पीएम ने 51 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी के लेटर सौंपे, अब तक 12 लाख युवाओं को नियुक्ति मिली
पीएम मोदी ने कहा कि हालिया 5 देशों के साथ समझौते हुए हैं. यूएई और नॉर्वे के साथ पार्टनरशिप से भारत का जहाज निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा. यानी, भारत के इंजीनियर्स, टेक्निशियन्स और स्किल्ड वर्कर्स के लिए इतनी मांग बढ़ने वाली है जिसकी आप कल्पना नहीं कर सकते हैं.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज 23 मई 2026 को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 19वें रोजगार मेले में विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में 51 हजार से अधिक नव नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए. उन्होंने कहा कि भारत भी दुनिया के अलग अलग देशों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है. इसका उद्देश्य यही है कि भारत के युवाओं को अवसर मिले, रोजगार मिले, उनका सामर्थ्य खिल उठे. साथ ही साथ मैं चाहता हूं कि देश के नौजवानों को ग्लोबल एक्सपोजर भी मिले.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19वें रोजगार मेले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त 51,000 से अधिक लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित किए. पीएम मोदी ने 19वें रोजगार मेला में 47 स्थानों पर आयोजित किया गया है. इसमें देश के सभी हिस्सों से चयनित नव नियुक्त उम्मीदवार रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग आदि सहित केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कार्यभार ग्रहण करेंगे.
अब तक 12 लाख युवाओं को ज्वाइनिंग लेटर दिए
युवाओं को रोजगार को प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता के अनुरूप रोजगार मेला इस दृष्टिकोण को साकार रूप देने की महत्वपूर्ण पहल है. रोजगार मेला आरंभ किए जाने के बाद से देश भर में अब तक आयोजित 18 रोजगार मेलों के माध्यम से लगभग 12 लाख नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं. पीएम ने कहा कि भारत अलग अलग देशों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है. इसका उद्देश्य है कि भारत के युवाओं को अवसर मिले, रोजगार मिले, उनका सामर्थ्य खिल उठे. साथ ही साथ मैं चाहता हूं कि देश के नौजवानों को ग्लोबल एक्सपोजर भी मिले.
दुनिया भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहती है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अभी दो दिन पहले मैं पांच देशों की यात्रा करके लौटा हूं. कहने को तो ये सिर्फ पांच देशों की यात्रा थी, लेकिन इस दौरान मेरी दर्जनों देशों की बड़ी बड़ी कंपनियों के लीडर्स से बातें हुईं, विस्तार से चर्चा हुईं. इस दौरान हर जगह मैंने एक बात समान रूप से महसूस की है. दुनिया भारत के युवाओं और भारत की टेक्नोलॉजिकल प्रोग्रेस को लेकर बहुत उत्साहित है. आज दुनिया भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहती है.
भारत के इंजीनियर्स, टेक्निशियन्स और स्किल्ड वर्कर्स की मांग बढ़ने वाली है
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, हरित हाइड्रोजन और टिकाऊ विनिर्माण से जुड़े क्षेत्र भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. इनसे जुड़ी पार्टनरशिप एक नई अर्थव्यवस्था के, नए अवसर के दरवाजे खोल रही है. स्वीडन, नॉर्वे और इटली जैसे देशों के साथ ग्रीन ट्रांजिशन और टिकाऊ प्रौद्योगिकी में भी सहयोग बढ़ रहा है. ये भारत को स्वच्छ विनिर्माण से जुड़ी भविष्य के उद्योगों में मजबूत करेगा. यूएई और नॉर्वे के साथ पार्टनरशिप से भारत का जहाज निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा. यानी, भारत के इंजीनियर्स, टेक्निशियन्स और स्किल्ड वर्कर्स के लिए इतनी मांग बढ़ने वाली है जिसकी आप कल्पना नहीं कर सकते हैं.