MP में दो चरणों में होगी गेहूं की खरीदी, कैबिनेट से 40 रुपये क्विंटल बोनस की मिली मंजूरी
मध्य प्रदेश में MSP पर गेहूं की खरीद दो चरणों में शुरू होगी. खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कहना है कि इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 1 अप्रैल से खरीदी शुरू होगी, जबकि बाकी संभागों में 7 अप्रैल से गेहूं खरीदा जाएगा.
Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने कैबिनेट बैठक में किसानों के हित में कई अहम फैसले लिए हैं. सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2026- 27 में किसानों से एमएसपी पर खरीदे गए गेहूं पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला किया है. सरकार को उम्मीद है कि उसके इस फैसले से गेहूं किसानों को फायदा होगा. बड़ी बात यह है कि इस बार गेहूं की खरीदी दो चरणों में शुरू होगी. साथ ही कैबिनेट ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग का नाम बदलकर ‘गौपालन’ और पशुपालन विभाग करने का भी फैसला लिया. इसके असावा केंद्र सरकार द्वारा नहीं खरीदे गए अतिरिक्त गेहूं को राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के जरिए खुले टेंडर से बेचने का फैसला लिया गया है. बड़ी बात यह है कि इसका खर्च राज्य सरकार खुद उठाएगी.
इस कैबिनेट बैठक में सिंचाई तंत्र को मजबूत बनाने के लिए एक प्रोजेक्ट की मंजूरी दी गई है. रीवा जिले में पनवार माइक्रो इरिगेशन प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है. इस प्रोजेक्ट से आने वाले समय में 7,350 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी. इससे जवा और त्योंथर तहसील के 37 गांवों के किसानों को सीधा फायदा होगा. यानी इन गांवों को किसानों को अब सिंचाई के लिए ट्यूबवेल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. वहीं, अब किसानों को दिया जाने वाला बोनस संबंधित विभाग के बजट से दिया जाएगा. जबकि अतिरिक्त गेहूं के निपटान का खर्च मुख्यमंत्री किसान फसल उपार्जन सहायता योजना के तहत वहन किया जाएगा.
अलग-अलग तारीख से शुरू होगी गेहूं खरीदी
खास बात यह है कि बोनस के ऐलान से किसानों में खुशी की लहर है. ऐसे मध्य प्रदेश में MSP पर गेहूं की खरीद दो चरणों में शुरू होगी. खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मीडिया से कहा है कि इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 1 अप्रैल से खरीदी शुरू होगी, जबकि बाकी संभागों में 7 अप्रैल से गेहूं खरीदा जाएगा. खरीद शासकीय कार्य दिवसों में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक की जाएगी.
19 लाख किसानों ने कराया पंजीकरण
ऐसे मध्य प्रदेश में इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए करीब 19 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है. खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कहना है कि रबी विपणन वर्ष 2026- 27 के लिए कुल 19,04,651 किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए रजिस्ट्रेशन किया है. यह संख्या पिछले साल से ज्यादा है, जब 15.44 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया था. मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि सरकार ने गेहूं खरीदी पर 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने का फैसला किया है. इसके साथ ही प्रदेश में किसानों से गेहूं की खरीद 2,625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी.
इस बार गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन होने की उम्मीद
मध्य प्रदेश में इस बार गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन होने की उम्मीद है, लेकिन केंद्र से खरीदी का कोटा कम कर दिया गया है. कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई. खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत ने कहा है कि कोटा कम होने और बारदाने की कमी से दिक्कतें आ सकती हैं. ऐसे में सरकार ने अतिरिक्त गेहूं को ओपन टेंडर के जरिए खरीदने का फैसला लिया है. साथ ही किसानों को बोनस देने की व्यवस्था भी की गई है, जिसका भुगतान सीएम कृषक फसल उपार्जन सहायता योजना के तहत किया जाएगा.