महतारी वंदन योजना की 26वीं किश्त जारी, लाखों महिलाओं के खाते में पहुंचे हजार-हजार रुपये
सरकार ने योजना को और पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए केवाईसी प्रक्रिया भी शुरू की है. 3 अप्रैल से यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 30 जून तक चलेगी. ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत भवन और शहरी इलाकों में वार्ड कार्यालयों के माध्यम से यह काम किया जा रहा है.
छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाओं के लिए आज का दिन खुशियों से भरा रहा. जैसे ही महतारी वंदन योजना की 26वीं किश्त जारी हुई, हजारों महिलाओं के मोबाइल पर पैसे आने का मैसेज बजा और उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई. यह योजना राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.
68 लाख से ज्यादा महिलाओं को मिला सीधा लाभ
राज्य सरकार की इस योजना के तहत इस बार 68 लाख 48 हजार 899 महिलाओं के बैंक खातों में कुल 641 करोड़ 62 लाख 92 हजार रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं. यह राशि सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंचने से पारदर्शिता भी बनी हुई है और महिलाओं को समय पर मदद भी मिल रही है.
इन लाभार्थियों में 7,773 महिलाएं ऐसे गांवों से हैं, जो ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत आते हैं. इससे यह भी साफ होता है कि सरकार दूर-दराज के क्षेत्रों की महिलाओं तक भी योजना का लाभ पहुंचाने में जुटी हुई है.
मार्च 2024 में हुई थी योजना की शुरुआत
महतारी वंदन योजना की शुरुआत मार्च 2024 में की गई थी. इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है. इस योजना के तहत हर महीने महिलाओं को 1,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है, जिससे वे अपने छोटे-छोटे खर्च पूरे कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें.
अब तक 16 हजार करोड़ से ज्यादा की मदद
योजना की शुरुआत से लेकर अब तक महिलाओं को बड़ी आर्थिक सहायता दी जा चुकी है. अब तक कुल 16,881 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है. यह आंकड़ा बताता है कि योजना सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर महिलाओं के जीवन में बदलाव ला रही है.
केवाईसी प्रक्रिया भी जारी, समय पर करना जरूरी
सरकार ने योजना को और पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए केवाईसी प्रक्रिया भी शुरू की है. 3 अप्रैल से यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 30 जून तक चलेगी. ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत भवन और शहरी इलाकों में वार्ड कार्यालयों के माध्यम से यह काम किया जा रहा है. ई-गवर्नेंस सर्विसेस इंडिया लिमिटेड के जरिए इस प्रक्रिया को तेज किया गया है, ताकि कोई भी पात्र महिला योजना से वंचित न रह जाए.
महिलाओं से की गई अपील
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने उन महिलाओं से अपील की है, जिनका ई-केवाईसी अभी तक नहीं हुआ है, वे जल्द से जल्द इसे पूरा कराएं. अगर समय पर केवाईसी नहीं कराया गया, तो भविष्य में मिलने वाली सहायता राशि में रुकावट आ सकती है.
कितनी महिलाओं को मिला लाभ
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, इस योजना के कुल लाभार्थियों की संख्या 68 लाख 94 हजार 633 है. इनमें से जिन महिलाओं का केवाईसी पूरा हो चुका है, उनमें से 68 लाख 48 हजार 899 महिलाओं को इस बार की किश्त का लाभ दिया गया है. बाकी लाभार्थियों को केवाईसी पूरा होने के बाद अगली किश्तों में जोड़ा जाएगा.
महिलाओं की जिंदगी में आ रहा बदलाव
इस योजना का सबसे बड़ा असर महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी में देखा जा रहा है. छोटी-छोटी जरूरतों के लिए अब उन्हें दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता. कई महिलाएं इस पैसे का इस्तेमाल घर के खर्च, बच्चों की पढ़ाई या छोटे-मोटे काम शुरू करने में कर रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है.