नौतपा की तपिश से बढ़ी चिंता, उत्तर भारत में भीषण गर्मी का अलर्ट, PM मोदी ने की लोगों से अपील
Heat Wave Alert 2026: नौतपा के दौरान उत्तर और मध्य भारत में भीषण गर्मी का असर बढ़ने लगा है. कई राज्यों में तापमान 46 से 48 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है, जिससे लोगों की सेहत, खेती और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है. इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से ज्यादा सावधानी बरतने, खुद को हाइड्रेटेड रखने और जरूरतमंदों को पानी पिलाने की अपील की है.
Nautapa 2026: उत्तर भारत में गर्मी अब अपने सबसे कठिन दौर में पहुंच गई है. इसी बीच एक बार फिर नौतपा चर्चा में है. ‘नौ’ यानी नौ दिन और ‘तपा’ यानी तेज गर्मी, भारतीय परंपरा में यह वह समय माना जाता है जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है और गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है. खासकर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में नौतपा को लेकर कई लोक मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं. हालांकि यह परंपरा से जुड़ा शब्द है, लेकिन मौसम वैज्ञानिक भी मानते हैं कि यही वह समय होता है जब प्री-मॉनसून हीट सबसे ज्यादा असर दिखाती है.
कई राज्यों में 48 डिग्री तक पहुंच सकता है तापमान
मौसम पूर्वानुमानों के अनुसार इस बार उत्तर भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों में लंबे समय तक तेज और गर्मी बनी रह सकती है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में तापमान 40 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है. कुछ इलाकों में पारा 47 से 48 डिग्री तक भी जा सकता है. दिन के समय गर्म हवाएं यानी ‘लू’ चलने की आशंका है, जबकि रात में भी लोगों को ज्यादा राहत नहीं मिलेगी.
सिर्फ मौसम नहीं, स्वास्थ्य पर भी बड़ा असर
लगातार पड़ने वाली भीषण गर्मी केवल मौसम की समस्या नहीं है, बल्कि यह लोगों की सेहत और रोजमर्रा की जिंदगी पर भी गहरा असर डालती है. ज्यादा तापमान शरीर की नेचुरल तापमान नियंत्रित करने की क्षमता पर असर डालता है. इससे डिहाइड्रेशन, थकान, चक्कर आना और नींद से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं. खेतों, निर्माण स्थलों और खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों के लिए यह समय सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है.
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किसानों और मजदूरों की बढ़ी मुश्किलें
नौतपा का असर खेती और पशुपालन पर भी पड़ता है. तेज गर्मी के कारण खेतों की नमी तेजी से कम होती है, जिससे फसलों पर असर पड़ सकता है. वहीं पशुओं को भी पर्याप्त पानी और छांव की जरूरत बढ़ जाती है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान किसानों को सिंचाई, पशुओं की देखभाल और खेतों में काम के समय को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.
पीएम मोदी ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
भीषण गर्मी को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भी देशवासियों से सावधानी बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है. प्रधानमंत्री ने लोगों से ज्यादा से ज्यादा पानी पीने, बाहर निकलते समय पानी साथ रखने और खुद को हाइड्रेटेड रखने की सलाह दी.
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मौसम में संवेदनशीलता और एक-दूसरे की मदद बहुत जरूरी है. पीएम मोदी ने लोगों से आग्रह किया कि अगर संभव हो तो प्यासे लोगों को पानी जरूर पिलाएं. उन्होंने उन लोगों की सराहना भी की जो घरों और दुकानों के बाहर मटके में पानी रखते हैं ताकि राहगीरों को राहत मिल सके.
देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली कई कठिनाइयां भी बढ़ रही हैं। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें। कृपया स्वयं को हाइड्रेटेड रखें, घर से बाहर निकलते समय पानी साथ रखें।…
— Narendra Modi (@narendramodi) May 27, 2026
पशु-पक्षियों का भी रखें ध्यान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की, भीषण गर्मी के इस दौर में हमें अपने आसपास के पशु-पक्षियों का भी खास ध्यान रखना चाहिए. घर, बालकनी, छत, दुकान या ऑफिस के बाहर पानी से भरा एक छोटा बर्तन रखना किसी प्यासे पक्षी के लिए जीवनदान साबित हो सकता है. ऐसे कठिन समय में इंसानों के साथ-साथ बेजुबान जीवों के प्रति संवेदनशीलता और दया दिखाना भी हमारी जिम्मेदारी है.