फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, दोषियों को नहीं बख्शेंगे… CJP के विरोध के बीच पहली बार बोले PM मोदी

NEET Paper Leak: NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि ऐसे मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे. उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा देने का भरोसा जताया. वहीं सरकार ने संसद में चर्चा की तैयारी जताई, जबकि राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत छात्रों की मांगों का समर्थन किया.

नोएडा | Updated On: 23 Jul, 2026 | 11:45 AM

PM Modi On Neet Paper Leak: देशभर में NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने ऐलान किया कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, ताकि दोषियों को जल्दी और कड़ी सजा मिल सके.

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब दिल्ली समेत कई जगहों पर छात्र और राजनीतिक दल पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं. विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि वह इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है.

पीएम मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि पेपर लीक के सभी मामलों का तेजी से निपटारा करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे और संबंधित विभागों को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा.

फास्ट ट्रैक कोर्ट से क्या होगा फायदा?

सरकार का मानना है कि अभी पेपर लीक से जुड़े कई मामले लंबी कानूनी प्रक्रिया में फंस जाते हैं. फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने से ऐसे मामलों की सुनवाई तेजी से होगी और दोषियों को जल्द सजा मिल सकेगी. इससे भविष्य में परीक्षा से जुड़े अपराधों पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी और छात्रों का भरोसा मजबूत होगा.

सरकार बोली- संसद में चर्चा के लिए तैयार हैं

इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने कहा कि सरकार NEET पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में विस्तार से चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने विपक्ष से अपील की कि आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करने के बजाय इस समस्या का स्थायी समाधान खोजने में सहयोग करे. नड्डा ने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और सरकार उनकी चिंता को गंभीरता से ले रही है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है.

राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री के बयान के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर होने दिया और पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं की. राहुल गांधी ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, छात्रों से माफी और प्रदर्शन के दौरान हुई कथित कार्रवाई की जांच की मांग दोहराई.

प्रियंका गांधी वाड्रा का सरकार से सवाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक्स’ पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि छात्रों का व्यवस्था पर भरोसा टूट चुका है. उन्होंने कहा, “आप अपनी पोस्ट में कहते हैं कि, आपको छात्रों पर भरोसा है, लेकिन फिर छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों किया जा रहा है?” प्रियंका गांधी ने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार लोगों, खासकर छात्रों की शिकायतों और समस्याओं को सुने. उनका कहना था कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी बात सुनकर समाधान निकालना चाहिए.रियंका गांधी वाड्रा का सरकार से सवाल

CJP के विरोध प्रदर्शन पर हाई कोर्ट में पहुंचा मामला

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की अगुवाई में सोमवार को हुए संसद मार्च के बाद विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया है. छात्रों के साथ अब कई राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर सक्रिय हो गए हैं. मुंबई, नागपुर समेत महाराष्ट्र के कई शहरों में CJP के समर्थन में कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि राजस्थान और हरियाणा सहित कई राज्यों में कांग्रेस ने भी प्रदर्शन किए.

इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने CJP के धरने और विरोध प्रदर्शन की एनआईए से जांच कराने की मांग वाली याचिका स्वीकार कर ली है. याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस तथाकथित छात्र आंदोलन की वजह से पूरी दिल्ली प्रभावित हुई. इस मामले पर शुक्रवार को हाई कोर्ट में सुनवाई होगी.

देशभर में जारी है विरोध प्रदर्शन

NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर कई छात्र संगठन और राजनीतिक दल लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए, जहां शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई गई.

अब सरकार की ओर से फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा के बाद इस मुद्दे पर बहस और तेज हो गई है. एक ओर सरकार इसे छात्रों के हित में बड़ा कदम बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष का कहना है कि सिर्फ घोषणा नहीं, बल्कि जिम्मेदार लोगों पर ठोस कार्रवाई भी जरूरी है. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और राजनीति दोनों में चर्चा जारी रहने की संभावना है.

Published: 23 Jul, 2026 | 11:38 AM

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