हिमाचल बजट 2026: किसानों- पशुपालकों के लिए बड़े ऐलान, 300 यूनिट फ्री बिजली से लेकर महिलाओं को मिलेंगे 1500 रुपये
बजट में दूध के दामों में भी बढ़ोतरी की गई है. अब गाय के दूध का मूल्य 51 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का 61 से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. इससे हजारों पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है. इसके साथ ही चरवाहों के लिए डिजिटल कार्ड और जीवन बीमा योजना शुरू करने की घोषणा भी की गई है.
हिमाचल प्रदेश के बजट 2026-27 ने राज्य के किसानों और पशुपालकों के लिए नई उम्मीदें जगाई हैं. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस बार बजट में ऐसे कई फैसले लिए हैं, जो सीधे गांव और खेती से जुड़े लोगों की जिंदगी पर असर डालेंगे. खास बात यह है कि सरकार ने पहली बार अदरक जैसी फसल को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के दायरे में लाकर किसानों को बड़ा सहारा दिया है. इसी के साथ दूध के दाम में भी 10 रुपये का इजाफा किया गया है. इस बजट में प्राकृतिक खेती और पशुपालन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है.
अदरक से लेकर हल्दी तक, MSP में बड़ा बदलाव
इस बजट की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि राज्य सरकार ने कई फसलों के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की है. पहली बार अदरक के लिए 30 रुपये प्रति किलो MSP तय किया गया है, जो पहाड़ी किसानों के लिए राहत की खबर है. प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करते हुए गेहूं का MSP 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है.
इसके अलावा मक्की का MSP 40 से बढ़ाकर 50 रुपये, पांगी घाटी के जौ का 60 से बढ़ाकर 80 रुपये और हल्दी का 90 से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलो कर दिया गया है.
हिमाचल बजट 2026 में किसानों को बड़ी राहत, किसानों से लेकर पशुपालन को भी मिला बड़ा सहारा
दूध के दाम 10 रुपये बढ़े
राज्य सरकार ने पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार मानते हुए इस क्षेत्र के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इससे डेयरी और भेड़ पालन से जुड़े लोगों को सीधा फायदा मिलेगा.
दूध के दामों में भी बढ़ोतरी की गई है. अब गाय के दूध का मूल्य 51 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का 61 से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. इससे हजारों पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.
इसके साथ ही चरवाहों के लिए डिजिटल कार्ड और जीवन बीमा योजना शुरू करने की घोषणा भी की गई है. भेड़पालन को बढ़ावा देने के लिए 300 करोड़ रुपये की नई योजना भी लाई जाएगी.
मछली पर 100 रुपये MSP और नाव खरीद पर 70 प्रतिशत मदद
हिमाचल सरकार ने मछुआरों के लिए अच्छी खबर दी है. अब जलाशय की मछली खरीद पर 100 रुपये प्रति किलो MSP मिलेगा, यानी मछुआरों को उनकी मछली का तय दाम मिलेगा. इसके साथ ही “मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना” भी शुरू होगी, जिससे उन्हें आर्थिक मदद मिलेगी. सरकार नाव खरीदने पर 70 प्रतिशत तक पैसा देगी, जिससे छोटे मछुआरों को अपना काम बढ़ाने में आसानी होगी.
हिमाचल में बनेगा राज्य किसान आयोग
मुख्यमंत्री एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश में राज्य किसान आयोग का गठन किया जाएगा, जिससे किसानों की समस्याओं का समाधान बेहतर तरीके से हो सकेगा. इसके साथ ही पारंपरिक बीजों को बढ़ावा देने के लिए “बीज गांव” स्थापित किए जाएंगे. इन बीज गांवों में किसानों को सब्सिडी भी दी जाएगी, जिससे वे आसानी से खेती के लिए अच्छे और पारंपरिक बीज प्राप्त कर सकेंगे.
300 यूनिट मुफ्त बिजली और महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने “मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना” शुरू करने का ऐलान किया है. इसके तहत राज्य के सबसे गरीब BPL परिवारों की पहचान कर करीब एक लाख परिवारों को चुना जाएगा. इन परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जाएगी. जिनके पास पक्का घर नहीं है, उन्हें चरणबद्ध तरीके से मकान की सुविधा भी मिलेगी. साथ ही इन परिवारों की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी.
अधूरे कार्यों को पूरा करने पर सरकार का फोकस
राज्य में लंबे समय से रुके 300 अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने के लिए 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इससे बुनियादी ढांचे में सुधार होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
हालांकि, उन्होंने सेब पर आयात शुल्क और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों को लेकर चिंता भी जताई. उनका कहना है कि इससे राज्य के बागवानों पर असर पड़ सकता है, लेकिन सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी.
हिमाचल में हरित विकास पर जोर
- राज्य में 100 नई ट्राउट मछली इकाइयां स्थापित की जाएंगी
- 2030 तक हरित क्षेत्र 29.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 32 प्रतिशत करने का लक्ष्य
- वर्ष 2026-27 में 4,000 हेक्टेयर में पौधरोपण किया जाएगा
- हमीरपुर में 25 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क बनेगा
- पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 50 ईको टूरिज्म साइट विकसित होंगी
- 50 विश्राम गृहों की बुकिंग ऑनलाइन की जाएगी
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने साफ कहा कि सरकार अपने फैसलों से पीछे नहीं हटेगी. उन्होंने बताया कि साल 2026-27 के लिए बजट 54,928 करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले साल के 58,514 करोड़ रुपये से कम है. यानी इस बार करीब 3,586 करोड़ रुपये की कमी आई है. इसके बावजूद उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार अपनी सभी गारंटियों को पूरी तरह लागू करेगी. अपने संबोधन में उन्होंने शायरी के अंदाज में कहा कि जो लोग समय पर जिम्मेदारी नहीं निभाते, इतिहास उन्हें भी याद रखता है.