घर से शुरू करें फूड प्रोसेसिंग का बिजनेस, सरकार देगी 10 लाख रुपये तक की मदद!
PMFME Scheme 2026: प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत अचार, पापड़, मसाले, बेकरी और फल-सब्जियों के प्रोसेसिंग जैसे छोटे खाद्य कारोबार के लिए आर्थिक मदद मिल सकती है. पात्र कारोबारियों को परियोजना लागत पर 35 फीसदी तक, अधिकतम 10 लाख रुपये की सब्सिडी का प्रावधान है. SHG सदस्यों को 40,000 रुपये तक सीड कैपिटल भी मिल सकता है.
Food Processing Subsidy: अगर आप अचार, मसाले, बेकरी, फल-सब्जियों की प्रोसेसिंग या किसी दूसरे छोटे खाद्य कारोबार को शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना यानी PMFME काम की हो सकती है. इस योजना का मकसद छोटे खाद्य कारोबारियों को आर्थिक मदद के साथ तकनीकी और कारोबार से जुड़ी सहायता देना है, ताकि वे अपने काम को शुरू करने के साथ आगे भी बढ़ा सकें. खास बात यह है कि योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को कारोबार की परियोजना लागत पर 35 फीसदी तक सब्सिडी मिल सकती है. इसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये तय की गई है.
प्रोजेक्ट लागत पर 35 फीसदी तक मिलेगी सब्सिडी
PMFME योजना के तहत छोटे खाद्य प्रोसेसिंग कारोबार को शुरू करने या पहले से चल रहे कारोबार का विस्तार करने के लिए आर्थिक मदद मिलती है. पात्र आवेदक को परियोजना की लागत पर अधिकतम 35 फीसदी तक सब्सिडी दी जा सकती है. इस सब्सिडी का इस्तेमाल मशीन, उपकरण और कारोबार से जुड़ी दूसरी जरूरी चीजों के लिए किया जा सकता है. यानी अगर कोई व्यक्ति छोटे स्तर पर अचार, मसाले, पापड़, बेकरी या फल-सब्जियों से जुड़े प्रोडक्ट तैयार करता है, तो उसे अपना कारोबार बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
SHG सदस्यों को 40 हजार रुपये तक सीड कैपिटल
इस योजना में स्वयं सहायता समूह यानी SHG से जुड़े लोगों के लिए भी खास मदद का प्रावधान है. पात्र SHG सदस्यों को खाद्य प्रोसेसिंग से जुड़े जरूरी उपकरण खरीदने और कारोबार की शुरुआती जरूरतें पूरी करने के लिए 40,000 रुपये तक सीड कैपिटल मिल सकता है. इससे उन महिलाओं और छोटे समूहों को खास फायदा हो सकता है, जो घर या गांव से छोटे स्तर पर खाद्य उत्पाद तैयार कर बेचने का काम शुरू करना चाहते हैं.
किन लोगों को मिल सकता है फायदा?
PMFME योजना का लाभ सिर्फ किसी एक तरह के कारोबारी तक सीमित नहीं है. मौजूदा खाद्य प्रोसेसिंग इकाइयों के साथ नए उद्यमी भी इसके लिए पात्र हो सकते हैं. इसके अलावा किसान उत्पादक संगठन यानी FPO, स्वयं सहायता समूह और सहकारी समितियां भी योजना के तहत लाभ ले सकती हैं. नए कारोबारी ‘एक जिला, एक उत्पाद’ यानी ODOP के तहत अपने जिले के प्रमुख खाद्य उत्पाद पर आधारित कारोबार शुरू कर सकते हैं. इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार देने और छोटे कारोबार को एक व्यवस्थित रूप में आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
आवेदन के लिए किन चीजों की जरूरत होगी?
PMFME योजना का लाभ लेने के लिए आधिकारिक पोर्टल pmfme.mofpi.gov.in के जरिए आवेदन किया जा सकता है. आवेदन करते समय कारोबार और परियोजना से जुड़ी जानकारी देनी होती है. आवेदक को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR के साथ पैन कार्ड, आधार, निवास प्रमाण और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी भी देनी पड़ सकती है. इसके बाद आवेदन की जांच और लोम स्वीकृति जैसी प्रक्रिया पूरी होती है.
छोटे कारोबार को बड़ा बनाने का मौका
PMFME जैसी योजनाओं का मकसद यही है कि छोटे खाद्य कारोबार सिर्फ घर या स्थानीय बाजार तक सीमित न रहें, बल्कि बेहतर मशीनरी, पैकेजिंग और कारोबार की जानकारी के साथ आगे बढ़ सकें. अचार, पापड़, मसाले, बेकरी और फल-सब्जियों की प्रोसेसिंग जैसे कामों में पहले से जुड़े लोगों के लिए यह योजना अपने कारोबार को विस्तार देने का एक रास्ता बन सकती है. हालांकि, सब्सिडी और आर्थिक मदद पात्रता और तय सरकारी प्रक्रिया के अनुसार ही मिलती है. इसलिए आवेदन करने से पहले योजना की आधिकारिक शर्तों और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जरूर जांचना जरूरी है.