उत्तर प्रदेश सरकार खेती को आधुनिक बनाने के लिए किसानों को सब्सिडी पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराती है और इसके लिए आवेदन करने पर किसानों को तय टोकेन मनी जमा करनी होती है. कृषि यंत्रीकरण योजना समेत अन्य योजनाओं के तहत 38 हजार से ज्यादा किसानों ने यंत्र पाने के लिए 2025-26 में आवेदन किया और टोकेन मनी जमा की. लेकिन, इन किसानों को कृषि यंत्र नहीं मिल सके. अब सरकार इन किसानों के 15 करोड़ रुपये लौटा रही है. कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने लापरवाही करने वाले अधिकारियों को फटकार लगाई है.
अच्छा प्रदर्शन नहीं करने वाले अधिकारियों को फटकार
उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि भवन में विभागीय योजनाओं की समीक्षा की. उन्होंने लक्ष्य के सापेक्ष अच्छा प्रदर्शन नहीं करने वाले योजना अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और कड़े निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी जनपदों में उर्वरकों की आनुपातिक रूप से संतुलित आपूर्ति और वितरण पक्का किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य में खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त खाद का स्टॉक मौजूद है. किसानों को खाद वितरण की जांच के लिए ब्लॉक स्तर पर जांच अभियान चलाए जाएं.
38 हजार किसानों को नहीं मिले कृषि यंत्र, टोकेन मनी वापिस
आधिकारिक बयान में कृषि मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कृषि यंत्रों की बुकिंग कराने वाले जिन किसानों को कृषि यंत्र नहीं मिल पाए थे, उन 38,568 कृषकों की 15.16 करोड़ रुपये की टोकन मनी बुकिंग धनराशि उनके खातों में वापस कर दी गई है. इसके साथ ही गत वर्ष 2024-25 व 2023-24 के 9,837 किसानों की 3.57 करोड़ रुपये की धनराशि भी उनके खातों में वापस भेजने की कार्यवाही एक सप्ताह के भीतर पूरी कर ली जाएगी.
किसानों को समय पर योजनाओं का लाभ देने के लिए निगरानी बढ़ी
कृषि मंत्री ने कृषि भवन में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) की ओर से विकसित ‘आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली’ (AEBAS) नामक नई डिजिटल उपस्थिति प्रणाली का उद्घाटन किया. उन्होंने बताया कि इस तकनीक के माध्यम से शासकीय कार्यों में समयबद्धता और कार्यकुशलता और अधिक मजबूत होगी, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश के किसानों तक सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की पहुंच को भी अधिक प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जा सकेगा.