बाढ़ से किसानों को 129 करोड़ का नुकसान, सरकार मुआवजे और कर्ज राहत के इंतजाम में जुटी
Kerala Flood 2026: केरल में हालिया बाढ़ से किसानों को करीब 129 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. सरकार प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के साथ पिछले सालों का करीब 90 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान भी करने की तैयारी कर रही है. किसानों को कर्ज राहत, बीज, मजदूर और कृषि सामग्री उपलब्ध कराने पर भी काम किया जा रहा है.
Kerala Flood Compensation: केरल में हालिया बाढ़ ने खेती-किसानी को बड़ा झटका दिया है. कई इलाकों में खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो गई, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. राज्य के कृषि मंत्री टी. सिद्दीकी के मुताबिक, बाढ़ से किसानों को करीब 129 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. सरकार अब प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की तैयारी कर रही है. इसके साथ ही पिछले कुछ सालों से प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल खराब होने पर अटकी करीब 90 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि भी किसानों को देने की योजना बनाई जा रही है.
129 करोड़ रुपये के नुकसान का होगा भुगतान
बाढ़ से प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन किया जा चुका है. कृषि मंत्री ने बताया कि मौजूदा बाढ़ में करीब 129 करोड़ रुपये की फसल क्षति सामने आई है. इसी आधार पर किसानों को राहत देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. सरकार के सामने एक और बड़ी चुनौती पुराने मुआवजे की है. पिछले करीब 4-5 साल में अलग-अलग प्राकृतिक आपदाओं से फसल खराब होने के बावजूद लगभग 90 करोड़ रुपये का भुगतान अभी बाकी है. सरकार इस रकम को चरणबद्ध तरीके से किसानों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है.
कर्ज में दबे किसानों को भी मिल सकती है राहत
बाढ़ से फसल बर्बाद होने के बाद किसानों के सामने कर्ज चुकाने की समस्या भी खड़ी हो गई है. खेती से आमदनी नहीं होने पर बैंक की किस्त देना मुश्किल हो सकता है. इसे देखते हुए सरकार किसानों को बैंक कर्ज में राहत दिलाने के विकल्प तलाश रही है. तिरुवनंतपुरम में हुई बैठक में सहकारिता विभाग, RBI, NABARD और अलग-अलग बैंकों के प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर चर्चा की.
इसमें कर्ज की किस्त चुकाने पर कुछ समय की रोक, लोन की अवधि बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर कर्ज के पुनर्गठन जैसे विकल्पों पर विचार किया गया. कृषि मंत्री के मुताबिक, इस मामले पर मुख्यमंत्री के साथ भी चर्चा की जाएगी. इसके बाद प्रभावित किसानों के लिए जरूरी राहत उपायों पर फैसला लिया जा सकता है.
दोबारा खेती के लिए बीज और मजदूर मिलेंगे
बाढ़ का पानी उतरने के बाद किसानों के सामने खेतों में दोबारा फसल लगाने की चुनौती होगी. इसे देखते हुए कृषि विभाग विशेष अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है. पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा और कोट्टायम जैसे इलाकों में मजदूरों की कमी को देखते हुए जरूरत के मुताबिक श्रमिक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी. इसके अलावा किसानों को बीज, कृषि उपकरण और दूसरी जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने की योजना भी है. इससे बर्बाद हुई फसल की जगह जल्द नई फसल लगाने में मदद मिल सकेगी.
भविष्य में बाढ़ से नुकसान रोकने की तैयारी
सरकार अब केवल मुआवजा देने तक सीमित नहीं रहना चाहती. भविष्य में बाढ़ से खेती को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए जिला स्तर पर समितियां बनाने पर भी विचार किया जा रहा है. इन समितियों की अध्यक्षता जिला कलेक्टर कर सकते हैं. योजना के मुताबिक दिसंबर से अलग-अलग इलाकों में जरूरी काम शुरू किए जा सकते हैं. इन समितियों के जरिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों का आकलन किया जाएगा और उसी आधार पर आगे की तैयारी की जाएगी.
आपदा घोषित होने पर बैंकों को मिलेंगे निर्देश
अगर केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण किसी गांव या पंचायत को राज्य या जिला स्तर की आपदा घोषित करता है, तो RBI और संबंधित बैंकों को किसानों के लिए जरूरी राहत कदम उठाने के निर्देश दिए जा सकते हैं. इससे बाढ़ प्रभावित किसानों को कर्ज चुकाने में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.