बिजली बिल बढ़ा पर किसानों को सस्ती दर पर मिलेगी पॉवर सप्लाई, ट्यूबवेल कनेक्शन पर छूट जारी रहेगी
Haryana Electricity Tariff : विद्युत नियामक आयोग ने कहा कि बिजली आपूर्ति की कुल लागत बढ़कर 7.48 रुपये प्रति यूनिट हो जाने के बावजूद किसानों को सस्ती दर पर बिजली देने के लिए राज्य सरकार ने 1,088.61 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी का ऐलान किया है.
हरियाणा के किसानों को सस्ती दर पर बिजली देने की सुविधा जारी रहेगी. राज्य सरकार ने बिजली सब्सिडी को 6781 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7870 करोड़ रुपये कर दिया है. राज्य सरकार के अधीन विद्युत नियामक आयोग ने किसानों को रियायती दर पर बिजली देते रहने को मंजूरी दी है. इसके साथ ही बिजली दर महंगी होने के बावजदू किसानों को पहले की तरह सब्सिडी पर पॉवर सप्लाई जारी रहेगी. सरकार के इस फैसले से राज्य के 83 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा.
बिजली दर महंगी हुई पर किसानों को छूट जारी रहेगी
हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) ने हरियाणा में बिजली वितरण कंपनियों के लिए 2026-27 का टैरिफ आदेश जारी कर दिया है. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार इस आदेश के अनुसार बिजली अधिनियम 2003 के तहत किसानों को ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए बिजली 10 पैसे प्रति यूनिट की रियायती दर पर मिलती रहेगी. हालांकि, बिजली आपूर्ति की लागत 7.35 रुपये से बढ़कर 7.48 रुपये प्रति यूनिट हो गई है, लेकिन किसानों को रियायती दर पर सप्लाई जारी रखने का फैसला किया गया है.
हरियाणा के किसानों को 10 पैसे प्रति यूनिट बिजली मिलेगी
हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) ने 2026-27 के लिए टैरिफ आदेश जारी किया है, जिससे पूरे हरियाणा के किसानों को राहत मिली है. यह आदेश पक्का करता है कि किसान ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली के लिए 10 पैसे प्रति यूनिट की भारी रियायती दर का भुगतान करते रहेंगे, जो बिजली अधिनियम 2003 के प्रावधानों के अनुरूप है.
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सरकार 1088 करोड़ रुपये अतिरिक्त सब्सिडी देगी
आयोग ने कहा कि बिजली आपूर्ति की कुल लागत 7.35 रुपये से बढ़कर 7.48 रुपये प्रति यूनिट हो जाने के बावजूद राज्य सरकार ने 1,088.61 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देने का वादा किया है. इससे इस वर्ष के लिए कुल सब्सिडी आवंटन बढ़कर 7,870.32 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले वर्ष के 6,781.71 करोड़ रुपये से काफी अधिक है.
राज्य के 83 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
अनुमानित आंकड़े जारी कर कहा गया है कि 2026-27 में कृषि क्षेत्र के लिए 10,686.64 मिलियन यूनिट बिजली आवंटित की गई है, जबकि पिछले वर्ष यह 9,304.27 मिलियन यूनिट थी. किसानों को बिजली आपूर्ति की कुल लागत 7,993.61 करोड़ रुपये अनुमानित है, लेकिन किसानों से केवल 123.30 करोड़ रुपये ही वसूले जाएंगे. शेष राशि का भुगतान राज्य सरकार करेगी. इससे बिजली की दरें स्थिर रहेंगी और पूरे राज्य में 83 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा.