MP में उड़द की खरीदी ने पकड़ी रफ्तार, 15 जून तक कराएं रजिस्ट्रेशन, जानें पूरी प्रक्रिया
MP Urad Purchase: मध्य प्रदेश में मूंग और उड़द किसानों के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है. प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत 25 मई 2026 से ई-उपार्जन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है, जिसकी आखिरी तारीख 15 जून 2026 है. किसान मोबाइल या नजदीकी केंद्रों पर जाकर आवेदन कर सकते हैं.
MP Moong Procurement: मध्य प्रदेश के मूंग और उड़द की खेती करने वाले किसानों के लिए सरकार ने बड़ी राहत दी है. भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की खरीदी के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. यह रजिस्ट्रेशन 25 मई 2026 से ई-उपार्जन पोर्टल पर चालू है. किसान अपने मोबाइल या कंप्यूटर की मदद से घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए शासकीय अवकाश को छोड़कर पोर्टल खुला रहेगा.
15 जून तक कर सकते हैं आवेदन
मध्य प्रदेश खाद्य एवं कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है. इसके बाद किसी भी किसान का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा. इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें ताकि सरकारी समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ आसानी से मिल सके.
इस बार सरकार ने मूंग उत्पादन की कुल मात्रा का 25 प्रतिशत और उड़द उत्पादन की पूरी यानी 100 प्रतिशत मात्रा को MSP पर खरीदने का निर्णय लिया है.
उड़द किसानों को मिलेगा अतिरिक्त फायदा
इस बार उड़द की खेती करने वाले किसानों के लिए खास लाभ की घोषणा की गई है. सरकार MSP के साथ-साथ ₹600 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी दे रही है. इससे किसानों की आमदनी में सीधा इजाफा होगा और उन्हें अपनी उपज का बेहतर दाम मिल सकेगा. यह कदम किसानों को प्रोत्साहित करने और दलहन उत्पादन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
कहां-कहां कर सकते हैं पंजीकरण
अगर किसी किसान के पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है तो भी चिंता की बात नहीं है. सरकार ने कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं, जहां जाकर किसान अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं:
- ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालय
- तहसील कार्यालय
- सहकारी समितियों द्वारा संचालित सुविधा केंद्र
- एमपी ऑनलाइन (MP Online) कियोस्क
इन केंद्रों पर किसान आसानी से अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं.
जरूरी दस्तावेजों की सूची
रजिस्ट्रेशन के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज साथ रखने होंगे. इनमें शामिल हैं:
- आधार कार्ड
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर
- भूमि संबंधी दस्तावेज (खसरा, भू-अधिकार पुस्तिका आदि)
- फोटो पहचान पत्र
अगर किसान सिकमी या वन पट्टाधारी हैं तो उन्हें वन पट्टा और सिकमी अनुबंध की प्रति भी देनी होगी.
फेस ऑथेंटिकेशन से होगी सख्त जांच
इस बार खरीदी प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा सत्यापन) प्रणाली लागू की है. अब खरीदी केंद्र पर फसल बेचने से पहले किसान की पहचान बायोमेट्रिक पीओएस मशीन या मोबाइल ऐप के जरिए की जाएगी.
नॉमिनी की सुविधा भी उपलब्ध
अगर कोई किसान स्वयं खरीदी केंद्र पर नहीं जा सकता, तो वह पंजीकरण के समय अधिकतम तीन नॉमिनी (अधिकृत व्यक्ति) तय कर सकता है. ये व्यक्ति किसान की फसल बेच सकते हैं, लेकिन उनका भी फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य रहेगा.
सीधा बैंक खाते में भुगतान
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसानों को फसल का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से किया जाएगा. इसके लिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपना बैंक खाता और मोबाइल नंबर आधार से जरूर लिंक करवा लें, ताकि भुगतान में किसी तरह की देरी या परेशानी न हो. इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर सही दाम दिलाना और प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है.