दिल्ली में 30 टन से ज्यादा बिक्री, दुबई तक पहुंचा मेघालय का अनानास, किसानों को मिल रहा बड़ा फायदा
Meghalaya Pineapple: मेघालय का अनानास देश और विदेश में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. दिल्ली में आयोजित चौथे मेघालय पाइनएप्पल फेस्टिवल में इस बार 30 टन से ज्यादा अनानास की बिक्री हुई, जो पिछले साल से लगभग दोगुनी है. बेहतर मार्केटिंग, एफपीओ, प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन की मदद से किसानों की आय में 80 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है.
Meghalaya Pineapple Festival 2026: मेघालय का अनानास अब सिर्फ अपने मीठे स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि किसानों की बढ़ती कमाई की वजह से भी चर्चा में है. राजधानी दिल्ली में आयोजित चौथे मेघालय पाइनएप्पल फेस्टिवल में इस बार 30 टन से ज्यादा ताजे अनानास की बिक्री हुई. खास बात यह है कि यह पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुनी है. राज्य सरकार का कहना है कि किसान उत्पादक संगठनों (FPO), बेहतर मार्केटिंग, प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन की वजह से किसानों की आमदनी में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है.
हर साल बढ़ रही है अनानास की मांग
मेघालय पाइनएप्पल फेस्टिवल हर साल नए रिकॉर्ड बना रहा है. साल 2023 में इस फेस्टिवल में 7.7 टन अनानास की बिक्री हुई थी. इसके बाद 2025 में यह बढ़कर 15.4 टन पहुंच गई और अब 2026 में बिक्री 30 टन से ज्यादा हो गई है. यह फेस्टिवल अब मेघालय के अनानास को देश के बड़े शहरों के साथ-साथ विदेशों तक पहुंचाने का अहम मंच बन चुका है.
1.4 लाख टन से ज्यादा होता है उत्पादन
मेघालय में करीब 12,600 हेक्टेयर क्षेत्र में अनानास की खेती की जाती है और हर साल 1.4 लाख टन से अधिक उत्पादन होता है. राज्य के री-भोई, गारो हिल्स, खासी हिल्स और जयंतिया हिल्स जिले इसके प्रमुख उत्पादक क्षेत्र हैं.
मेघालय का अनानास अपनी ज्यादा मिठास, शानदार खुशबू, कम खटास और 16 से 18 ब्रिक्स (Brix) वैल्यू के कारण देशभर में अलग पहचान रखता है. यही वजह है कि इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर
राज्य सरकार चाहती है कि किसान सिर्फ खेती तक ही सीमित न रहें. इसलिए उन्हें किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), अपनी उपज का ब्रांड बनाकर बेचने, खाद्य प्रसंस्करण (फसल से तैयार उत्पाद बनाने) और बाजार तक पहुंचाने का प्रशिक्षण और मदद दी जा रही है. इसके लिए मुख्यमंत्री फार्म प्लस (सीएम फार्म+), मेघालय आजीविका एवं पहुंच परियोजना (MLAMP), मेघालय राज्य जैविक मिशन और मेघालय राज्य कृषि विपणन बोर्ड (MSAMB) जैसी सरकारी योजनाओं के जरिए लगातार काम किया जा रहा है. सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिले, नए बाजार मिलें और उनकी कमाई बढ़े.
40 PRIME हब से मिल रही मदद
किसानों की सुविधा के लिए राज्य में 40 PRIME (Promotion and Incubation of Market-Driven Enterprises) हब विकसित किए जा रहे हैं. इनमें से 12 हब फिलहाल काम कर रहे हैं. इनके साथ 650 से ज्यादा संग्रहण, भंडारण और प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र जुड़े हुए हैं. इन सुविधाओं की वजह से फसल की बर्बादी कम हुई है और किसानों को अपनी उपज बेचने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं.
प्रोसेसिंग से कई गुना बढ़ रही कीमत
ताजा अनानास की कीमत संगठित खुदरा बाजार में करीब 22 रुपये प्रति किलो मिलती है. लेकिन जब इसे प्रोसेस करके फ्रोजन क्यूब्स, प्रीमियम पैक या दूसरे वैल्यू एडेड उत्पादों के रूप में बेचा जाता है, तो इसकी कीमत 1,500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है. सरकार के अनुसार, वैल्यू एडिशन से जुड़े किसानों की आय में करीब 80 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
महिला किसान एफपीओ बना सफलता की मिसाल
री-भोई जिले का जिरांग ऑर्गेनिक एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी (FPC) आज दूसरे किसान समूहों के लिए प्रेरणा बन गया है. वर्ष 2017 में शुरू हुए इस एफपीओ से 18 गांवों के 433 किसान जुड़े हैं, जिनमें करीब 75 प्रतिशत महिलाएं हैं. यह एफपीओ लुलु ग्रुप, रिलायंस रिटेल, सफाल-मदर डेयरी और ब्लिंकिट जैसी बड़ी कंपनियों को अनानास की आपूर्ति करता है. इसका कारोबार 1.5 लाख रुपये से बढ़कर 1.17 करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुका है.
अब दुबई तक पहुंचा मेघालय का अनानास
मेघालय राज्य कृषि विपणन बोर्ड (MSAMB) की पहल से अब तक 100 टन से ज्यादा अनानास देश और विदेश के बाजारों में भेजा जा चुका है. जून 2026 में पहली बार 2 टन अनानास दुबई स्थित लुलु रिटेल को भी निर्यात किया गया. इससे साफ है कि मेघालय का अनानास अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है. आने वाले समय में इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ राज्य के कृषि निर्यात को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.