मणिपुर के किसानों को बड़ी राहत.. 2 लाख यूरिया बैग स्टॉक में, सस्ती दर पर मिलेगा जैविक खाद
मणिपुर सरकार ने किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की है. किसानों को सब्सिडी पर जैविक खाद दी जाएगी, जबकि उर्वरकों के वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है. इससे खेती की लागत कम होने की उम्मीद है.
Manipur Fertiliser Distribution: मणिपुर सरकार ने राज्य के किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने खरीफ 2026 सीजन के लिए आयोजित उर्वरक वितरण शिविर में उर्वरक से लदे ट्रकों को रवाना किया और जैविक उर्वरक ‘ऊर्जा’ का शुभारंभ किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि किसानों को खेती के मौसम में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का भंडारण और वितरण सुनिश्चित कर रही है. मुख्यमंत्री ने बताया कि उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर सरकार लगातार निगरानी कर रही है ताकि किसानों को समय पर आवश्यक सामग्री मिल सके.
सब्सिडी पर मिलेगा जैविक उर्वरक ऊर्जा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने के लिए जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रही है. इसी दिशा में ऊर्जा नामक जैविक उर्वरक किसानों को बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है. उन्होंने बताया कि जहां इसकी बाजार कीमत 480 रुपये प्रति बैग है, वहीं किसानों को यह मात्र 250 रुपये प्रति बैग की सब्सिडी दर पर दिया जा रहा है. सरकार का मानना है कि इससे खेती की लागत घटेगी और पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा.
आधार और किसान कार्ड से होगा पारदर्शी वितरण
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष सितंबर तक राज्य में लगभग 1.8 लाख बैग यूरिया का वितरण किया गया था, लेकिन कुछ क्षेत्रों से उर्वरक की कमी की शिकायतें भी सामने आई थीं. इन समस्याओं को दूर करने के लिए अब उर्वरकों का वितरण आधार कार्ड, किसान कार्ड और क्षेत्र विशेष की वास्तविक जरूरतों के आधार पर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से उर्वरकों का निष्पक्ष और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित होगा तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर रोक लगेगी. कृषि विभाग के अधिकारी सभी जिलों में वितरण प्रक्रिया की लगातार निगरानी करेंगे ताकि जरूरतमंद किसानों तक उर्वरक समय पर पहुंच सके.
दो लाख बैग यूरिया का स्टॉक, जैविक खेती का दायरा बढ़ेगा
मुख्यमंत्री सिंह ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में राज्य में लगभग दो लाख बैग यूरिया का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी प्रकार की कमी नहीं है. उन्होंने कहा कि उर्वरकों का वितरण केवल वास्तविक आवश्यकता और आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही किया जाएगा. इसके साथ ही सरकार राज्य में जैविक खेती का दायरा लगातार बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है. मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक लगभग 4,000 हेक्टेयर भूमि को जैविक खेती के तहत लाया जा चुका है. आने वाले वर्षों में अतिरिक्त 4,000 हेक्टेयर क्षेत्र को भी जैविक खेती से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आय बढ़ाने, मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और टिकाऊ कृषि विकास को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी.