सावधान! कहीं आप भी तो नहीं खा रहे मिलावटी घी? 2 मिनट का ये टेस्ट खोल देगा सच्चाई, जानें

Ghee Purity Check: घी में मिलावट आजकल एक आम समस्या बन चुकी है, जिससे सेहत को नुकसान हो सकता है. लेकिन चिंता न करें, Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने इसके लिए एक आसान घरेलू टेस्ट बताया है जिससे आप घर पर ही एक आसान टेस्ट करके घी की शुद्धता जांच सकते हैं. HCL और चीनी की मदद से किया गया यह टेस्ट कुछ ही मिनटों में बता देता है कि घी शुद्ध है या उसमें वानस्पति की मिलावट है.

नोएडा | Published: 22 Mar, 2026 | 02:30 PM

Adulterated Ghee: भारत में घी का उपयोग लगभग हर घर में किया जाता है, लेकिन आजकल बाजार में मिलावटी घी की समस्या तेजी से बढ़ रही है. कई बार घी में वानस्पति या हाइड्रोजेनेटेड फैट मिलाकर उसकी क्वालिटी खराब कर दी जाती है, जिससे सेहत पर भी बुरा असर पड़ सकता है. ऐसे में जरूरी है कि आप घर बैठे ही आसानी से घी की शुद्धता की पहचान कर सकें.

ऐसे में जरूरी है कि हम घर पर ही दूध की शुद्धता की जांच करना सीखें. इसी को लेकर Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी है और एक आसान घरेलू टेस्ट साझा किया है.

क्यों खतरनाक है मिलावटी घी?

घी में वानस्पति या अन्य सस्ते तेल मिलाने से उसकी पौष्टिकता कम हो जाती है. यह न केवल शरीर को जरूरी पोषण नहीं देता, बल्कि लंबे समय तक सेवन करने पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी पैदा कर सकता है. इसलिए शुद्ध घी की पहचान करना बेहद जरूरी हो जाता है, ताकि आप और आपका परिवार सुरक्षित रह सके.

FSSAI का घरेलू टेस्ट: ऐसे करें पहचान

अगर आपको शक है कि आपका घी मिलावटी हो सकता है, तो एक आसान टेस्ट से इसकी जांच की जा सकती है. इसके लिए आपको कुछ साधारण चीजों की जरूरत होगी, जो आमतौर पर लैब में इस्तेमाल होती हैं.

रंग बदलने से पहचानें मिलावट

इस टेस्ट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है रंग में बदलाव. अगर आपका घी पूरी तरह शुद्ध है, तो इसमें किसी भी तरह का रंग परिवर्तन नहीं होगा. लेकिन अगर घी में वानस्पति या हाइड्रोजेनेटेड फैट की मिलावट है, तो एसिड की परत का रंग लाल या गुलाबी (क्रिमसन रेड/पिंक) हो जाएगा. यह संकेत है कि घी मिलावटी है.

कैसे काम करता है यह टेस्ट?

इस प्रोसेस के पीछे एक वैज्ञानिक कारण भी है. जब हाइड्रोक्लोरिक एसिड चीनी के साथ रिएक्ट करता है, तो यह उसे ग्लूकोज और फ्रक्टोज में तोड़ देता है. इसके बाद यह मिश्रण फुरफुरल नामक पदार्थ बनाता है, जो वानस्पति या तिल के तेल में मौजूद तत्वों के साथ रिएक्ट करता है. इसी रिएक्शन के कारण लाल या गुलाबी रंग दिखाई देता है.

इस टेस्ट को करते समय सावधानी बरतना जरूरी है, क्योंकि हाइड्रोक्लोरिक एसिड एक तेज रसायन होता है. अगर आपके पास यह उपलब्ध न हो, तो बाजार से विश्वसनीय ब्रांड का घी ही खरीदें.

जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव

FSSAI का कहना है कि घरेलू जांच शुरुआती स्तर पर मददगार हो सकती है, लेकिन यह लैब टेस्ट का विकल्प नहीं है. किसी भी खाद्य पदार्थ की पूरी तरह शुद्धता की पुष्टि केवल प्रमाणित लैब में ही हो सकती है. फिर भी, यह छोटा सा टेस्ट लोगों को जागरूक बनाता है और सही फैसला लेने में मदद करता है. अगर आपको मिलावट का संदेह हो, तो इसकी शिकायत FSSAI के ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप या स्थानीय फूड सेफ्टी विभाग में कर सकते हैं.

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