राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में महाराष्ट्र ने रचा इतिहास, दूसरी किस्त के 335 करोड़ रुपये पाने वाला बना पहला राज्य

Rashtriya Krishi Vikas Yojana: राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत महाराष्ट्र दूसरी किस्त पाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. पहली किस्त के 75 फीसदी से अधिक धनराशि खर्च करने के बाद केंद्र सरकार ने 335 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

नोएडा | Published: 27 Jul, 2026 | 05:49 PM

Maharashtra Agriculture: महाराष्ट्र ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के तहत एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. समय पर योजना की राशि खर्च करने के कारण महाराष्ट्र दूसरी किस्त पाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए इस उपलब्धि की सराहना की. उन्होंने बताया कि, अब महाराष्ट्र के लिए 335 करोड़ रुपये की दूसरी किस्त जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

समीक्षा बैठक में महाराष्ट्र के कृषि राज्य मंत्री दत्तात्रय भराने के साथ केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. बैठक में कृषि योजनाओं की प्रगति, फसल बीमा, डिजिटल कृषि और किसान आईडी जैसे कई अहम विषयों पर चर्चा हुई.

पहली किस्त का 75 फीसदी से ज्यादा खर्च

केंद्र सरकार ने पहले चरण में महाराष्ट्र को 335 करोड़ रुपये की राशि दी थी. राज्य सरकार ने इसमें से करीब 260 करोड़ रुपये खर्च कर दिए हैं, जो तय सीमा यानी 75 प्रतिशत से अधिक है. इसी वजह से महाराष्ट्र दूसरी किस्त पाने के लिए पात्र बन गया. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि, राज्य सरकार कृषि योजनाओं को समय पर और प्रभावी तरीके से लागू कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ राशि खर्च करना ही नहीं, बल्कि उसकी नियमित निगरानी भी जरूरी है, ताकि पैसा उसी काम में लगे जिसके लिए उसे मंजूरी दी गई है.

इन कृषि योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) के तहत महाराष्ट्र के काम की सराहना की. इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को डिजिटल कृषि, कृषि विस्तार सेवाओं, राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM), बीज कार्यक्रम, तिलहन उत्पादन और एग्रोफॉरेस्ट्री से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि, जिन योजनाओं में भुगतान लंबित है, उन्हें जल्द पूरा किया जाए ताकि किसानों तक समय पर लाभ पहुंच सके और उपलब्ध धनराशि का बेहतर उपयोग हो.

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर दिया अहम संदेश

बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की भी विस्तार से समीक्षा की गई. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि फसल बीमा के लिए आवेदन करते समय किसानों को सही और पूरी जानकारी देनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि KCC और गैर-KCC दोनों तरह के किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं.

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी जानकारी छिपाकर किसी दूसरे खाते से आवेदन न करें. सरकार का उद्देश्य किसी किसान को योजना से बाहर करना नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सही बनाना है.

किसान आईडी और बाढ़ राहत की सराहना

केंद्रीय मंत्री ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा फार्मर आईडी (Farmer ID) बनाने के अभियान की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से किसानों तक योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि, हाल ही में बाढ़ से प्रभावित किसानों को राज्य सरकार ने करीब 14 हजार करोड़ रुपये की राहत राशि केवल पांच दिनों के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में भेजी थी. इसे उन्होंने प्रशासन की तेज कार्यशैली का अच्छा उदाहरण बताया.

कृषि विकास में आगे बढ़ रहा महाराष्ट्र

केंद्रीय कृषि मंत्री ने भरोसा जताया कि महाराष्ट्र आने वाले समय में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्य हिस्सों में भी बेहतर प्रदर्शन करेगा. उनका कहना है कि समय पर धनराशि का उपयोग, योजनाओं की नियमित निगरानी और किसानों तक लाभ पहुंचाने की तेज व्यवस्था राज्य के कृषि विकास को नई गति देगी.

सरकार का मानना है कि अगर इसी तरह योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जारी रहा, तो किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक खेती को बढ़ावा देने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने में महाराष्ट्र देश के लिए एक मॉडल राज्य बन सकता है.

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