Kisan Andolan: भारत-अमेरिका के प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के विरोध में पंजाब से हजारों किसान आज दिल्ली कूच के लिए शंभू बॉर्डर पर पहुंच गए हैं. देश बचाओ मोर्चा ने इस समझौते को रद्द करने की मांग को लेकर यह आंदोलन बुलाया है. वहीं, किसानों के दिल्ली मार्च को देखते हुए शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इलाके में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी गई है. दोनों ओर बैरिकेड लगाए गए हैं और वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है.
अमृतसर और गुरदासपुर से किसान शंभू बॉर्डर के रास्ते दिल्ली जाने की तैयारी में हैं. किसानों की मुख्य मांग है कि भारत-अमेरिका के प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को रद्द किया जाए. किसानों के दिल्ली मार्च से पहले शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. किसानों का कहना है कि अगर भारत-अमेरिका FTA लागू हुआ तो इसका सबसे ज्यादा असर खेती, डेयरी और गांवों की आजीविका पर पड़ेगा. उनका दावा है कि विदेशी कृषि और डेयरी उत्पादों के आने से भारतीय किसानों को नुकसान होगा और छोटे किसानों के लिए खेती करना मुश्किल हो सकता है.
#WATCH आज दिल्ली की ओर अपने तय मार्च से पहले बड़ी संख्या में किसान शंभू बॉर्डर (पंजाब-हरियाणा बॉर्डर) पहुँचे।
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वीडियो पटियाला (पंजाब) की तरफ़ से है। pic.twitter.com/LauQZWYaBD
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 21, 2026
मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया
दिल्ली मार्च में शामिल होने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के नेता भी जल्द शंभू बॉर्डर पहुंचेंगे. किसान नेता सरवन सिंह पंढेर भी आंदोलन में शामिल होंगे. सुरक्षा के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है और पुलिसकर्मी दंगा रोधी उपकरणों के साथ मौजूद हैं. हालांकि, पिछले किसान आंदोलनों की तुलना में इस बार पुलिस बल की तैनाती कम है.
क्या बोले किसान नेता
शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो. वहीं, किसान संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. भारत-अमेरिका FTA को लेकर किसानों का यह प्रदर्शन अब अहम मोड़ पर है और आगे की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है. वहीं, किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि फरवरी 2025 में भारत और अमेरिका के संयुक्त बयान में दोनों देशों ने एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) करने की दिशा में काम करने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि यह समझौता सिर्फ कुछ उत्पादों तक सीमित नहीं होगा, बल्कि कृषि, डेयरी, उद्योग, डिजिटल व्यापार, ई-कॉमर्स, निवेश, सरकारी खरीद, बौद्धिक संपदा अधिकार और सेवा क्षेत्र जैसे कई क्षेत्रों को भी शामिल कर सकता है.