कावेरी विवाद पर नया मोड़! कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष ने मेकेदातु परियोजना पर CM विजय से की बड़ी अपील

Kaveri Jal Vivad: कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को पत्र लिखकर कावेरी जल विवाद को बातचीत और सहयोग से सुलझाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि कावेरी दोनों राज्यों के करोड़ों लोगों की जीवनरेखा है और मेकेदातु परियोजना से बेंगलुरु की पेयजल जरूरतें पूरी हो सकती हैं.

नोएडा | Published: 2 Aug, 2026 | 11:07 AM

Cauvery Water Dispute: कावेरी नदी के पानी को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच लंबे समय से विवाद चलता आ रहा है. इसी बीच कर्नाटक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को पत्र लिखकर दोनों राज्यों के बीच सहयोग और आपसी समझ बढ़ाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि, उनका समाधान बातचीत और सहयोग से निकाला जाए. विजयेंद्र ने अपने पत्र में कहा कि कावेरी नदी को विवाद का कारण नहीं, बल्कि दोनों राज्यों को जोड़ने वाला माध्यम बनना चाहिए.

पुराने विवाद का दिया उदाहरण

अपने पत्र में बी.वाई. विजयेंद्र ने बेंगलुरु में तिरुवल्लुवर की प्रतिमा से जुड़े पुराने विवाद का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उस समय कर्नाटक के तत्कालीन मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि ने आपसी बातचीत और समझदारी से इस विवाद का समाधान निकाला था. उन्होंने कहा कि यह घटना बताती है कि अगर सरकारें जनता के हित को सबसे ऊपर रखें और बातचीत के जरिए रास्ता निकालें, तो बड़े से बड़ा विवाद भी आसानी से सुलझाया जा सकता है.

कावेरी दोनों राज्यों के लिए जीवनरेखा

विजयेंद्र ने कहा कि कावेरी नदी केवल कर्नाटक ही नहीं, बल्कि दोनों राज्यों के करोड़ों लोगों के लिए जीवनरेखा है. खासकर बेंगलुरु और कावेरी बेसिन के कई शहरों की पेयजल व्यवस्था इसी नदी पर निर्भर करती है. उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक में रहने वाले कन्नड़ और तमिल भाषी दोनों समुदायों के लोग कावेरी के पानी पर निर्भर हैं. इसलिए इस मुद्दे को राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि आम लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर देखा जाना चाहिए.

कमजोर मॉनसून से बढ़ी चिंता

पत्र में विजयेंद्र ने कहा कि इस बार कमजोर और अनियमित मॉनसून के कारण किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है. पर्याप्त बारिश नहीं होने से जलाशयों में पानी का स्तर प्रभावित होता है, जिसका असर खेती और पीने के पानी दोनों पर पड़ता है. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में दोनों राज्यों को मिलकर समाधान तलाशना चाहिए ताकि किसानों और नागरिकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

मेकेदातु परियोजना को लेकर की अपील

बी.वाई. विजयेंद्र ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से मेकेदातु परियोजना को सहयोग की भावना से देखने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह परियोजना बेंगलुरु में बढ़ती पेयजल की जरूरत को पूरा करने में काफी मदद कर सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना से तमिलनाडु के हिस्से के वैध पानी पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उनका मानना है कि अगर कर्नाटक और तमिलनाडु मिलकर इस परियोजना को आगे बढ़ाते हैं, तो इससे दोनों राज्यों के बीच आपसी भरोसा बढ़ेगा और रिश्ते भी मजबूत होंगे.

सहयोग से निकलेगा समाधान

अपने पत्र के अंत में विजयेंद्र ने उम्मीद जताई कि तमिलनाडु सरकार ऐसा फैसला करेगी, जिससे कर्नाटक और तमिलनाडु दोनों के हित सुरक्षित रहें. उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच वर्षों पुराने सांस्कृतिक और सामाजिक रिश्तों को मजबूत बनाए रखना बेहद जरूरी है. उन्होंने संदेश दिया कि कावेरी नदी दोनों राज्यों के लोगों को जोड़ने का काम करे, न कि उनके बीच दूरी बढ़ाने का. उनका मानना है कि बातचीत, सहयोग और आपसी विश्वास के जरिए ही कावेरी जल विवाद का स्थायी और संतुलित समाधान निकाला जा सकता है.

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