Holi 2026: होली पर लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण! जानें किन राशियों की खुलेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान

Chandra Grahan 2026: फाल्गुन पूर्णिमा और होली के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा. यह ग्रहण सिंह राशि में होगा, इसलिए इसका असर अलग-अलग राशियों पर अलग तरह से पड़ सकता है. लोगों के मन में सूतक काल, ग्रहण का सही समय, यह कहां-कहां दिखाई देगा और इसका क्या प्रभाव होगा, इन सबको लेकर जिज्ञासा बनी हुई है. ऐसे में आइए जानते हैं इस खगोलीय घटना से जुड़ी जरूरी बातें और किन राशियों पर इसका कैसा असर हो सकता है.

नोएडा | Updated On: 1 Mar, 2026 | 11:07 AM

Lunar Eclipse: फाल्गुन पूर्णिमा यानी 3 मार्च 2026 को होली के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. पंचांग के अनुसार यह ग्रहण सिंह राशि में लगेगा. लखनऊ के ज्योतिषी, राकेश पांडे बताते हैं कि, ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक संतुलन का कारक माना जाता है. ऐसे में जब चंद्र ग्रहण किसी विशेष राशि में होता है, तो उसका प्रभाव व्यक्ति के मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक जीवन पर देखा जाता है.

हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से यह एक सामान्य खगोलीय घटना है, लेकिन पारंपरिक मान्यताओं में इसे आत्मचिंतन और सावधानी का समय माना जाता है.

सूतक काल और ग्रहण का समय

लखनऊ के ज्योतिषी राकेश पांडे के अनुसार 3 मार्च 2026 को लगने वाले इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह लगभग 6:20 बजे से शुरू होकर शाम 6:46 बजे तक रहेगा. परंपराओं के अनुसार सूतक काल को अशुभ समय माना जाता है, इसलिए इस दौरान पूजा-पाठ और शुभ कार्य टालने की सलाह दी जाती है. ग्रहण की मुख्य अवधि दोपहर लगभग 3:20 बजे से शुरू होगी.

भारतीय समयानुसार शाम 6 बजकर 17 मिनट पर इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा. यह खगोलीय घटना भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, प्रशांत महासागर और पूर्वी एशिया के कुछ हिस्सों में भी देखी जा सकेगी.

किन राशियों के लिए शुभ संकेत?

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार कुछ राशियों के लिए यह ग्रहण सकारात्मक परिणाम ला सकता है.

किन राशियों को बरतनी होगी सावधानी?

जहां कुछ राशियों को लाभ के संकेत मिल रहे हैं, वहीं कुछ को सतर्क रहने की जरूरत है.

ग्रहण काल में क्या करें?

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय मंत्र जाप, ध्यान और प्रार्थना करना शुभ माना जाता है. सूतक काल के नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण समझा जाता है. ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर दान-पुण्य करने की सलाह दी जाती है. इस तरह होली के दिन लगने वाला यह चंद्र ग्रहण जहां एक ओर खगोलीय दृष्टि से खास है, वहीं ज्योतिषीय मान्यताओं में इसे सावधानी और आत्ममंथन का अवसर भी माना जा रहा है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है. Kisan India इसकी पूर्ण सत्यता का दावा नहीं करता. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ से परामर्श लेना उचित रहेगा.

Published: 1 Mar, 2026 | 11:07 AM

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