल हाईवे पर स्थित है. यह 18 फीट गहरा कुआं किसान प्रांजिवनभाई सदारिया के खेत में बना हुआ है. घटना के बाद स्थानीय लोगों में यह आशंका फैल गई कि कहीं यह किसी बड़े भूकंप का संकेत तो नहीं है. हालांकि विशेषज्ञों ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र में कोई सक्रिय फॉल्ट लाइन नहीं है. इसलिए कुएं में दिखाई दे रही पानी की हलचल का किसी भी प्रकार की भूकंपीय गतिविधि से कोई संबंध नहीं है. इससे ग्रामीणों की बड़ी चिंता दूर हो गई.

सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग, विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार

रहस्यमयी कुएं को देखने के लिए लगातार लोगों की भीड़ जुट रही है. इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर कुएं के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी है और लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी है. अब सभी की नजर गुजरात ग्राउंडवाटर  रिसर्च इंस्टीट्यूट की विस्तृत रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे साफ हो सकेगा कि आखिर इस कुएं के पानी में समुद्र जैसी लहरें उठने की वास्तविक वैज्ञानिक वजह क्या है. तब तक यह अनोखी घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.

Published: 7 Aug, 2026 | 02:12 PM

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