महाराष्ट्र में 56 लाख किसानों की कर्जमाफी के ऐलान के बाद पात्रता शर्तें लागू किए जाने से सियासी पारा चढ़ा हुआ है. आज फिर से विधानसभा में विपक्षी दलों ने सरकार को घेर लिया और जमकर बहसबाजी हुई है. कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायकों ने पात्रता शर्तों को हटाने की मांग को लेकर नारेबाजी की. बता दें कि बीते दिन एनसीपी एसपी विधायक रोहित पवार संभाजीनगर में आंदोलन किया, जिसमें हजारों की संख्या में किसान जुटे. आंदोलन खत्म कराने के लिए सीएम देवेंद्र फडणवीस बातचीत करने और मांगे पूरी करने का भरोसा दिया है.
विपक्षी दलों का कर्जमाफी मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा
विपक्षी दलों कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने सोमवार को पात्रता शर्तों को खत्म करते हुए किसानों के लिए बिना शर्त कृषि ऋण माफी की मांग की. इसके साथ ही विपक्ष ने महायुति सरकार की ओर से घोषित ऋण माफी योजना को किसानों के लिए भ्रामक बताते हुए हंगामा किया. राज्य विधानसभा में अनुपूरक मांगों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता विजय वडेट्टीवार ने ऋण माफी की घोषणा को ‘धोखा’ करार देते हुए दावा किया कि सख्त शर्तों के कारण अधिकांश किसान इसके दायरे से बाहर हो जाएंगे.
कठिन शर्तों के चलते 12 लाख किसानों को नहीं मिलेगा लाभ
कांग्रेस विधायक दल के नेता ने कहा कि सरकार के इस दावे के विपरीत कि ऋण माफी योजना से 56 लाख किसानों को लाभ होगा, चार मौकों पर फसल ऋण के नियमित पुनर्भुगतान जैसी शर्तों के कारण केवल 12 लाख किसानों के ही इसके पात्र होने की संभावना है. वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि ‘किसान पहचान पत्र’ न होने के कारण हजारों किसानों को इस योजना से बाहर कर दिया गया है.
जयंत पाटिल बोले- किसानों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे
उन्होंने कहा कि सरकार को सभी शर्तों को खत्म करना चाहिए और सभी किसानों के लिए पूरी तरह से ऋण माफी की घोषणा करनी चाहिए. राकांपा के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने वडेट्टीवार की मांग का समर्थन किया. जयंत पाटिल ने कहा कि राज्य सरकार कर्जमाफी की शर्तें हटाने पर जल्द फैसला ले. उन्होंने कहा कि किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा.
कर्जमाफी योजना की शर्तों से 70 फीसदी किसानों के साथ अन्याय होगा
NCP (SP) विधायक रोहित पवार ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार की कृषि ऋण माफी योजना कई शर्तों वाली है और इससे राज्य के लगभग 70 प्रतिशत किसानों के साथ अन्याय होगा. रोहित पवार ने 29 जून को संभाजीनगर में जेलभरो आंदोलन किया. हजारों की संख्या में जुटे किसानों के प्रदर्शन के बाद सीएम देवेंद्र फडणवीस की ओर से मांगे पूरी करने का आस्वासन दिया गया है, जिसके बाद रोहित पवार ने आंदोलन खत्म किया. वहीं, जून की शुरुआत में भी योजना से “कठोर” शर्तों को हटाने की मांग को लेकर सोलापुर जिले के पंढरपुर में रोहित पवार ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की थी.
Mumbai, Maharashtra: Minister Dattatray Vithoba Bharne says, “The announcement of farmers’ loan waiver was made by our Chief Minister… As you know, the assembly session is currently underway. The issue is being discussed. After the discussion, once the bill is passed, it will… pic.twitter.com/VMprGZ1Jg8
— IANS (@ians_india) June 29, 2026
चर्चा के बाद बिल गवर्नर के पास भेजेगी सरकार- कृषि मंत्री
महाराष्ट्र सरकार के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने मीडिया से कहा कि किसानों का कर्ज माफ करने का ऐलान हमारे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया है. जैसा कि आप जानते हैं, अभी विधानसभा का सत्र चल रहा है. इस मुद्दे पर चर्चा हो रही है. चर्चा के बाद जब बिल पास हो जाएगा, तो इसे मंजूरी और हस्ताक्षर के लिए गवर्नर के पास भेजा जाएगा. उसके बाद, किसानों को योजना के तहत इसका फायदा मिलेगा.