किसानों के लिए अलर्ट! अल नीनो के खतरे पर सरकार हुई सतर्क, जारी किया मेगा प्लान

Monsoon Deficit: कम बारिश और संभावित अल नीनो के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों की फसल बचाने के लिए बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है. सरकार 1.22 लाख क्विंटल आपातकालीन बीज उपलब्ध कराएगी, 24×7 अल नीनो कंट्रोल रूम बनाएगी और किसानों को व्हाट्सएप, एसएमएस व हेल्पलाइन के जरिए लगातार कृषि सलाह देगी.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 27 Jul, 2026 | 01:37 PM

El Nino 2026: दक्षिण-पश्चिम मानसून की कमजोर रफ्तार और संभावित अल नीनो के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने किसानों की फसल बचाने के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है. कृषि मंत्री किंजारापु अच्चन्नायडू ने कृषि और उससे जुड़े विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर साफ निर्देश दिए हैं कि, किसानों को किसी भी हाल में नुकसान नहीं होने दिया जाएगा. इसके लिए फसल सुरक्षा, मिट्टी में नमी बनाए रखने, वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने, आपातकालीन बीज उपलब्ध कराने और मौसम के अनुसार खेती की तकनीक अपनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा.

कृषि मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हर जिले में हालात पर लगातार नजर रखी जाए और किसानों तक समय पर जरूरी सलाह पहुंचाई जाए, ताकि मौसम की मार का असर कम किया जा सके.

राज्य में सामान्य से 54 फीसदी कम बारिश

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक राज्य में 225.7 मिमी के मुकाबले केवल 104.5 मिमी बारिश हुई है. यानी सामान्य से करीब 53.7 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है. बारिश की कमी का असर राज्य के ज्यादातर हिस्सों में देखने को मिल रहा है. कुल 28 जिलों में से 21 जिले बारिश की कमी का सामना कर रहे हैं, जबकि 6 जिले गंभीर वर्षा संकट की स्थिति में हैं. ऐसे में खरीफ फसलों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है.

खेतों की लगातार निगरानी के निर्देश

कृषि मंत्री ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे खेतों का नियमित निरीक्षण करें और जहां मिट्टी में नमी की कमी है, उन क्षेत्रों की तुरंत पहचान करें. साथ ही किसानों को सलाह दी गई है कि जहां लंबी अवधि वाली धान की खेती जोखिम भरी हो सकती है, वहां मौसम के अनुसार दूसरी उपयुक्त फसलों की ओर रुख करें. इससे फसल खराब होने का खतरा कम होगा और किसानों को नुकसान से बचाया जा सकेगा.

आपातकालीन बीज वितरण की तैयारी

सरकार ने कम बारिश की स्थिति से निपटने के लिए विशेष बीज योजना भी तैयार की है. इसके तहत 1.22 लाख क्विंटल बीज दो चरणों में किसानों तक पहुंचाए जाएंगे. जरूरत पड़ने पर किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराकर वैकल्पिक फसलों की बुवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि खेती का काम प्रभावित न हो.

मिट्टी में नमी बचाने और वैज्ञानिक खेती पर जोर

सरकार ने पैलेटाइज्ड प्री-मानसून ड्राई सोइंग (PMDS) कार्यक्रम को और मजबूत करने का फैसला किया है. इसके तहत किसानों को मिट्टी में नमी बनाए रखने, अंतरवर्ती फसल (इंटरक्रॉपिंग) अपनाने, पत्तियों पर पोषक तत्वों के छिड़काव (फोलियर न्यूट्रिशन) और बेहतर फसल प्रबंधन जैसी तकनीकों की जानकारी दी जाएगी. कृषि विभाग के मुताबिक, अब तक किसानों को 1.68 करोड़ से अधिक कृषि सलाह भेजी जा चुकी हैं, ताकि वे मौसम के अनुसार सही फैसले ले सकें.

24 घंटे काम करेगा अल नीनो कंट्रोल रूम

संभावित अल नीनो की स्थिति पर नजर रखने के लिए सरकार 24×7 राज्य स्तरीय अल नीनो कंट्रोल रूम भी शुरू करेगी. यह कंट्रोल रूम मौसम, उपग्रह से मिलने वाले आंकड़ों, जल उपलब्धता और खेतों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखेगा. इससे किसी भी बदलते हालात की जानकारी तुरंत अधिकारियों तक पहुंचेगी और समय पर जरूरी कदम उठाए जा सकेंगे.

किसानों तक हर माध्यम से पहुंचेगी जानकारी

सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों तक हर जरूरी सूचना समय पर पहुंचाई जाए. इसके लिए व्हाट्सएप, एसएमएस, आईवीआरएस, हेल्पलाइन और रैतु सेवा केंद्रों का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके साथ ही अधिक से अधिक किसानों को फसल बीमा योजना से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है, ताकि किसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके. कृषि मंत्री किंजारापु अच्चन्नायडू ने किसानों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं. सरकार मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और फसलों के साथ किसानों की आजीविका सुरक्षित रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

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